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भटकता रहता है मन और सेहत भी है खराब, तो जान लें ये ग्रह हो सकता है खराब

भटकता रहता है मन और सेहत भी है खराब, तो जान लें ये ग्रह हो सकता है खराब

संक्षेप:

कुंडली में अगर चंद्र कमजोर, पीड़ित, नीच राशि में, शत्रु ग्रहों से दृष्ट या अशुभ भाव में स्थित हो, तो व्यक्ति का मन हमेशा भटकता रहता है। ज्योतिष शास्त्र में चंद्र ग्रह को मन, भावनाओं, माता, मानसिक स्वास्थ्य और शरीर की तरलता का कारक माना जाता है।

Jan 12, 2026 08:55 pm ISTNavaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
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ज्योतिष शास्त्र में चंद्र ग्रह को मन, भावनाओं, माता, मानसिक स्वास्थ्य और शरीर की तरलता का कारक माना जाता है। कुंडली में अगर चंद्र कमजोर, पीड़ित, नीच राशि में, शत्रु ग्रहों से दृष्ट या अशुभ भाव में स्थित हो, तो व्यक्ति का मन हमेशा भटकता रहता है। एकाग्रता नहीं बनती, छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़ापन आता है, नींद की कमी होती है, डर-चिंता बनी रहती है और सेहत भी बार-बार बिगड़ती है। पेट, छाती, आंखें, रक्तचाप, पानी से जुड़ी बीमारियां और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। अगर आप भी यही महसूस कर रहे हैं कि मन कहीं स्थिर नहीं बैठता और सेहत लगातार खराब रहती है, तो संभव है आपकी कुंडली में चंद्र कमजोर हो। आइए जानते हैं इसके लक्षण और मजबूत करने के सरल ज्योतिषीय उपाय।

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कमजोर चंद्र के मुख्य लक्षण - मन और शरीर दोनों पर असर

कुंडली में कमजोर चंद्र के कुछ स्पष्ट लक्षण होते हैं:

  • मन हमेशा भटकता रहता है, एकाग्रता नहीं बनती।
  • छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा या उदासी छा जाती है।
  • नींद बहुत हल्की या बिल्कुल नहीं आती।
  • मां के स्वास्थ्य या रिश्ते में परेशानी रहती है।
  • बार-बार पानी से जुड़ी बीमारी (पेट खराब, सर्दी-खांसी, आंखों की समस्या)।
  • भावुकता ज्यादा होने से निर्णय लेने में कठिनाई।
  • चेहरे पर चमक की कमी और आंखों के नीचे काले घेरे।

अगर आप इनमें से 3-4 लक्षण महसूस कर रहे हैं, तो संभव है चंद्र कमजोर होगा।

चंद्र कमजोर होने के मुख्य कारण

जन्म कुंडली में चंद्र के कमजोर होने के कुछ प्रमुख कारण:

  • चंद्र नीच राशि (वृश्चिक) में हो।
  • चंद्र पर पाप ग्रह (शनि, राहु, केतु) की दृष्टि या युति हो।
  • चंद्र 6, 8 या 12 भाव में हो।
  • चंद्र मंगल या शनि के साथ हो।
  • जन्म के समय चंद्रमा अस्त हो या बहुत कम डिग्री में हो।

ये सभी स्थितियां चंद्र की शक्ति को कम करती हैं, जिससे मन अस्थिर और शरीर कमजोर हो जाता है।

चंद्र को मजबूत करने के सरल घरेलू उपाय

चंद्र को मजबूत करने के लिए रोजाना ये छोटे-छोटे उपाय बहुत प्रभावी हैं:

  • सोमवार का व्रत रखें या कम से कम सोमवार को दूध-चावल का भोजन करें।
  • रोज सुबह चंद्र देव को जल अर्पित करें (अर्घ्य दें) और 'ॐ सोम सोमाय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें।
  • सफेद चीजों (दूध, चावल, चीनी, मोती) का दान सोमवार को करें।
  • चांदी का चंद्र यंत्र या मोती धारण करें (ज्योतिषी से जांच करवाकर)।
  • रात को सोने से पहले चंद्रमा को नमस्कार करें और 'ॐ चन्द्राय नमः' 11 बार बोलें।

ये उपाय नियमित करने से मन शांत होता है और सेहत में सुधार आता है।

चंद्र मजबूत करने के विशेष मंत्र और पूजा

कमजोर चंद्र के लिए सबसे प्रभावी मंत्र:

  • मूल मंत्र: ॐ सोम सोमाय नमः (108 बार रोज)
  • बीज मंत्र: ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्राय नमः (21,000 बार जाप)
  • चंद्र गायत्री मंत्र: ॐ पद्मद्वजाय विद्महे हेमरूपाय धीमहि तन्नो सोमः प्रचोदयात्

सोमवार को शिवलिंग पर दूध और चावल का अभिषेक करें। चंद्र यंत्र की पूजा करें। सफेद वस्त्र पहनें और चंदन का तिलक लगाएं। ये उपाय 40 दिन तक नियमित करने से चंद्र मजबूत हो जाता है।

चंद्र मजबूत होने के बाद मिलने वाले लाभ

जब चंद्र मजबूत होता है, तो मन स्थिर रहता है, एकाग्रता बढ़ती है और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है। सेहत में सुधार आता है - नींद अच्छी आती है, पेट संबंधी समस्याएं कम होती हैं और मानसिक तनाव दूर हो जाता है। रिश्तों में मधुरता आती है और मां का स्वास्थ्य अच्छा रहता है। करियर और आर्थिक स्थिति में स्थिरता आती है। कुल मिलाकर जीवन में शांति और सकारात्मकता बढ़ती है।

कमजोर चंद्रमा जीवन में अशांति लाता है, लेकिन नियमित उपायों से इसे मजबूत किया जा सकता है। सोमवार व्रत, मंत्र जप और माता की सेवा से चंद्रमा प्रसन्न होता है। ज्योतिष मार्गदर्शन है, कर्म प्रधान हैं। इन उपायों को अपनाकर मन शांत और सेहत अच्छी रखें।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Navaneet Rathaur

लेखक के बारे में

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संक्षिप्त विवरण

नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।


विस्तृत बायो परिचय और अनुभव

डिजिटल मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे नवनीत राठौर धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा में पाठकों के लिए परोसते हैं। वो अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और करीब 5 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान नवनीत ने वेबस्टोरी, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।


नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।


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