DA Image

अगली स्टोरी

तुला

1 जन॰ 2019

तुला (23 सितंबर-23 अक्टूबर)
वर्ष के प्रारंभ में पारिवारिक जीवन कस्टमय हो सकता है, धैर्यशील ता में कमी आएगी। कार्यक्षेत्र में व्यवधान हो सकते हैं, 14 जनवरी के उपरांत कार्यक्षेत्र में सुधार होगा। नौकरी में अफसरों से वैचारिक मतभेद बढ़ सकते हैं। परिवार की समस्या से परेशानी बढ़ सकती है। 6 फरवरी के बाद से जीवनसाथी से संबंधों में सुधार तो होगा लेकिन धैर्य शीलता में कमी बरकरार रहेगी। 30 मार्च के उपरांत कार्यक्षेत्र की स्थिति संतोषजनक रहेगी, धर्म-कर्म कार्यों में वृद्धि होगी। कारोबार का विस्तार भी हो सकता है, शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। इस वर्ष वाहन सुख में वृद्धि के भी योग बन रहे हैं, नौकरी में तरक्की के अवसर भी प्राप्त हो सकते हैं। आय में वृद्धि होगी स्वास्थ्य में सुधार होगा, संतान की ओर से सुखद समाचार भी मिल सकते हैं।

उपाय

  • वर्ष में दो या तीन बार हनुमान जी को सिंदूर लगाकर चोला पहनाएं, नित्य हनुमान चालीसा का पाठ करें व देसी घी के बूंदी के लड्डू बनाकर भोग लगाएं।
  • प्रतिदिन प्रातः स्नान करके तांबे के लोटे में जल भरकर उसमें थोड़े से चावल, चीनी या गुड़ तथा रोली डालकर भगवान सूर्य को जल अर्पित करें।
  • बुधवार के दिन गाय को हरी सब्जी खिलाएं।

तुला

1 जन॰ 2019

तुला (23 सितंबर-23 अक्टूबर)
वर्ष के प्रारंभ में पारिवारिक जीवन कस्टमय हो सकता है, धैर्यशील ता में कमी आएगी। कार्यक्षेत्र में व्यवधान हो सकते हैं, 14 जनवरी के उपरांत कार्यक्षेत्र में सुधार होगा। नौकरी में अफसरों से वैचारिक मतभेद बढ़ सकते हैं। परिवार की समस्या से परेशानी बढ़ सकती है। 6 फरवरी के बाद से जीवनसाथी से संबंधों में सुधार तो होगा लेकिन धैर्य शीलता में कमी बरकरार रहेगी। 30 मार्च के उपरांत कार्यक्षेत्र की स्थिति संतोषजनक रहेगी, धर्म-कर्म कार्यों में वृद्धि होगी। कारोबार का विस्तार भी हो सकता है, शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। इस वर्ष वाहन सुख में वृद्धि के भी योग बन रहे हैं, नौकरी में तरक्की के अवसर भी प्राप्त हो सकते हैं। आय में वृद्धि होगी स्वास्थ्य में सुधार होगा, संतान की ओर से सुखद समाचार भी मिल सकते हैं।

उपाय

  • वर्ष में दो या तीन बार हनुमान जी को सिंदूर लगाकर चोला पहनाएं, नित्य हनुमान चालीसा का पाठ करें व देसी घी के बूंदी के लड्डू बनाकर भोग लगाएं।
  • प्रतिदिन प्रातः स्नान करके तांबे के लोटे में जल भरकर उसमें थोड़े से चावल, चीनी या गुड़ तथा रोली डालकर भगवान सूर्य को जल अर्पित करें।
  • बुधवार के दिन गाय को हरी सब्जी खिलाएं।

तुला

1 जन॰ 2019

तुला (23 सितंबर-23 अक्टूबर)
वर्ष के प्रारंभ में पारिवारिक जीवन कस्टमय हो सकता है, धैर्यशील ता में कमी आएगी। कार्यक्षेत्र में व्यवधान हो सकते हैं, 14 जनवरी के उपरांत कार्यक्षेत्र में सुधार होगा। नौकरी में अफसरों से वैचारिक मतभेद बढ़ सकते हैं। परिवार की समस्या से परेशानी बढ़ सकती है। 6 फरवरी के बाद से जीवनसाथी से संबंधों में सुधार तो होगा लेकिन धैर्य शीलता में कमी बरकरार रहेगी। 30 मार्च के उपरांत कार्यक्षेत्र की स्थिति संतोषजनक रहेगी, धर्म-कर्म कार्यों में वृद्धि होगी। कारोबार का विस्तार भी हो सकता है, शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। इस वर्ष वाहन सुख में वृद्धि के भी योग बन रहे हैं, नौकरी में तरक्की के अवसर भी प्राप्त हो सकते हैं। आय में वृद्धि होगी स्वास्थ्य में सुधार होगा, संतान की ओर से सुखद समाचार भी मिल सकते हैं।

उपाय

  • वर्ष में दो या तीन बार हनुमान जी को सिंदूर लगाकर चोला पहनाएं, नित्य हनुमान चालीसा का पाठ करें व देसी घी के बूंदी के लड्डू बनाकर भोग लगाएं।
  • प्रतिदिन प्रातः स्नान करके तांबे के लोटे में जल भरकर उसमें थोड़े से चावल, चीनी या गुड़ तथा रोली डालकर भगवान सूर्य को जल अर्पित करें।
  • बुधवार के दिन गाय को हरी सब्जी खिलाएं।

तुला

2019

तुला (23 सितंबर-23 अक्टूबर)
वर्ष के प्रारंभ में पारिवारिक जीवन कस्टमय हो सकता है, धैर्यशील ता में कमी आएगी। कार्यक्षेत्र में व्यवधान हो सकते हैं, 14 जनवरी के उपरांत कार्यक्षेत्र में सुधार होगा। नौकरी में अफसरों से वैचारिक मतभेद बढ़ सकते हैं। परिवार की समस्या से परेशानी बढ़ सकती है। 6 फरवरी के बाद से जीवनसाथी से संबंधों में सुधार तो होगा लेकिन धैर्य शीलता में कमी बरकरार रहेगी। 30 मार्च के उपरांत कार्यक्षेत्र की स्थिति संतोषजनक रहेगी, धर्म-कर्म कार्यों में वृद्धि होगी। कारोबार का विस्तार भी हो सकता है, शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। इस वर्ष वाहन सुख में वृद्धि के भी योग बन रहे हैं, नौकरी में तरक्की के अवसर भी प्राप्त हो सकते हैं। आय में वृद्धि होगी स्वास्थ्य में सुधार होगा, संतान की ओर से सुखद समाचार भी मिल सकते हैं।

उपाय

  • वर्ष में दो या तीन बार हनुमान जी को सिंदूर लगाकर चोला पहनाएं, नित्य हनुमान चालीसा का पाठ करें व देसी घी के बूंदी के लड्डू बनाकर भोग लगाएं।
  • प्रतिदिन प्रातः स्नान करके तांबे के लोटे में जल भरकर उसमें थोड़े से चावल, चीनी या गुड़ तथा रोली डालकर भगवान सूर्य को जल अर्पित करें।
  • बुधवार के दिन गाय को हरी सब्जी खिलाएं।

तुला

जनवरी

तुला (23 सितंबर-23 अक्टूबर)
वर्ष के प्रारंभ में पारिवारिक जीवन कस्टमय हो सकता है, धैर्यशील ता में कमी आएगी। कार्यक्षेत्र में व्यवधान हो सकते हैं, 14 जनवरी के उपरांत कार्यक्षेत्र में सुधार होगा। नौकरी में अफसरों से वैचारिक मतभेद बढ़ सकते हैं। परिवार की समस्या से परेशानी बढ़ सकती है। 6 फरवरी के बाद से जीवनसाथी से संबंधों में सुधार तो होगा लेकिन धैर्य शीलता में कमी बरकरार रहेगी। 30 मार्च के उपरांत कार्यक्षेत्र की स्थिति संतोषजनक रहेगी, धर्म-कर्म कार्यों में वृद्धि होगी। कारोबार का विस्तार भी हो सकता है, शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। इस वर्ष वाहन सुख में वृद्धि के भी योग बन रहे हैं, नौकरी में तरक्की के अवसर भी प्राप्त हो सकते हैं। आय में वृद्धि होगी स्वास्थ्य में सुधार होगा, संतान की ओर से सुखद समाचार भी मिल सकते हैं।

उपाय

  • वर्ष में दो या तीन बार हनुमान जी को सिंदूर लगाकर चोला पहनाएं, नित्य हनुमान चालीसा का पाठ करें व देसी घी के बूंदी के लड्डू बनाकर भोग लगाएं।
  • प्रतिदिन प्रातः स्नान करके तांबे के लोटे में जल भरकर उसमें थोड़े से चावल, चीनी या गुड़ तथा रोली डालकर भगवान सूर्य को जल अर्पित करें।
  • बुधवार के दिन गाय को हरी सब्जी खिलाएं।

तुला

2019

तुला (23 सितंबर-23 अक्टूबर)
वर्ष के प्रारंभ में पारिवारिक जीवन कस्टमय हो सकता है, धैर्यशील ता में कमी आएगी। कार्यक्षेत्र में व्यवधान हो सकते हैं, 14 जनवरी के उपरांत कार्यक्षेत्र में सुधार होगा। नौकरी में अफसरों से वैचारिक मतभेद बढ़ सकते हैं। परिवार की समस्या से परेशानी बढ़ सकती है। 6 फरवरी के बाद से जीवनसाथी से संबंधों में सुधार तो होगा लेकिन धैर्य शीलता में कमी बरकरार रहेगी। 30 मार्च के उपरांत कार्यक्षेत्र की स्थिति संतोषजनक रहेगी, धर्म-कर्म कार्यों में वृद्धि होगी। कारोबार का विस्तार भी हो सकता है, शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। इस वर्ष वाहन सुख में वृद्धि के भी योग बन रहे हैं, नौकरी में तरक्की के अवसर भी प्राप्त हो सकते हैं। आय में वृद्धि होगी स्वास्थ्य में सुधार होगा, संतान की ओर से सुखद समाचार भी मिल सकते हैं।

उपाय

  • वर्ष में दो या तीन बार हनुमान जी को सिंदूर लगाकर चोला पहनाएं, नित्य हनुमान चालीसा का पाठ करें व देसी घी के बूंदी के लड्डू बनाकर भोग लगाएं।
  • प्रतिदिन प्रातः स्नान करके तांबे के लोटे में जल भरकर उसमें थोड़े से चावल, चीनी या गुड़ तथा रोली डालकर भगवान सूर्य को जल अर्पित करें।
  • बुधवार के दिन गाय को हरी सब्जी खिलाएं।
26 जून, 2019