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27 सितम्बर, 2020|6:50|IST

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मिथुन

26 सित॰ 2020

आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे। धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। नौकरी में किसी दूसरे स्थान पर जाना पड़ सकता है। स्वास्थ्‍य के प्रति सतर्क रहें। आय की स्थिति में सुधार होगा, लेकिन खर्चों की भी अधिकता रहेगी। संतान सुख में वृद्धि होगी।  (पं.राघवेन्द्र शर्मा)

मिथुन

27 सित॰ 2020

धैर्यशीलता बनाये रखने के प्रयास करें। अनियोजित खर्च बढ़ेंगे। सेहत का ध्यान रखें। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। दैनिक कार्यों की स्थिति में सुधार होगा। मित्रों के सहयोग से कारोबार विस्तार के अवसर मिल सकते हैं। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)

मिथुन

28 सित॰ 2020

नौकरी में अफसरों के साथ मतभेदों से बचने का प्रयास करें। स्थान परिवर्तन के योग बन रहे हैं। रहन-सहन कष्टमय हो सकता है। मानसिक शान्ति रहेगी। शैक्षिक कार्यों में व्यवधान आएंगे। किसी रुके हुए धन की प्राप्‍ति हो सकती है। आय की स्थिति में सुधार होगा। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)

मिथुन

week39-2020

मिथुन : (21 मई-21 जून)
अपनी भावनाओं को वश में रखें, आत्मविश्वास में कमी आएगी। क्रोध के अतिरेक से बचें, पारिवारिक जिम्मेदारी बढ़ सकती है। कुटुम्ब के किसी बुजुर्ग से धनलाभ हो सकता है, परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान की यात्रा पर जा सकते हैं। भाइयों का सहयोग मिलेगा।  किसी रुके हुए धन की प्राप्ती हो सकती है, नाकरी में अफसरों का सहयोग बना रहेगा। स्थान परिवर्तन की संभावना बन रही हैं।  (पं. राघवेंद्र शर्मा)

मिथुन

1 सित॰ 2020

आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। तीन सितंबर के बाद माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा। परिवार में सुख शांति रहेगी। 11 सितंबर से वाणी में मधुरता आएगी, परंतु स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। 16 सितंबर से रहन-सहन अव्यवस्थित हो सकता है। 24 सितंबर के बाद नौकरी में स्थान परिवर्तन के योग बन रहे हैं। अनियोजित खर्च बढ़ सकते हैं। (पंडित राघवेंद्र शर्मा)

मिथुन

1 जन॰ 2020

मिथुन-(21 मई - 21 जून)।

वर्ष के प्रारम्भ में आत्मविश्वास से परिपूर्ण तो रहेगें,परन्तु धैर्यशीलता में कमी भी रहेगी। 25 जनवरी के बाद दाम्पत्य सुख में वृद्धि होगी। नौकरी में तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। आयु में वृद्धि होगी। विदेश प्रवास के योग भी बन रहे हैं, परन्तु शनि की ढैया प्रारम्भ होने से कार्यों में विघ्न आने से परेशानियां भी उठानी पड़ सकती है। संचित धन की हानि भी हो सकती है। 30 मार्च के बाद पिता को स्वास्थ्‍य विकार हो सकते हैं। पारिवारिक समस्याएं बढ़ सकती हैं। खर्च भी बढ़ेंगे। लेकिन धन की स्थिति में सुधार भी होगा। 12 मई से 30 सितम्बर के मध्य किसी पुराने मित्र से भी भेंट हो सकती है। परन्तु स्वास्थ्‍य के प्रति भी सचेत रहना होगा। उदर में वायु विकार हो सकते हैं। यात्रा के दौरान खान-पान के प्रति सचेत रहें। 24 सितम्बर के बाद से अनियोजित खर्च बढ़ेंगे। किसी मित्र से वैचारिक मतभेद भी बढ़ सकते हैं।

उपाय-

1:प्रत्येक मंगलवार के दिन शाम के समय लाल कपड़े में गुड़ बांधकर हनुमान जी के चरणों में चढ़ायें।

2:सरसों के तेल में अपना चेहरा देखें। शनिवार के दिन इसी तेल से सात पूड़े (गुलगुले) बनवा कर कुत्तों को खिलाऐं। बचे हुए तेल को अलग उठा कर रख लें। किसी और काम में प्रयोग न करें। हर शनिवार को यही तेल प्रयोग करना होगा।

3:‘शिरोरूपाय विदमहे अमृतेशाय धीमहि तन्नों राहूः प्रचोदयात्’ मन्त्र की नित्य एक माला जपें। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)