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जाप माला में क्यों होते हैं 108 दाने? सूर्य और शिवजी से जुड़ा है कनेक्शन

जाप माला में क्यों होते हैं 108 दाने? सूर्य और शिवजी से जुड़ा है कनेक्शन

संक्षेप:

क्या आपने कभी सोचा है कि रुद्राक्ष की माला में हमेशा 108 दाने क्यों होते हैं? या नाम जाप 108 बार ही क्यों होता है? नीचे विस्तार से जानें इन सवालों के जवाब…

Jan 14, 2026 03:36 pm ISTGarima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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हिंदू धर्म में 108 नंबर को बेहद ही खास माना जाता है। पूजा हो या फिर कोई विशेष मंत्र जाप या फिर भगवान के नाम का स्मरण करना हो, हर जगह 108 संख्या की बात होती है। ये नंबर ऐसे ही नहीं है बल्कि इसके पीछे कई राज छिपे हैं, जिनका संबंध हमारी परंपरा से है। हिंदू धर्म की मान्यताओं की मानें तो 108 के हर एक अंक का विशेष महत्व है। इसे नीचे विस्तार से समझिए। साथ ही जानिए कि 108 से शिवजी और सूर्य का संबंध किस तरह से है?

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शिवजी से है गहरा कनेक्शन

ज्योतिषीय गणना के आधार पर 108 में से 1 नंबर ये दर्शाता है कि हम सभी के भगवान एक ही हैं, भले ही उनका रूप अलग-अलग हो। साथ 0 उस सत्य को दर्शाता है जो निराकार है। वहीं 8 पंचतत्वों के साथ-साथ अंंहकार, मन और हमारी बुद्धि को दर्शाता है। शिवजी का संबंध 108 नंबर से बहुत ही गहरा है। पौराणिक कथा के अनुसार एक बार शिवजी बाल रूप में प्रकट होकर रोने लगे। तब ब्रह्मा जी ने उन्हें शांत करने के लिए कई अलग-अलग नाम से 108 बार बुलाया और हर नाम के साथ शिवजी शांत हो जाते थे। तभी से उनके 108 नाम भी बने। उनके तांडव में भी 108 तरह की मुद्राएं होती हैं। वहीं उनकी रुद्राक्ष की माला में भी 108 दाने होते हैं।

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सूर्यदेव और 108 का कनेक्शन

शिवजी की तरह ही सूर्यदेव के साथ भी 108 नंबर का गहरा कनेक्शन माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार सूर्य की कुल 2 लाख 16 हजार कलाएं होती हैं। ऐसे में अगर उत्तरायण और दक्षिणायन को अलग-अलग किया जाए ये संख्या 1 लाख 8 हजार हो जाती हैं। देखा जाए तो इस संख्या में भी 108 है। माना जाता है कि जब हम 108 बार जाप करते हैं तो इसकी मदद से हम सूर्य की ऊर्जा से भी जुड़ने लगते हैं। ये सदियों से हमारी परंपरा का हिस्सा रहा है और इसी वजह से इस अंक का पूजा-पाठ में खास महत्व होता है।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

Garima Singh

लेखक के बारे में

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शॉर्ट बायो


गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।


परिचय और अनुभव

गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।


करियर

गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।


एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच

गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।


व्यक्तिगत रुचियां

काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।


विशेषज्ञता

वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल

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