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मिथुन

1 सित॰ 2018

मानसिक कठिनाइयां तो रहेंगी, फिर भी कला व संगीत के प्रति रुझान बढ़ेगा। 18 सितंबर के बाद नौकरी में अफसरों से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। इच्छा विरुद्ध कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। परिश्रम की अधिकता रहेगी। संतान सुख में वृद्धि होगी। मित्रों के सहयोग से किसी संपत्ति से धनार्जन के साधन बन सकते हैं। घर में सुख सुविधाओं का विस्तार होगा। (पंडित राघवेंद्र शर्मा)

मिथुन

1 सित॰ 2018

मानसिक कठिनाइयां तो रहेंगी, फिर भी कला व संगीत के प्रति रुझान बढ़ेगा। 18 सितंबर के बाद नौकरी में अफसरों से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। इच्छा विरुद्ध कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। परिश्रम की अधिकता रहेगी। संतान सुख में वृद्धि होगी। मित्रों के सहयोग से किसी संपत्ति से धनार्जन के साधन बन सकते हैं। घर में सुख सुविधाओं का विस्तार होगा। (पंडित राघवेंद्र शर्मा)

मिथुन

1 सित॰ 2018

मानसिक कठिनाइयां तो रहेंगी, फिर भी कला व संगीत के प्रति रुझान बढ़ेगा। 18 सितंबर के बाद नौकरी में अफसरों से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। इच्छा विरुद्ध कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। परिश्रम की अधिकता रहेगी। संतान सुख में वृद्धि होगी। मित्रों के सहयोग से किसी संपत्ति से धनार्जन के साधन बन सकते हैं। घर में सुख सुविधाओं का विस्तार होगा। (पंडित राघवेंद्र शर्मा)

मिथुन

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मानसिक कठिनाइयां तो रहेंगी, फिर भी कला व संगीत के प्रति रुझान बढ़ेगा। 18 सितंबर के बाद नौकरी में अफसरों से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। इच्छा विरुद्ध कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। परिश्रम की अधिकता रहेगी। संतान सुख में वृद्धि होगी। मित्रों के सहयोग से किसी संपत्ति से धनार्जन के साधन बन सकते हैं। घर में सुख सुविधाओं का विस्तार होगा। (पंडित राघवेंद्र शर्मा)

मिथुन

सितंबर

मानसिक कठिनाइयां तो रहेंगी, फिर भी कला व संगीत के प्रति रुझान बढ़ेगा। 18 सितंबर के बाद नौकरी में अफसरों से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। इच्छा विरुद्ध कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। परिश्रम की अधिकता रहेगी। संतान सुख में वृद्धि होगी। मित्रों के सहयोग से किसी संपत्ति से धनार्जन के साधन बन सकते हैं। घर में सुख सुविधाओं का विस्तार होगा। (पंडित राघवेंद्र शर्मा)

मिथुन

1535740200000

मानसिक कठिनाइयां तो रहेंगी, फिर भी कला व संगीत के प्रति रुझान बढ़ेगा। 18 सितंबर के बाद नौकरी में अफसरों से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। इच्छा विरुद्ध कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। परिश्रम की अधिकता रहेगी। संतान सुख में वृद्धि होगी। मित्रों के सहयोग से किसी संपत्ति से धनार्जन के साधन बन सकते हैं। घर में सुख सुविधाओं का विस्तार होगा। (पंडित राघवेंद्र शर्मा)

16 नबम्बर, 2018