Snake Ring: सांप वाली रिंग आपको दे सकती है 6 फायदे, पहनने से पहले जान लें सही धातु और नियम

Garima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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Snake Ring Benefits: आजकल सर्प डिजाइन वाली अंगूठी फैशन और ज्योतिष दोनों वजहों से चर्चा में है। जानें इसे किसे पहनना चाहिए और किस धातु  में इसे बनवाकर पहनने से लाभ दोगुना हो सकता है? बिना सलाह के इसे धारण करने से नुकसान भी हो सकते हैं।

Snake Ring: सांप वाली रिंग आपको दे सकती है 6 फायदे, पहनने से पहले जान लें सही धातु और नियम

आजकल सांप डिजाइन वाली अंगूठी फैशन और ज्योतिष दोनों वजहों से काफी चर्चा में है। कई लोग इसे स्टाइल स्टेटमेंट के रूप में पहनते हैं तो वहीं कुछ लोग इसी ज्योतिषीय मान्यता की वजह से धारण करते हैं। मान्यता है कि सही सलाह और सही तरीके से पहनी गई सर्प आकृति वाली ये अंगूठी किसी भी व्यक्ति की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। ये अंगूठी कॉन्फिडेंस को बढ़ाने के साथ-साथ नकारात्मकता को दूर करने में मददगार मानी जाती है। हालांकि हर व्यक्ति के लिए इसका असर अलग हो सकता है। ऐसे में आधी-अधूरी जानकारी या सलाह के बिना इसे पहनने से कई नुकसान भी हो सकते हैं। आइए जानते हैं कि इस अंगूठी को किसे पहनना चाहिए और किस धातु में इसे पहनने से लाभ मिलते हैं?

सर्प आकृति वाली अंगूठी के फायदे

ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार सांप को शक्ति और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। कई लोग सर्प डिजाइन वाली अंगूठी को कॉन्फिडेंस और सकारात्मक ऊर्जा से जोड़कर देखते हैं। माना जाता है कि इसे पहनने से नकारात्मक सोच कम हो सकती है। ऐसी भी मान्यता है कि इसे पहनने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है और साथ में स्वास्थ्य भी बेहतर होता है। कुछ लोग इसे बुरी नजर से बचाव का प्रतीक भी मानते हैं। हालांकि अभी तक इन बातों का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है और इसका असर हर व्यक्ति की मान्यता, श्रद्धा और पसंद पर डिपेंड करता है।

इन लोगों को मिल सकता है लाभ

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिन लोगों की कुंडली में राहु-केतु या कालसर्प दोष जैसी दिक्कतें होती हैं उन्हें सर्प अंगूठी पहनने की सलाह दी जाती है। हालांकि इस अंगूठी को किसी अच्छे ज्योतिषी को कुंडली दिखाने के बाद ही धारण करनी चाहिए। बिना कुंडली दिखाएं इस अंगूठी को पहनना नुकसानदायक हो सकता है।

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किस धातु की हो सांप वाली अंगूठी?

सांप के डिजाइन वाली अंगूठी अगर चांदी में बनवाई जाए तो इसे काफी शुभ माना जाता है। तमाम लोग इसकी तांबे और कांसे वाली अंगूठी को भी पहनते हैं। मान्यता है कि सही धातू में इस अंगूठी को पहनने से जिंदगी में सकारात्मक बदलाव आते हैं।

रखें इस बात का ध्यान

ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार सर्प डिजाइन वाली अंगूठी हर व्यक्ति के लिए शुभ नहीं मानी जाती है। कहा जाता है कि गलत तरीके या बिना सलाह के इसे पहनने पर मानसिक तनाव में वृद्धि हो सकती है। साथ ही बेचैनी या मन अशांत रहने जैसी दिक्कत भी महसूस हो सकती हैं। इसी वजह से इसे धारण करने से पहले सही जानकारी और जानकार की सलाह लेना बेहतर माना जाता है।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो: गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।

परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।

करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।

एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।

व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।

विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
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