
Sakat Chauth 2026: सकट चौथ पर भगवान गणेश और चंद्रमा को जरूर चढ़ाएं ये 7 चीजें, मनोकामना पूर्ति की है मान्यता
सकट चौथ का व्रत भगवान गणेश और चंद्र देव को समर्पित होता है। यह व्रत खासतौर पर संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार की सुख-शांति के लिए रखा जाता है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से पूजा करने और कुछ विशेष चीजें अर्पित करने से गणेश जी जल्दी प्रसन्न होते हैं।
Sakat Chauth: सकट चौथ का व्रत भगवान गणेश और चंद्र देव को समर्पित होता है। यह व्रत खासतौर पर संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार की सुख-शांति के लिए रखा जाता है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से पूजा करने और कुछ विशेष चीजें अर्पित करने से गणेश जी जल्दी प्रसन्न होते हैं और चंद्रमा की कृपा से मन को शांति मिलती है। अगर आप सकट चौथ का व्रत कर रहे हैं, तो पूजा में ये 7 चीजें जरूर शामिल करें, ताकि व्रत का पूरा फल मिल सके। आइए जानते हैं, सकट चौथ पर भगवान गणेश और चंद्रमा को क्या अर्पित करें-
1. तिल
सकट चौथ को कई जगह तिलकुटा चौथ भी कहा जाता है। इस दिन काले या सफेद तिल का विशेष महत्व होता है। तिल से बने लड्डू या तिल को पूजा में चढ़ाने से पापों का नाश होता है और जीवन में आ रही बाधाएं दूर होती हैं। माना जाता है कि तिल शनि और चंद्र से जुड़े दोषों को भी शांत करता है।
2. गुड़
गुड़ को मिठास और शुभता का प्रतीक माना जाता है। सकट चौथ पर गणेश जी को गुड़ या गुड़ से बनी मिठाई चढ़ाने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। साथ ही आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव से राहत मिलती है।
3. मोदक या लड्डू
भगवान गणेश को मोदक अत्यंत प्रिय हैं। अगर मोदक उपलब्ध न हों तो बेसन, तिल या गुड़ के लड्डू भी चढ़ा सकते हैं। मान्यता है कि मोदक चढ़ाने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है।
4. दूर्वा
दूर्वा सकट चौथ की पूजा में बेहद जरूरी मानी जाती है। गणेश जी को दूर्वा अर्पित करने से वे शीघ्र प्रसन्न होते हैं। शास्त्रों के अनुसार 21 या 11 दूर्वा की गांठ चढ़ाना विशेष फलदायी होता है। दूर्वा शुद्धता, लंबी आयु और स्थिरता का प्रतीक है।
5. दूध और जल
चंद्र देव को अर्घ्य देने के लिए दूध या साफ जल का प्रयोग किया जाता है। चंद्र दर्शन के बाद दूध या जल अर्पित करने से मानसिक अशांति दूर होती है और मन को शांति मिलती है। यह पूजा भावनात्मक संतुलन के लिए भी लाभकारी मानी जाती है।
6. अक्षत (साफ चावल)
अक्षत यानी बिना टूटे चावल पूजा में पवित्रता और समर्पण का प्रतीक होते हैं। गणेश जी और चंद्र देव दोनों को अक्षत अर्पित करना शुभ माना जाता है। इससे पूजा पूर्ण मानी जाती है।
7. दीपक और धूप
सकट चौथ की पूजा में घी या तेल का दीपक जरूर जलाएं। दीपक अंधकार को दूर कर सकारात्मक ऊर्जा फैलाता है। धूप-दीप से वातावरण शुद्ध होता है और पूजा का प्रभाव बढ़ता है।
ध्यान रखने वाली बातें
सकट चौथ पर चंद्र दर्शन के बाद ही चंद्रमा को अर्घ्य दें और व्रत का पारण करें।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।





