आपकी विशेषताएं: वृश्चिक राशि राशि चक्र की आठवीं राशि होती है। यह एक स्त्री राशि होती है। इसका चिन्ह बिच्छू होता है। यह जल तत्व की राशि होता है। कफ प्रकृति, ब्राह्मण वर्ण, रात्रि बली। इस राशि का स्वामी मंगल होता है। इस राशि की दिशा उत्तर होती है। इस राशि के अक्षर तो, ना,नी, नू, ने , नो या,न, यी, यू होता है। इस राशि में विशाखा नक्षत्र के चतुर्थ चरण, अनुराधा तथा ज्येष्ठा नक्षत्र के सभी चरण आते हैं। इस राशि के स्वामी ग्रह मंगल एवं इस राशि के देवता श्री हनुमान जी महाराज एवं प्रभु श्रीराम होते हैं।
वृश्चिक राशि के लोगों का स्वभाव: वृश्चिक राशि के लोग सख्त प्रकृति के होते हैं। वृश्चिक राशि के लोग भावुक तथा संवेदनशील होते हैं। यह लोग रहस्यमयी प्रकृति के होते हैं। अपने रहस्य को छुपाए रखते हैं। परिश्रम के बल पर जीवन में स्थिरता को प्राप्त करते हैं । कठिन परिश्रम से बिल्कुल भी नहीं घबराते ।
वृश्चिक राशि के स्वामी के अनुसार गुण: वृश्चिक राशि का स्वामी ग्रह मंगल होता है। मंगल के प्रकृति के अनुसार वृश्चिक राशि के लोग तीव्र ,अनुशासन प्रिय, तीव्र कार्य करने वाले, संघर्षपूर्ण जीवन जीने वाले, आत्म विश्वासी तथा उच्च कोर्ट के प्रशासनिक क्षमता वाले होते हैं। खोजी प्रकृति के होते हैं।
वृश्चिक राशि का चिन्ह: वृश्चिक राशि का चिन्ह बिच्छू होता है।
वृश्चिक राशि का गुण: वृश्चिक राशि के लोग बहादुर, साहसी, हिम्मती, जिद्दी, सच्चे मित्र, भावुक, चतुर प्रकृति के होते हैं।
वृश्चिक राशि की कमियां: मंगल प्रधान राशि होने के कारण वृश्चिक राशि के लोग जल्दी क्रोध करने वाले होते हैं । शंकालु प्रकृति के होने के कारण नुकसान भी उठाते है। अविश्वास भी शीघ्रता के साथ करते हैं।
वृश्चिक राशि का करियर: वृश्चिक राशि के लोगों का करियर मुख्य रूप से प्रशासनिक सेवा के साथ-साथ अध्ययन अध्यापन का क्षेत्र में होता है। इसके अतिरिक्त शोधकर्ता ,जासूसी, पुलिस , सैन्य क्षेत्र , प्रबंधन तथा चिकित्सा के क्षेत्र में अपना भविष्य निर्माण करते हैं। व्यवसाय के रूप में भी वृश्चिक राशि के लोग सफल हो जाते हैं । सेल्स मार्केट, एकाउंटिंग , होटल मैनेजमेंट ह्यूमन रिसोर्स , राजनीति के क्षेत्र के साथ ही साथ वकालत का क्षेत्र भी इनके लिए शुभ फल प्रदायक होता है । इस प्रकार देखा जाए तो वृश्चिक राशि के लोग बहुमुखी प्रतिभा के धनी होते हैं तथा अनेको क्षेत्रों में अपना हस्तक्षेप रखते हैं।
वृश्चिक राशि की हेल्थ: कार्यों में बहुत बिजी होने के कारण वृश्चिक राशि के लोगों की पाचन शक्ति कमजोर होती है। संक्रमण रोग होता है। भूलने की समस्या हो जाती है। रक्त एवं गुप्त विकार के कारण परेशानी आती है । इनको नजला, जुखाम, कब्ज, गठिया, ट्यूमर, लुकोरिया, फोड़ा फुंसी, गले की समस्या, हृदय तथा पेट की समस्या के कारण परेशानी होती है।
वृश्चिक मित्र के रुप में: मित्र के रुप में वृश्चिक राशि के लोग सामान्य होते हैं। अपने लक्ष्य के अनुरूप मित्रता करना इनको ज्यादा पसंद है। कार्यों में व्यस्त रहने के कारण अपने मित्रों को ज्यादा समय नहीं दे पाते हैं। कम मित्र होने के बाद भी मित्रता निभा पाने की क्षमता बहुत अच्छी होती है। वृष, कर्क , सिह, वृश्चिक ,मकर, तथा मीन राशि वालों से अच्छी दोस्ती रहती है।
वृश्चिक राशि का जीवनसाथी: वृश्चिक राशि वाले जीवनसाथी के मामले में सौम्य प्रकृति के होते हैं। प्रेम संबंधों के मामले में यह आगे रहते हैं। इनके जीवन साथी से अच्छे संबंध होते हैं। वृष, कर्क, सिंह, मकर तथा मीन वालों से इनका अच्छा लगाव होने के कारण जीवनसाथी के रूप में खूब बनती है। वृश्चिक राशि का पुरुष लगभग सभी राशियों के जीवन साथी के रूप में रिश्ता बनाकर चल सकता है। वृश्चिक राशि के लोग अपने जीवनसाथी और उनके जीवन में किसी और का हस्तक्षेप बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करते।