Ratha Saptami 2026: रथ सप्तमी आज, करें सूर्य देव से जुड़े ये उपाय, होगा भाग्योदय

Jan 25, 2026 09:34 am ISTDheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
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Ratha Saptami 2026: धार्मिक मान्यता के मुताबिक इसी दिन से सूर्य देव के सात घोड़े उनके रथ का वहन करना शुरू करते हैं। इसलिए इसे रथ सप्तमी कहा जाता है। माना जाता है कि इस दिन से सूर्य की ऊर्जा और तेज में वृद्धि होती है। ऐसे में इस दिन सूर्य देव से जुड़े कुछ विशेष उपाय करने से भाग्योदय होता है।

Ratha Saptami 2026: रथ सप्तमी आज, करें सूर्य देव से जुड़े ये उपाय, होगा भाग्योदय

हिंदू धर्म में रथ सप्तमी का खास महत्व है। यह हर साल माघ मास के शुक्ल पक्षी की सप्तमी तिथि को मनाई जाती है, जो कि आज यानी 25 जनवरी को है। इसे आरोग्य सप्तमी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन सूर्य देव की उपासना की जाती है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान सूर्य का प्राकट्य हुआ था, जो कश्यप ऋषि और माता अदिति के संयोग से संभव हुआ। इसे सूर्य जयंती भी कहते हैं। इस दिन लोग सूर्य देव की विधि विधान से पूजा अर्चनाा करते हैं और व्रत भी रखते हैं। कहते हैं इस दिन व्रत रखने वालों पर सूर्य देव की कृपा बरसती है और उन्हें उत्तम स्वास्थ्य और संतान सुख का वरदान प्राप्त होता है। यही वजह है कि इसे पुत्र सप्तमी भी कहा जाता है।

महत्व

धार्मिक मान्यता के मुताबिक रथ सप्तमिी के दिन से ही सूर्य देव के सात घोड़े उनके रथ का वहन करना शुरू करते हैं। इसलिए इसे रथ सप्तमी कहा जाता है। माना जाता है कि इस दिन से सूर्य की ऊर्जा और तेज में वृद्धि होती है, जिसका सीधा प्रभाव पृथ्वी और मानव जीवन पर पड़ता है। ऐसे में इस दिन सूर्य देव से जुड़े कुछ विशेष उपाय करने से भाग्योदय होता है।

रथ सप्तमी की पूजा विधि
रथ सप्तमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर किसी पवित्र नदी जैसे गंगा, यमुना आदि में स्नान करना शुभ माना जाता है। यदि आप पवित्र नदी में स्नान नहीं कर पा रहे हैं, तो घर पर जल में गंगाजल मिलाकर स्नान करें। स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर सूर्यदेव का ध्यान किया जाता है। इसके बाद उगते सूर्य की दिशा में मुख करके खड़े हों। तांबे या पीतल के पात्र में जल लें और उसमें लाल चंदन, कुमकुम, लाल पुष्प, अक्षत और थोड़ा सा गुड़ मिलाएं। फिर जल को धीरे-धीरे सिर के ऊपर से प्रवाहित करते हुए सूर्य देव को अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय सूर्य मंत्रों जैसे - 'ॐ सूर्याय नमः, ॐ घृणि सूर्याय नमः, या ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः' मंत्रों का जाप करें। अर्घ्य देने के बाद सूर्य देव का ध्यान करें और आज्ञा चक्र व अनाहत चक्र पर तिलक लगाएं।

सूर्य देव से जुड़े उपाय
- रथ सप्तमी के दिन सुबह उठकर सबसे पहले सूर्य नमस्कार करना चाहिए।
- सूर्य नमस्कार करने से स्वास्थ्य ठीक रहता है और शरीर में ऊर्जा का संचार होता है।
- सूर्य देव की पूजा में आक के फूल अर्पित करें। इससे वो प्रसन्न होते हैं।
- गुड़, गेहूं और तांबे के पात्रों का दान करना अत्यंत शुभफलदायी होता है।
- इस दिनसुबह-शाम ॐ आदित्याय नमः मंत्र का जाप करते रहिए।
- इस दिन रविवार पड़ने से आप आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ भी कर सकते हैं।
- अगर संभव हो तो रथ सप्तमी पर नमक का दान जरूर करें। ऐसा करने से आर्थिक लाभ मिलता है और करियर में भी उन्नति प्राप्त हो सकती है।

दान-पुण्य
रथ सप्तमी के दिन दान-पुण्य करना शुभ फलदायी माना जाता है। इस दिन आप अपनी इच्छानुसार किसी जरूरतमंद व्यक्ति को अन्न, धन या वस्त्र का दान कर सकते हैं। इस दिन गर्म वस्त्र का दान करना बहुत ही शुभ माना जाता है।

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

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धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।

धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

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