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27 जनवरी, 2020|3:59|IST

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मिथुन

26 जन॰ 2020

मानसिक शांति तो रहेगी, लेकिन स्‍वभाव में चिड़चिड़ापन भी रहेगा। वाहन सुख में वृद्धि होगी। अपनी भावनाओं को वश में रखें। जीवनसाथी से नोकझोंक हो सकती है। सम्‍पत्‍ति में आय वृद्धि हो सकती है। स्‍वास्‍थ्‍य के प्रति सचेत रहें। (पं.राघवेंद्र शर्मा)

 

मिथुन

27 जन॰ 2020

आशा-निराशा के मिश्रित भाव रहेंगे। स्‍वास्‍थ्‍य के प्रति सचेत रहें। आय में कमी आ सकती है। भाइयों के सहयोग से कारोबार का विस्तार हो सकता है। लाभ में वृद्धि होगी। शैक्षिक कार्यों में कठिनाइयां आ सकती हैं। खर्चों की अधिकता रहेगी। (पं.राघवेंद्र शर्मा)

मिथुन

28 जन॰ 2020

आत्‍मविश्वास में वृद्धि होगी। लेकिन आत्‍मसंयत रहें। धैर्यशीलता में कमी आ सकती है। नौकरी में कार्यक्षेत्र में परिवर्तन की संभावना बन रही हैं। परिश्रम की अधिकता रहेगी। आय में वृद्धि होगी। वाहन के रखरखाव पर खर्च बढ़ सकते हैं। (पं.राघवेंद्र शर्मा)

 

मिथुन

week5-2020

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मिथुन

1 जन॰ 2020

13 जनवरी तक आत्मविश्वास भरपूर रहेगा, परंतु मानसिक तनाव भी रहेगा। 14 जनवरी से माता को स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं। रहन-सहन कष्टमय रहेगा। 15 जनवरी से कार्यक्षेत्र में कठिनाई आ सकती हैं। 25 जनवरी के बाद नौकरी में परिवर्तन के योग बन रहे हैं। परिवार का सहयोग मिलेगा। संतान की ओर से सुखद समाचार मिल सकते हैं। (पंडित राघवेंद्र शर्मा)

मिथुन

1 जन॰ 2020

मिथुन-(21 मई - 21 जून)।

वर्ष के प्रारम्भ में आत्मविश्वास से परिपूर्ण तो रहेगें,परन्तु धैर्यशीलता में कमी भी रहेगी। 25 जनवरी के बाद दाम्पत्य सुख में वृद्धि होगी। नौकरी में तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। आयु में वृद्धि होगी। विदेश प्रवास के योग भी बन रहे हैं, परन्तु शनि की ढैया प्रारम्भ होने से कार्यों में विघ्न आने से परेशानियां भी उठानी पड़ सकती है। संचित धन की हानि भी हो सकती है। 30 मार्च के बाद पिता को स्वास्थ्‍य विकार हो सकते हैं। पारिवारिक समस्याएं बढ़ सकती हैं। खर्च भी बढ़ेंगे। लेकिन धन की स्थिति में सुधार भी होगा। 12 मई से 30 सितम्बर के मध्य किसी पुराने मित्र से भी भेंट हो सकती है। परन्तु स्वास्थ्‍य के प्रति भी सचेत रहना होगा। उदर में वायु विकार हो सकते हैं। यात्रा के दौरान खान-पान के प्रति सचेत रहें। 24 सितम्बर के बाद से अनियोजित खर्च बढ़ेंगे। किसी मित्र से वैचारिक मतभेद भी बढ़ सकते हैं।

उपाय-

1:प्रत्येक मंगलवार के दिन शाम के समय लाल कपड़े में गुड़ बांधकर हनुमान जी के चरणों में चढ़ायें।

2:सरसों के तेल में अपना चेहरा देखें। शनिवार के दिन इसी तेल से सात पूड़े (गुलगुले) बनवा कर कुत्तों को खिलाऐं। बचे हुए तेल को अलग उठा कर रख लें। किसी और काम में प्रयोग न करें। हर शनिवार को यही तेल प्रयोग करना होगा।

3:‘शिरोरूपाय विदमहे अमृतेशाय धीमहि तन्नों राहूः प्रचोदयात्’ मन्त्र की नित्य एक माला जपें। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)