DA Image
8 मार्च, 2021|2:20|IST

अगली स्टोरी

मीन

7 मार्च 2021

मानसिक शान्ति रहेगी। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। कारोबार में कठिनाइयां आ सकती हैं। आत्मसंयत रहें। अति उत्साही होने से बचें। पारिवारिक जीवन कलहपूर्ण हो सकता है। बहन-भाइयों का सहयोग मिलेगा। परिश्रम अधिक रहेगा। संचित धन में कमी आयेगी। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)

मीन

8 मार्च 2021

मन परेशान हो सकता है। स्वास्थ्‍य के प्रति सचेत रहें। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में परिवर्तन हो सकता है। मन में शांति एवं प्रसन्नता के भाव रहेंगे। शैक्षिक एवं बौद्धिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। नौकरी में पदोन्नति सम्भव है। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)
 

मीन

9 मार्च 2021

मन अशान्त हो सकता है। स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें। खर्चों की अधिकता रहेगी। माता-पिता से धन की प्राप्ति‍ हो सकती है। भवन सुख में वृद्धि होगी। नौकरी में यात्रा पर जा सकते हैं। जीवनसाथी से मतभेद बढ़ सकते हैं। रहन-सहन कष्टमय रहेगा। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)

मीन

week11-2021

Not found

मीन

1 मार्च 2021

मास के प्रारंभ में मानसिक शांति रहेगी, परंतु खर्चों की अधिकता से परेशान भी हो सकते हैं। 12 मार्च से परिवार की समस्याएं भी परेशान कर सकती हैं। 15 मार्च से धैर्यशीलता में कमी आ सकती है। परिवार में आपसी वाद-विवाद से बचें। 17 मार्च से वाहन सुख में वृद्धि हो सकती है। कार्यक्षेत्र में सुधार होगा। (पंडित राघवेंद्र शर्मा)

मीन

1 जन॰ 2021

मीन-(19 फरवरी- 20 मार्च)
वर्ष के प्रारंभ में मन प्रसन्न रहेगा। शैक्षिक व बौद्धिक कार्यों में सफलता मिलेगी। कारोबार की स्थिति संतोषजनक रहेगी। आय में वृद्धि होगी। छह अप्रैल से शैक्षिक कार्यों में कठिनाई आ सकती है। घर-परिवार में धार्मिक/मांगलिक कार्य हो सकते हैं। 14 अप्रैल के बाद परिवार में व्यर्थ के वाद-विवाद से बचने का प्रयास करें। नौकरी में परिवर्तन के अवसर मिल सकते हैं। उच्च पद की प्राप्ति हो सकती है। वाहन की प्राप्ति होगी। 15 सितंबर के बाद शैक्षिक कार्यों में पुनः सफलता मिलेगी। 12 अक्तूबर से मन कुछ परेशान हो सकता है। कारोबार के लिए विदेश यात्रा के योग बन रहे हैं। यात्रा लाभप्रद रहेगी। 21 नवंबर के बाद परिवार की सुख-सुविधाओं का विस्तार होगा। भवन के साज-सज्जा के कार्यों पर खर्च बढ़ेंगे। कारोबार का विस्तार होगा।
उपाय-
1. सवा पांच रत्ती का पुखराज सोने की अंगूठी में जड़वाकर धारण करें।
2. प्रतिदिन ‘आदित्य हृदय स्त्रोत्र’ का पाठ किया करें।
3. शुक्रवार को यथाशक्ति चावल दान किया करें।