सोने या चांदी की धातु में जड़वाकर पहन लें ये इस रत्न की अंगूठी, बढ़ेगा पद-प्रतिष्ठा

Feb 25, 2026 01:50 pm ISTDheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

रत्न शास्त्र में मुख्य 9 रत्न और कुल 84 उपरत्नों का वर्णन मिलता है। मान्यता है कि हर रत्न का अपना महत्व है। आज हम आपको ऐसे उपरत्न के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें धारण करने से किस्मत बदल जाती है और नौकरी में पद और प्रतिष्ठा दोनों बढ़ता है।

सोने या चांदी की धातु में जड़वाकर पहन लें ये इस रत्न की अंगूठी, बढ़ेगा पद-प्रतिष्ठा

रत्न शास्त्र में मुख्य 9 रत्न और कुल 84 उपरत्नों का वर्णन मिलता है। मान्यता है कि हर रत्न का अपना महत्व है। आज हम आपको ऐसे उपरत्न के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें धारण करने से किस्मत बदल जाती है और नौकरी में पद और प्रतिष्ठा दोनों बढ़ता है। जी हां, हम बात कर रहे हैं सुनहला उपरत्न , जो पुखराज का उपरत्न है। पुखराज काफी महंगा होता है। ऐसे में ज्यादातर लोग सुनहला रत्न पहनते हैं। चलिए जानते हैं कि सुनहला रत्न पहनने के नियम और फायदे क्या है?

सुनहाल रत्न का संबंध
रत्न शास्त्र के मुताबिक हर एक रत्न का संबंध किसी ना किसी ग्रह से होता है। ऐसे ही सुनहला रत्न का संबंध गुरु यानी बृहस्पति से होता है। मान्यता है कि सुनहला पहनने से मान- सम्मान की प्राप्ति होती है। गुरु सें संबंधि इस रत्न को पहनने से धन-धान्य की बढ़ोत्तरी होगी।

किसे पहनना चाहिए
वैसे किसी भी रत्न को धारण करने से पहले किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लेनी चाहिए। मान्यताओं के मुताबिक अगर आपकी जन्मपत्री में गुरु बृहस्पति उच्च (सकारात्मक) शुभ स्थित हैं, तो आप सुनहला रत्न धारण कर सकते हैं। वहीं कर्क लग्न वाले इस रत्न को धारण कर सकते हैं क्योंकि गुरु आपके भाग्य के स्वामी होते हैं। साथ ही मीन राशि- लग्न, धनु राशि- लग्न वाले भी सुनहला धारण कर सकते हैं। लेकिन कुंडली में गुरु ग्रह नीच के स्थित हैं तो सुनहला नहीं धारण करना चाहिए।

सुनहला के लाभ
- सुनहला धारण करने से व्यक्ति संवाद करने में माहिर होता है।
- सुनहला रत्न पहनने से निर्णय लेने की शक्ति तेज हो जाती है।
- सुनहला रत्न पहनने से व्यापार में बढ़ोतरी होती है।
- इस रत्न को पहनने से मानसिक शांति और समाज में मान-सम्मान बढ़ता है।
- जो बच्चा पढ़ाई में कमजोर है, उसे सुनहला रत्न धारण करने की सलाह दी जाती है।

सुनहला रत्न पहनने के नियम
-सुनहला को बाजार से कम से कम 8 से सवा 8 रत्ती का धारण करना चाहिए।
- इस रत्न को गुरुवार के दिन पहनना शुभ माना जाता है।
- इसको सोने या चांदी के धातु में जड़वाकर धारण कर सकते हैं।
-साथ ही इसको तर्जनी मतलब इंडेक्स फिंगर में धारण करन चाहिए।
- इसको धारण करने से पहले गाय के कच्चे दूध और गंगाजल से शुद्ध कर लें।
- इस रत्न को धारण करने के बाद गुरु से संबंधित दान भी जरूर निकालें।
- इस दान को किसी मंदिर के पुजारी को दक्षिणा रखकर दे आए।

मंत्र
सुनहला रत्न पहनते वक्त ऊँ ग्रां ग्रीं ग्रूं गुरुवे नमः: मंत्र का जाप करना चाहिए। सोने या चांदी के अलावा इसे अष्टधातु की अंगूठी में ही जड़वाएं।

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Dheeraj Pal

लेखक के बारे में

Dheeraj Pal

संक्षिप्त विवरण
धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव

धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।

धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

विशेषज्ञता (Areas of Expertise):
ग्रह और नक्षत्रों का असर
वास्तु शास्त्र
न्यूमरोलॉजी
रत्न विज्ञान

और पढ़ें
जानें लेटेस्ट Dharm News, Aaj ka Rashifal और सटीक Panchang की जानकारी। अपनी डेली पूजा के लिए यहाँ पढ़ें Shiv Chalisa, Hanuman Chalisa और Bajrang Baanहिंदू कैलेंडर 2026 की शुभ तिथियों के साथ अपने हर दिन को खास बनाएं!