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Sakat Chauth 2026: इन चीजों के बिना अधूरी है सकट चौथ पूजा, नोट कर लें पूजन सामग्री

Sakat Chauth 2026: इन चीजों के बिना अधूरी है सकट चौथ पूजा, नोट कर लें पूजन सामग्री

संक्षेप:

सकट चौथ को तिल-कुटा चौथ, माघी चौथ आदि के नाम से भी जाना जाता है। सकट चौथ व्रत सकट माता, भगवान गणेश और चंद्र देवता की पूजा-अर्चना और व्रत से जुड़ा है। इस दिन चंद्रमा को अर्घ्य देने से व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है। कुछ पूजन सामग्री ऐसी हैं जिनके बिना सकट चौथ व्रत पूजा अधूरा रहता है।

Jan 04, 2026 01:41 pm ISTDheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
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सनातन परंपरा में संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए सकट चौथ व्रत का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है। यह व्रत माघ मास के कृष्णपक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। इसको तिलवा चौथ, तिल-कुटा चौथ, माघी चौथ, वक्र-तुण्डि चतुर्थी आदि के नाम से भी जाना जाता है। सकट चौथ व्रत सकट माता, भगवान गणेश और चंद्र देवता की पूजा-अर्चना और व्रत से जुड़ा है। इस दिन चंद्रमा को अर्घ्य देने से व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है। लेकिन कुछ पूजन सामग्री ऐसी हैं जिनके बिना सकट चौथ का व्रत अधूरा रहता है।

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2026 में कब सकट चौथ व्रत

पंचांग के मुताबिक चतुर्थी तिथि 6 जनवरी 2026 को प्रातः 08:01 बजे प्रारंभ होकर 07 जनवरी 2026 को प्रातः 06:52 बजे समाप्त होगी। ऐसे में सकट चौथ का व्रत 6 जनवरी 2026, मंगलवार को रखा जाएगा। सकट चौथ के दिन सुबह से प्रीति योग 08:21 पी एम तक रहेगा, जिसके बाद आयुष्मान् योग रहेगा। इस दिन चंद्र देव का उदय रात्रि 08:54 बजे होगा, जिसके बाद महिलाएं चंद्र दर्शन कर व्रत का पारण करेंगी।

सकट चौथ की पूज सामग्री

सकट चौथ की पूजा में जल, सुपारी, जनेऊ, लौंग, चौकी, फूल, गंगाजल, देसी घी, तिल के लड्डू, फल, कलश, दीपक, दूध, मोदक, धूप और गणेश जी की प्रतिमा चीजें शामिल करें। साथ ही पान का पत्ता, लौंग, रोली, आरती किताब, 21 गांठ दूर्वा गाय का घी, फूल माला, इलायची, दूर्वा, पीले या लाल फूल, तिल से बना भोग भी शामिल करें।

सकट चौथ के दिन क्या करें

-सकट चौथ के दिन सुबह स्नान करने के बाद व्रत का संकल्प लें।
- इसके बाद विधिपूर्वक गणपति बप्पा की पूजा करें। सकट चौथ व्रत कथा का पाठ करें।
-तिल के लड्डू का भोग लगाएं।
-मंदिर या गरीब लोगों में तिल, अन्न और धन समेत आदि चीजों का दान करें।
-रात में चंद्र दर्शन करने बाद भोजन करें।

इन चीजों का करें दान
सकट चौथ पर आप घी, गुड़, तिल, गर्म कपड़े, तांबे के पात्र और अन्न का दान करना बेहद शुभ माना जाता है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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संक्षिप्त विवरण
धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

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धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।

धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

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