
सकट चौथ पर ऐसे करें चांद की पूजा, नोट कर लें ये 10 जरूरी बातें
Sakat Chauth 2026: सकट चौथ का व्रत संतान की सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली के लिए रखा जाता है। इस दिन महिलाएं पूरे दिन व्रत रखती हैं और रात में चांद के दर्शन के बाद ही व्रत खोलती हैं। मान्यता है कि सकट चौथ पर गणेश जी और चंद्र देव की विधि-विधान से पूजा करने से जीवन की परेशानियां कम होती हैं।
Sakat Chauth 2026: सकट चौथ का व्रत संतान की सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली के लिए रखा जाता है। इस दिन महिलाएं पूरे दिन व्रत रखती हैं और रात में चांद के दर्शन के बाद ही व्रत खोलती हैं। मान्यता है कि सकट चौथ पर गणेश जी और चंद्र देव की विधि-विधान से पूजा करने से जीवन की परेशानियां कम होती हैं। अगर आप भी सकट चौथ का व्रत रख रही हैं, तो चांद की पूजा से जुड़ी ये 10 जरूरी बातें जरूर जान लें…
1. चंद्र दर्शन का सही समय देखें
सकट चौथ का व्रत चंद्र दर्शन के बाद ही खोला जाता है। इसलिए पहले से अपने शहर का चांद निकलने का समय पता कर लें।
2. स्नान के बाद ही पूजा करें
शाम के समय या चंद्र दर्शन से पहले स्नान कर लें। साफ वस्त्र पहनकर ही पूजा की तैयारी करें।
3. पूजा की जगह साफ रखें
जिस स्थान पर चंद्र देव को अर्घ्य देना है, वहां साफ-सफाई जरूर रखें। कई लोग छत या खुले आंगन में चंद्र पूजा करते हैं।
4. पूजा थाली में क्या रखें
थाली में जल से भरा लोटा, दूध, अक्षत, फूल, दीपक, धूप और नैवेद्य रखें। तिल या गुड़ से बनी चीजें रखना शुभ माना जाता है।
5. चंद्र देव को अर्घ्य कैसे दें
चांद दिखते ही लोटे में जल या दूध लेकर चंद्र देव को अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय मन में संतान और परिवार की मंगल कामना करें।
6. चंद्र मंत्र या सरल प्रार्थना
अगर मंत्र नहीं आता तो सरल शब्दों में प्रार्थना करें।
चंद्रमा का बीज मंत्र- “ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः चन्द्राय नमः।”
इसे 11, 21 या 108 बार जप सकते हैं। यह मन की शांति और मानसिक संतुलन के लिए माना जाता है।
सरल चंद्र मंत्र (सामान्य पूजा के लिए)
“ॐ चन्द्राय नमः।”
👉 जो लोग लंबे मंत्र नहीं पढ़ पाते, उनके लिए यह सबसे आसान और प्रभावी मंत्र है।
7. गणेश जी का स्मरण जरूरी
सकट चौथ गणेश जी से जुड़ा व्रत है। चंद्र पूजा से पहले या बाद में गणेश जी का ध्यान और नाम स्मरण जरूर करें।
8. चंद्रमा को नंगी आंखों से देखें
अर्घ्य देने के बाद कुछ देर चांद को शांत मन से देखें। मान्यता है कि इससे मन को शांति मिलती है।
9. व्रत पारण संयम से करें
चंद्र पूजा के बाद हल्का भोजन करें। सबसे पहले प्रसाद ग्रहण करें, फिर सामान्य भोजन लें।
10. मन में न रखें नकारात्मक भाव
सकट चौथ के दिन व्रत के साथ व्यवहार भी संयमित रखें। क्रोध, विवाद और नकारात्मक सोच से दूर रहें।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।





