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वृष

1 जन॰ 2019

वृष: (21 अप्रैल से 20 मई) 
वर्ष के प्रारंभ में मानसिक शांति रहेगी, परंतु पंचम व द्वितीय भाव पर मंगल की दृष्टि के कारण स्वभाव में चिड़चिड़ापन भी रहेगा। छह फरवरी के बाद जीवनसाथी को स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं। चिकित्सीय खर्च बढ़ सकते हैं। कार्यक्षेत्र में व्यवधान आ सकते हैं। फिजूल के कार्यों में व्यस्त रहेंगे। सात मार्च के बाद नौकरी में स्थान परिवर्तन हो सकता है। इस वर्ष किसी रुके हुए धन की प्राप्ति हो सकती है। परंतु  स्वास्थ्य में गड़बड़ भी हो सकती है। 30 मार्च के बाद किसी धार्मिक स्थान की यात्रा के कार्यक्रम बन सकते हैं। आय में परेशानी भी आ सकती है, परिवार में धार्मिक कार्य भी होंगे। एक मई के बाद किसी पुराने मित्र से पुन: संपर्क बन सकते हैं, संचित धन में कमी आएगी। बौद्धिक कार्यों से आय के नए स्रोत विकसित हो सकते हैं। नौकरी में भी यात्राएं अधिक रहेंगी।

उपाय:

  • - प्रतिदिन प्रात: कम से कम एक माला मृत्युंजय मंत्र को अवश्य जपें।
  • -तीन या पांच केले के पेड़ किसी मंदिर में लगवाएं या लगाएं।
  • प्रतिदिन प्रात: आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ, सूर्य भगवान को जल अर्पित करें।
  • शुक्रवार के दिन चावल दान करें।

वृष

1 जन॰ 2019

वृष: (21 अप्रैल से 20 मई) 
वर्ष के प्रारंभ में मानसिक शांति रहेगी, परंतु पंचम व द्वितीय भाव पर मंगल की दृष्टि के कारण स्वभाव में चिड़चिड़ापन भी रहेगा। छह फरवरी के बाद जीवनसाथी को स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं। चिकित्सीय खर्च बढ़ सकते हैं। कार्यक्षेत्र में व्यवधान आ सकते हैं। फिजूल के कार्यों में व्यस्त रहेंगे। सात मार्च के बाद नौकरी में स्थान परिवर्तन हो सकता है। इस वर्ष किसी रुके हुए धन की प्राप्ति हो सकती है। परंतु  स्वास्थ्य में गड़बड़ भी हो सकती है। 30 मार्च के बाद किसी धार्मिक स्थान की यात्रा के कार्यक्रम बन सकते हैं। आय में परेशानी भी आ सकती है, परिवार में धार्मिक कार्य भी होंगे। एक मई के बाद किसी पुराने मित्र से पुन: संपर्क बन सकते हैं, संचित धन में कमी आएगी। बौद्धिक कार्यों से आय के नए स्रोत विकसित हो सकते हैं। नौकरी में भी यात्राएं अधिक रहेंगी।

उपाय:

  • - प्रतिदिन प्रात: कम से कम एक माला मृत्युंजय मंत्र को अवश्य जपें।
  • -तीन या पांच केले के पेड़ किसी मंदिर में लगवाएं या लगाएं।
  • प्रतिदिन प्रात: आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ, सूर्य भगवान को जल अर्पित करें।
  • शुक्रवार के दिन चावल दान करें।

वृष

1 जन॰ 2019

वृष: (21 अप्रैल से 20 मई) 
वर्ष के प्रारंभ में मानसिक शांति रहेगी, परंतु पंचम व द्वितीय भाव पर मंगल की दृष्टि के कारण स्वभाव में चिड़चिड़ापन भी रहेगा। छह फरवरी के बाद जीवनसाथी को स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं। चिकित्सीय खर्च बढ़ सकते हैं। कार्यक्षेत्र में व्यवधान आ सकते हैं। फिजूल के कार्यों में व्यस्त रहेंगे। सात मार्च के बाद नौकरी में स्थान परिवर्तन हो सकता है। इस वर्ष किसी रुके हुए धन की प्राप्ति हो सकती है। परंतु  स्वास्थ्य में गड़बड़ भी हो सकती है। 30 मार्च के बाद किसी धार्मिक स्थान की यात्रा के कार्यक्रम बन सकते हैं। आय में परेशानी भी आ सकती है, परिवार में धार्मिक कार्य भी होंगे। एक मई के बाद किसी पुराने मित्र से पुन: संपर्क बन सकते हैं, संचित धन में कमी आएगी। बौद्धिक कार्यों से आय के नए स्रोत विकसित हो सकते हैं। नौकरी में भी यात्राएं अधिक रहेंगी।

उपाय:

  • - प्रतिदिन प्रात: कम से कम एक माला मृत्युंजय मंत्र को अवश्य जपें।
  • -तीन या पांच केले के पेड़ किसी मंदिर में लगवाएं या लगाएं।
  • प्रतिदिन प्रात: आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ, सूर्य भगवान को जल अर्पित करें।
  • शुक्रवार के दिन चावल दान करें।

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2019

वृष: (21 अप्रैल से 20 मई) 
वर्ष के प्रारंभ में मानसिक शांति रहेगी, परंतु पंचम व द्वितीय भाव पर मंगल की दृष्टि के कारण स्वभाव में चिड़चिड़ापन भी रहेगा। छह फरवरी के बाद जीवनसाथी को स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं। चिकित्सीय खर्च बढ़ सकते हैं। कार्यक्षेत्र में व्यवधान आ सकते हैं। फिजूल के कार्यों में व्यस्त रहेंगे। सात मार्च के बाद नौकरी में स्थान परिवर्तन हो सकता है। इस वर्ष किसी रुके हुए धन की प्राप्ति हो सकती है। परंतु  स्वास्थ्य में गड़बड़ भी हो सकती है। 30 मार्च के बाद किसी धार्मिक स्थान की यात्रा के कार्यक्रम बन सकते हैं। आय में परेशानी भी आ सकती है, परिवार में धार्मिक कार्य भी होंगे। एक मई के बाद किसी पुराने मित्र से पुन: संपर्क बन सकते हैं, संचित धन में कमी आएगी। बौद्धिक कार्यों से आय के नए स्रोत विकसित हो सकते हैं। नौकरी में भी यात्राएं अधिक रहेंगी।

उपाय:

  • - प्रतिदिन प्रात: कम से कम एक माला मृत्युंजय मंत्र को अवश्य जपें।
  • -तीन या पांच केले के पेड़ किसी मंदिर में लगवाएं या लगाएं।
  • प्रतिदिन प्रात: आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ, सूर्य भगवान को जल अर्पित करें।
  • शुक्रवार के दिन चावल दान करें।

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जनवरी

वृष: (21 अप्रैल से 20 मई) 
वर्ष के प्रारंभ में मानसिक शांति रहेगी, परंतु पंचम व द्वितीय भाव पर मंगल की दृष्टि के कारण स्वभाव में चिड़चिड़ापन भी रहेगा। छह फरवरी के बाद जीवनसाथी को स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं। चिकित्सीय खर्च बढ़ सकते हैं। कार्यक्षेत्र में व्यवधान आ सकते हैं। फिजूल के कार्यों में व्यस्त रहेंगे। सात मार्च के बाद नौकरी में स्थान परिवर्तन हो सकता है। इस वर्ष किसी रुके हुए धन की प्राप्ति हो सकती है। परंतु  स्वास्थ्य में गड़बड़ भी हो सकती है। 30 मार्च के बाद किसी धार्मिक स्थान की यात्रा के कार्यक्रम बन सकते हैं। आय में परेशानी भी आ सकती है, परिवार में धार्मिक कार्य भी होंगे। एक मई के बाद किसी पुराने मित्र से पुन: संपर्क बन सकते हैं, संचित धन में कमी आएगी। बौद्धिक कार्यों से आय के नए स्रोत विकसित हो सकते हैं। नौकरी में भी यात्राएं अधिक रहेंगी।

उपाय:

  • - प्रतिदिन प्रात: कम से कम एक माला मृत्युंजय मंत्र को अवश्य जपें।
  • -तीन या पांच केले के पेड़ किसी मंदिर में लगवाएं या लगाएं।
  • प्रतिदिन प्रात: आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ, सूर्य भगवान को जल अर्पित करें।
  • शुक्रवार के दिन चावल दान करें।

वृष

2019

वृष: (21 अप्रैल से 20 मई) 
वर्ष के प्रारंभ में मानसिक शांति रहेगी, परंतु पंचम व द्वितीय भाव पर मंगल की दृष्टि के कारण स्वभाव में चिड़चिड़ापन भी रहेगा। छह फरवरी के बाद जीवनसाथी को स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं। चिकित्सीय खर्च बढ़ सकते हैं। कार्यक्षेत्र में व्यवधान आ सकते हैं। फिजूल के कार्यों में व्यस्त रहेंगे। सात मार्च के बाद नौकरी में स्थान परिवर्तन हो सकता है। इस वर्ष किसी रुके हुए धन की प्राप्ति हो सकती है। परंतु  स्वास्थ्य में गड़बड़ भी हो सकती है। 30 मार्च के बाद किसी धार्मिक स्थान की यात्रा के कार्यक्रम बन सकते हैं। आय में परेशानी भी आ सकती है, परिवार में धार्मिक कार्य भी होंगे। एक मई के बाद किसी पुराने मित्र से पुन: संपर्क बन सकते हैं, संचित धन में कमी आएगी। बौद्धिक कार्यों से आय के नए स्रोत विकसित हो सकते हैं। नौकरी में भी यात्राएं अधिक रहेंगी।

उपाय:

  • - प्रतिदिन प्रात: कम से कम एक माला मृत्युंजय मंत्र को अवश्य जपें।
  • -तीन या पांच केले के पेड़ किसी मंदिर में लगवाएं या लगाएं।
  • प्रतिदिन प्रात: आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ, सूर्य भगवान को जल अर्पित करें।
  • शुक्रवार के दिन चावल दान करें।
26 जून, 2019