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8 मार्च, 2021|3:48|IST

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कर्क

7 मार्च 2021

मन परेशान रहेगा। जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। माता-पिता का साथ मिलेगा। क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा के भाव मन में रहेंगे। माता को स्वास्थ्‍य विकार हो सकते हैं। कारोबार में व्यवधान आ सकते हैं। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)
 

कर्क

8 मार्च 2021

मन अशान्त रहेगा। बातचीत में सन्तुलित रहें। आय में कमी रहेगी। संचित धन में कमी आयेगी। पिता से धन की प्राप्ति‍ हो सकती है। धैर्यशीलता में कमी आयेगी। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। जीवनसाथी को स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)

कर्क

9 मार्च 2021

आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा की मनःस्थिति हो सकती है। शैक्षिक कार्यों में सुधार होगा। आत्मविश्वास से परिपूर्ण रहेंगे। कुटुम्ब के किसी बुजुर्ग से धन प्राप्ति के योग बन रहे हैं। वाहन सुख में वृद्धि होगी। म‍ित्रों से भेंट होगी। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)

कर्क

week11-2021

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कर्क

1 मार्च 2021

मानसिक शांति रहेगी। पठन-पाठन में रुचि रहेगी। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। लेखन आदि शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। मान सम्मान की प्राप्ति होगी। 12 मार्च के बाद कारोबार में कुछ परेशानियां आ सकती हैं। 15 मार्च से धन की स्थिति में सुधार होगा, परंतु परिश्रम अधिक रहेगा। 17 मार्च से माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा। (पंडित राघवेंद्र शर्मा)

कर्क

1 जन॰ 2021

कर्क-(22 जून-23 जुलाई)।
वर्ष के प्रारंभ में आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे। ‘क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा’ की मनः स्थिति रहेगी। पांच जनवरी से कारोबार की स्थिति में सुधार होगा। 15 जनवरी से धैर्यशीलता बनाए रखने के प्रयास करते रहें। 28 जनवरी के उपरांत वाहन सुख में वृद्धि के योग बन रहे हैं। छह अप्रैल से शैक्षिक कार्यों पर ध्यान दें। कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। 12 अक्तूबर के बाद ही स्थिति में सुधार होगा। संतान के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। 22 अक्तूबर के बाद भवन सुख की प्राप्ति के योग बन रहे हैं। पिता का सानिध्य व सहयोग मिलेगा। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। कुटुम्ब-परिवार में धार्मिक कार्य होंगे। 21 नवंबर के बाद नौकरी में कार्यक्षेत्र का विस्तार तथा आय में वृद्धि हो सकती है। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी।
उपाय-
1. प्रतिदिन प्रातः स्नान करके तांबे के लोटे में जल भरकर उसमें थोड़े से चावल, चीनी व रोली डालकर जल सूर्य भगवान को अर्पित करें।
2. शनिवार के दिन पानी में दूध चुटकी भर काले मिला तथा थोड़ी सी चीनी डालकर सूर्योदय से पूर्व पीपल के वृक्ष की जड़ में चढ़ाएं।