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धनु

1 सित॰ 2018

आलस्य की अधिकता रहेगी। मास के प्रारंभ में क्षेण रुष्टा- क्षेण तुष्टा के भाव रहेंगे। पठन-पाठन में रुचि रहेगी। शैक्षिक एवं शोधादि कार्यों में सफलता मिलेगी। तीन सितंबर के उपरांत नौकरी में तरक्की के योग बन रहे हैं। छह सितंबर से कार्यक्षेत्र का विस्तार होगा। मित्रों का सहयोग मिलेगा। वस्त्र उपहार में प्राप्त हो सकते हैं। आय के अन्य स्रोत भी विकसित हो सकते हैं। (पंडित राघवेंद्र शर्मा)

 

धनु

1 सित॰ 2018

आलस्य की अधिकता रहेगी। मास के प्रारंभ में क्षेण रुष्टा- क्षेण तुष्टा के भाव रहेंगे। पठन-पाठन में रुचि रहेगी। शैक्षिक एवं शोधादि कार्यों में सफलता मिलेगी। तीन सितंबर के उपरांत नौकरी में तरक्की के योग बन रहे हैं। छह सितंबर से कार्यक्षेत्र का विस्तार होगा। मित्रों का सहयोग मिलेगा। वस्त्र उपहार में प्राप्त हो सकते हैं। आय के अन्य स्रोत भी विकसित हो सकते हैं। (पंडित राघवेंद्र शर्मा)

 

धनु

1 सित॰ 2018

आलस्य की अधिकता रहेगी। मास के प्रारंभ में क्षेण रुष्टा- क्षेण तुष्टा के भाव रहेंगे। पठन-पाठन में रुचि रहेगी। शैक्षिक एवं शोधादि कार्यों में सफलता मिलेगी। तीन सितंबर के उपरांत नौकरी में तरक्की के योग बन रहे हैं। छह सितंबर से कार्यक्षेत्र का विस्तार होगा। मित्रों का सहयोग मिलेगा। वस्त्र उपहार में प्राप्त हो सकते हैं। आय के अन्य स्रोत भी विकसित हो सकते हैं। (पंडित राघवेंद्र शर्मा)

 

धनु

1535740200000

आलस्य की अधिकता रहेगी। मास के प्रारंभ में क्षेण रुष्टा- क्षेण तुष्टा के भाव रहेंगे। पठन-पाठन में रुचि रहेगी। शैक्षिक एवं शोधादि कार्यों में सफलता मिलेगी। तीन सितंबर के उपरांत नौकरी में तरक्की के योग बन रहे हैं। छह सितंबर से कार्यक्षेत्र का विस्तार होगा। मित्रों का सहयोग मिलेगा। वस्त्र उपहार में प्राप्त हो सकते हैं। आय के अन्य स्रोत भी विकसित हो सकते हैं। (पंडित राघवेंद्र शर्मा)

 

धनु

सितंबर

आलस्य की अधिकता रहेगी। मास के प्रारंभ में क्षेण रुष्टा- क्षेण तुष्टा के भाव रहेंगे। पठन-पाठन में रुचि रहेगी। शैक्षिक एवं शोधादि कार्यों में सफलता मिलेगी। तीन सितंबर के उपरांत नौकरी में तरक्की के योग बन रहे हैं। छह सितंबर से कार्यक्षेत्र का विस्तार होगा। मित्रों का सहयोग मिलेगा। वस्त्र उपहार में प्राप्त हो सकते हैं। आय के अन्य स्रोत भी विकसित हो सकते हैं। (पंडित राघवेंद्र शर्मा)

 

धनु

1535740200000

आलस्य की अधिकता रहेगी। मास के प्रारंभ में क्षेण रुष्टा- क्षेण तुष्टा के भाव रहेंगे। पठन-पाठन में रुचि रहेगी। शैक्षिक एवं शोधादि कार्यों में सफलता मिलेगी। तीन सितंबर के उपरांत नौकरी में तरक्की के योग बन रहे हैं। छह सितंबर से कार्यक्षेत्र का विस्तार होगा। मित्रों का सहयोग मिलेगा। वस्त्र उपहार में प्राप्त हो सकते हैं। आय के अन्य स्रोत भी विकसित हो सकते हैं। (पंडित राघवेंद्र शर्मा)

 



20 सितम्बर, 2018