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8 मार्च, 2021|3:59|IST

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धनु

7 मार्च 2021

मन परेशान रहेगा। माता को स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं। वाणी में सौम्यता रहेगी। कुटुम्ब की किसी महिला से धन प्राप्ति के योग बन रहे हैं। पिता को स्वास्थ्‍य विकार हो सकता है। दिनचर्या अव्यवस्थित रहेगी। किसी पुराने मित्र से भेंट हो सकती है। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)

धनु

8 मार्च 2021

मन में शान्ति‍ एवं प्रसन्नता रहेगी। किसी पुराने मित्र से भेंट हो सकती है। धन की स्थिति में सुधार होगा। स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें। आत्मविश्वास में कमी आएगी। माता को स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं। पारिवारिक जीवन कष्टमय रहेगा खर्च अधिक रहेंगे। 
(पं.राघवेन्द्र शर्मा)

धनु

9 मार्च 2021

वाणी में मधुरता रहेगी। परिवार में जिम्मेदारी बढ़ सकती है। कुटुम्ब के किसी बुजुर्ग से धन की प्राप्ति‍ हो सकती है। आलस्य की अधिकता रहेगी। मन में नकारात्मक विचारों का प्रभाव रहेगा। जीवनसाथी को स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)
 

धनु

week11-2021

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धनु

1 मार्च 2021

मन अशांत रहेगा। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। 12 मार्च से कारोबार की स्थिति में सुधार हो सकता है। 15 मार्च से दिनचर्या अव्यवस्थित हो सकती है। परिवार में व्यर्थ के आपसी वाद विवाद से बचें। 17 मार्च के बाद वाहन सुख की प्राप्ति के योग बन रहे हैं। किसी मित्र का आगमन हो सकता है। आय में सुधार होगा। (पंडित राघवेंद्र शर्मा)

धनु

1 जन॰ 2021

धनु-(22 नवम्बर-21दिसम्बर)
वर्ष के प्रारंभ में क्रोध व आवेश की अधिकता हो सकती है। चार फरवरी के बाद किसी पुराने मित्र का आगमन हो सकता है। उपहार में वस्त्रों की प्राप्ति हो सकती है। 22 फरवरी से अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें। चिकित्सीय खर्च बढ़ सकते हैं। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। परंतु स्थान परिवर्तन भी हो सकता है। छह अप्रैल के बाद कार्यक्षेत्र में बदलाव हो सकता है। आय में वृद्धि होगी। धर्म के प्रति श्रद्धाभाव बढ़ सकता है। 24 मई से यात्रा अधिक रहेंगी। अनियोजित खर्च बढ़ेंगे। शैक्षिक कार्यों में व्यवधान आ सकते हैं। संतान के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। 15 सितंबर के बाद से किसी मित्र के सहयोग से धन लाभ हो सकता है। 12 अक्तूबर से माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। रहन-सहन कष्टमय हो सकता है। 21 नवंबर से धर्म-कर्म में व्यस्तता बढ़ सकती है।
उपाय-
1. प्रतिदिन प्रातः ‘आदित्य हृदय स्त्रोत्र’ का पाठ करके तांबे के लोटे में जल भरकर उसमें थोड़े से चावल, चीनी या गुड़ तथा रोली डालकर जल भगवान सूर्य को अर्पित किया करें।
2. पीली धातु (स्वर्ण) अपने शरीर पर (हाथ में या गले में) धारण करें।
3. 21 ग्राम चांदी का कड़ा दाहिने हाथ में धारण करें।