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8 मार्च, 2021|3:10|IST

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तुला

7 मार्च 2021

आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। धैर्यशीलता में कमी आएगी। बातचीत में संयत रहें। स्वास्थ्‍य के प्रति सचेत रहें। खर्चों की अधिकता रहेगी। नौकरी में अफसरों से मतभेद हो सकते हैं। कार्यक्षेत्र में परिवर्तन हो सकता है। शैक्षिक कार्यों में कठिनाइयां आ सकती हैं। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)

तुला

8 मार्च 2021

आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे। धैर्यशीलता में कमी आ सकती है। कारोबार की स्थिति में सुधार होगा। परिश्रम अधिक रहेगा। परिवार का सहयोग मिलेगा। वाहन सुख में वृद्धि हो सकती है। वंचित धन में कमी आएगी। म‍ित्रों का सहयोग म‍िलेगा। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)

तुला

9 मार्च 2021

आत्मसंयत रहें। अपनी भावनाओं को वश में रखें। बातचीत में सन्तुलित रहें। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। वाणी में कठोरता का प्रभाव बढ़ेगा। बातचीत में सन्तुलित रहें। संचित धन में कमी आ सकती है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)

तुला

week11-2021

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तुला

1 मार्च 2021

मास के प्रारंभ में आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान पर जा सकते हैं। पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। 15 मार्च से आय में कठिनाइयां आ सकती हैं। खर्चों में वृद्धि होगी। 17 मार्च से मन परेशान रहेगा। वाहन सुख में कमी आ सकती है। कारोबार की स्थिति मजबूत रहेगी। विस्तार पर खर्च बढ़ सकते हैं। (पंडित राघवेंद्र शर्मा)

तुला

1 जन॰ 2021

तुला-(23 दिसम्बर-23 अक्टूबर)
वर्ष के प्रारंभ में क्रोध की अधिकता हो सकती है। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। कारोबार में परिश्रम अधिक रहेगा। 15 जनवरी के बाद पिता के स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें। रहन-सहन भी अव्यवस्थित रहेगा। 22 फरवरी से जीवनसाथी को स्वास्थ्य विकार हो सकता है। परिश्रम अधिक रहेगा। 24 मई के बाद नौकरी में परिवर्तन के योग बन रहे हैं। किसी दूसरे स्थान पर भी जाना पड़ सकता है। परिवार से अलगाव हो सकता है। 22 जून से धर्म के प्रति श्रद्धा भाव बढ़ सकता है। शैक्षिक व बौद्धिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। छह सितंबर के उपरांत जीवनसाथी के स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। चिकित्सीय खर्च बढ़ सकते हैं। कार्यक्षेत्र में परिश्रम अधिक रहेंगे। मित्रों से विवाद की स्थिति बन सकती है। 22 अक्तूबर से पारिवारिक स्थिति में सुधार होगा, परंतु धैर्यशीलता में कमी भी हो सकती है।
उपाय-
1. प्रतिदिन ‘गणेश स्तोत्र’ का पाठ करें।
2. मंगलवार के दिन लाल कपड़े में गुड़ बांधकर हनुमान जी के चरणों में अर्पित करें।
3. शुक्रवार के दिन सफेद वस्त्र पहनें तथा यथाशक्ति चावल का दान करें।