Rog Panchak May 2026: 10 मई से शुरू होगा रोग पंचक, 5 दिनों तक रहें सतर्क, गलती से भी ना करें ये काम

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

Rog Panchak: मई 2026 में 10 मई से 14 मई तक रोग पंचक चलेगा। इन 5 दिनों में स्वास्थ्य, यात्रा और शुभ कार्यों को लेकर रहें सतर्क। रोग पंचक में क्या नहीं करना चाहिए, किन बातों का ध्यान रखें और कैसे बचें नकारात्मक प्रभाव से, इस लेख में विस्तार से जानिए।

Rog Panchak May 2026: 10 मई से शुरू होगा रोग पंचक, 5 दिनों तक रहें सतर्क, गलती से भी ना करें ये काम

हिंदू ज्योतिष शास्त्र में पंचक को बेहद अशुभ माना जाता है। इन पांच दिनों में कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य करने से बचना चाहिए, क्योंकि इस दौरान किए गए काम अक्सर विफल हो जाते हैं या नुकसान पहुंचाते हैं। मई 2026 में लगने वाला पंचक रविवार से शुरू हो रहा है, इसलिए इसे रोग पंचक कहा जा रहा है। इस बार पंचक का प्रभाव स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति पर ज्यादा पड़ सकता है।

रोग पंचक कब से कब तक रहेगा?

हिंदू पंचांग के अनुसार, मई 2026 में पंचक 10 मई 2026, रविवार को दोपहर 12 बजकर 08 मिनट से शुरू होगा। यह 5 दिनों तक चलेगा और 14 मई 2026 को रात 10 बजकर 34 मिनट पर समाप्त होगा। चंद्रमा कुंभ और मीन राशि के पांच नक्षत्रों धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपदा, उत्तराभाद्रपदा और रेवती में गोचर करता है, तो उसे पंचक कहा जाता है।

रोग पंचक क्यों माना जाता है अशुभ?

जब पंचक रविवार को शुरू होता है, तो उसे रोग पंचक कहते हैं। वैदिक ज्योतिष ग्रंथों के अनुसार, इस दौरान पुरानी बीमारियां उभर सकती हैं, मानसिक तनाव बढ़ सकता है और शरीर में थकान या कमजोरी महसूस हो सकती है। स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ने की आशंका रहती है, इसलिए इस अवधि में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

किन लोगों को रहना चाहिए ज्यादा सतर्क?

  • जो लोग पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं।
  • घर के बुजुर्ग और छोटे बच्चे, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है।
  • वे लोग जो मानसिक तनाव, डिप्रेशन या एंग्जायटी से पीड़ित हैं।
  • जिन्हें काम के सिलसिले में लंबी यात्राएं या ज्यादा भागदौड़ करनी पड़ती है।

इन लोगों को स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए और अनावश्यक जोखिम नहीं लेना चाहिए।

पंचक में भूलकर भी ना करें ये काम

  1. दक्षिण दिशा में यात्रा ना करें - दक्षिण दिशा यमराज की दिशा मानी जाती है। पंचक में इस दिशा की यात्रा जान-माल के नुकसान का कारण बन सकती है।
  2. नया निर्माण या छत डलवाना वर्जित - इस दौरान कोई नया मकान बनवाना या छत डलवाना पूरी तरह अशुभ माना जाता है।
  3. लकड़ी, घास या ईंधन इकट्ठा ना करें - पंचक में सूखी लकड़ी, घास या आग पकड़ने वाला सामान जमा करने से आग लगने का खतरा बढ़ जाता है।
  4. मांगलिक कार्य ना करें - शादी, सगाई, मुंडन, गृह प्रवेश या कोई भी शुभ काम पंचक में बिल्कुल नहीं करना चाहिए।

पंचक में कैसे रखें सुरक्षा

घर में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। अनावश्यक विवाद या यात्रा से बचें। बुजुर्गों और बच्चों का खास ख्याल रखें। अगर स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

रोग पंचक का समय सतर्कता और संयम का समय है। अगर हम इन 5 दिनों में जरूरी सावधानियां बरत लें, तो नुकसान से बचा जा सकता है। 10 से 14 मई 2026 तक सतर्क रहकर आप इस अशुभ अवधि को बिना किसी परेशानी के पार कर सकते हैं।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Navaneet Rathaur

लेखक के बारे में

Navaneet Rathaur

संक्षिप्त विवरण

नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।


विस्तृत बायो परिचय और अनुभव

डिजिटल मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे नवनीत राठौर धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा में पाठकों के लिए परोसते हैं। वो अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और करीब 5 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान नवनीत ने वेबस्टोरी, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।


नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।


विशेषज्ञता (Areas of Expertise)

अंक ज्योतिष
हस्तरेखा विज्ञान
वास्तु शास्त्र
वैदिक ज्योतिष

और पढ़ें
जानें लेटेस्ट Dharm News, Aaj ka Rashifal और सटीक Panchang की जानकारी। अपनी डेली पूजा के लिए यहाँ पढ़ें Shiv Chalisa, Hanuman Chalisa और Bajrang Baanहिंदू कैलेंडर 2026 की शुभ तिथियों के साथ अपने हर दिन को खास बनाएं!