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4 अगस्त, 2020|6:06|IST

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मेष

3 अग॰ 2020

किसी मित्र के सहयोग से किसी सम्पत्ति में निवेश कर सकते हैं। क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा के भाव रहेंगे। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। शैक्षिक कार्यों में व्यवधान आ सकते हैं। परिवार में सुख-शान्ति रहेगी। कार्यक्षेत्र में परिश्रम अधिक रहेगा। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)
 

मेष

4 अग॰ 2020

संयत रहें। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। माता को स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। खर्चों की अधिकता रहेगी। रहन-सहन कष्टमय रहेगा। आस-पास की यात्रा पर जाना हो सकता है। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)
 

मेष

5 अग॰ 2020

मानसिक शान्ति रहेगी। कारोबार के विस्तार में किसी मित्र का सहयोग मिल सकता है। घरेलू समस्याएं बढ़ेंगी। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। शैक्षिक कार्यों में कठिनाइयां आ सकती हैं। दैनिक कार्य अस्त-व्यस्त रहेंगे। यात्रा के योग भी बन रहे हैं। परिश्रम अधिक रहेगा। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)
 

मेष

week32-2020

मेष : (21 मार्च-20 अप्रैल)
मन में निराश के भाव रहेंगे, हालांकि मानसिक शांती रहेगी। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा, तरक्की के योग भी बन रहे हैं। धार्मिक संगीत के प्रति रुझान बढ़ेगा। परिवार के संग किसी धार्मिक स्थान की यात्रा पर जाना हो सकता है, खर्चों में वृद्धि होगी, स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें।  (पं. राघवेंद्र शर्मा)

मेष

1 अग॰ 2020

मास के प्रारंभ में आत्मविश्वास में कमी रहेगी। रहन-सहन कष्टमय रहेगा। 17 अगस्त के उपरांत आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। संतान सुख में वृद्धि हो सकती है। रहन-सहन अव्यवस्थित हो सकता है। धर्म के प्रति श्रद्धाभाव रहेगा। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। बौद्धिक कार्यों में सम्मान की प्राप्ति होगी। (पंडित राघवेंद्र शर्मा )

मेष

1 जन॰ 2020

मेष- (21 मार्च-20 अप्रैल)

वर्ष के प्रारम्भ में आपकी राशि के स्वामी अष्टमस्थ हैं। अतःआत्मविश्वास में कमी रहेगी। 07 फरवरी के बाद आत्मविश्वास में वृद्धि होगी, परन्तु कार्यक्षेत्र में परिश्रम की अधिकता रहेगी। माता को स्वास्थ्‍य विकार हो सकते हैं। 25 जनवरी के बाद शासन-सत्ता से लाभ मिलेगा। परन्तु नौकरी में स्थान परिवर्तन के योग भी बनेंगे। परिवार से दूर भी जाना हो सकता है। 30 मार्च से धन की स्थिति में सुधार होगा। 12 मई से 30 सितम्बर के मध्य विदेश यात्रा के योग बन रहे हैं। यात्रा कष्टप्रद हो सकती है। मन परेशान हो सकता है। परिवार का सहयोग मिलेगा। वाहन सुख में वृद्धि भी हो सकती है। 05 अक्टूबर से मन अशान्त रहेगा। कार्यक्षेत्र-कारोबार में कठिनाइयां आ सकती हैं। स्वास्थ्‍य सम्बन्धी परेशानियां भी बढ़ सकती हैं। चिकित्सीय खर्च बढेंगे। वर्ष के अन्त में सन्तान की ओर से शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है।

उपायः-

1:प्रतिदिन हनुमान चालीसा के पाठ करें। गुड़ एवं भुने हुए चने का हनुमान जी को भोग लगाएं तथा इस भोग को बन्दरों या सांड को खिला दें।
2: बृहस्पतिवार के दिन प्रातः गाय को पांच केले खिलायें।

3:शनिवार के दिन लोटे में जल भरकर उसमें चुटकी भर काले तिल एवं दो बून्द सरसों के तेल की बून्द डालकर शिव लिंग पर चढ़ायें। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)