
Ratna Shastra: मूंगा पहनते ही होते हैं ये 3 सबसे बड़े लाभ, ये लोग भूलकर भी ना लगाएं हाथ
संक्षेप: Benefits of Wearing Coral: रत्नशास्त्र के हिसाब से सभी रत्न अपने आम में खास हैं लेकिन मूंगा पावरफुल होता है क्योंकि ये मंगल ग्रह को रिप्रेजेंट करता है। जानिए आखिर इसे पहनने से क्या-क्या लाभ मिलते हैं?
रत्न शास्त्र के हिसाब से रत्नों में इतनी शक्ति होती है कि जिंदगी बदल जाती है। ग्रहों की स्थिति को सही स्थिति में लाने के लिए कुंडली के अनुकूल रत्न धारण करने से लाभ मिलता है। आज बात करेंगे मूंगा रत्न की। रत्न शास्त्र में मूंगा को काफी पावरफुल बताया गया है। तो चलिए जानते हैं कि आखिर मूंगा किन लोगों को पहनना चाहिए और किन्हें नहीं? साथ ही इसे पहनने के फायदे जानेंगे।

मूंगा पहनने से फायदे
मूंगा मंगल ग्रह को रिप्रेजेंट करता है। अगर कुंडली में मंगल ग्रह कमजोर होता है तो मूंगा पहनने से कई फायदे मिलते हैं। रत्नशास्त्र के मुताबिक मूंगा धारण करने से सेल्फ कॉन्फिडेंस खूब बढ़ता है। इसी के साथ व्यक्ति की निर्णय लेने की क्षमता काफी प्रभावित होती है। दिमाग में क्लैरिटी आती है और इससे इंसान सही फैसले लेने लगता है। खासकर कि स्टूडेंट्स के लिए मूंगा सबसे ज्यादा लाभ देता है। इससे इंसान के अंदर साहस भी आता है। साथ ही शारीरिक शक्ति भी बढ़ती है। मूंगा का एक फायदा ये भी है कि इसको पहनने से करियर में भी ग्रोथ मिलती है।
इन लोगों को नहीं पहनना चाहिए मूंगा
रत्न शास्त्र ज्योतिषियों के मुताबिक मूंगा हर किसी को नहीं पहनना चाहिए। इसे हमेशा जानकार ज्योतिष को कुंडली दिखाकर ही धारण करना चाहिए। मूंगा कभी भी गलत राशि वालों नहीं पहनना चाहिए नहीं तो इसके परिणाम भी गलत होते हैं। शास्त्र के हिसाब से जिन ग्रहों की मंगल के साथ नहीं बनती है, उनसे शासित राशियों को मूंगा नहीं पहनना चाहिए। इस लिस्ट में वृषभ, कुंभ और मिथुन जैसी राशियां शामिल हैं। इन लोगों को लिए यही सुझाव दिया जाता है कि वो मूंगा कभी ना पहनें।
ऐसे धारण करें मूंगा
मूंगा को अगर सही तरीके से धारण किया जाता है तो इसके फायदे जल्दी मिलते हैं। इसे हमेशा सोने और चांदी में ही जड़वाकर पहनना चाहिए। चाहे तो इसे तांबे में भी जड़वा सकते हैं। इसे पहनने के लिए सबसे पहले इसका शुद्धीकरण करना जरूरी है। इसे कच्चे दूध और गंगाजल से साफ कर लेना चाहिए। इसे पहनने के लिए सबसे शुभ दिन मंगलवार होता है। इसे सुबह-सुबह पहनना ही सही है। मूंगा की अंगूठी को हमेशा हाएं हाथ की अनामिका ऊंगली में पहनना चाहिए।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए रत्नशास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)





