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8 मार्च, 2021|2:18|IST

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मेष

7 मार्च 2021

अपनी भावनाओं को वश में रखें। परिवार में आपसी मनमुटाव हो सकता है। माता-पिता का सानिध्य एवं सहयोग मिलेगा। भौतिक सुखों में वृद्धि होगी। परिवार में धार्मिक कार्य होंगे। आत्मसंयत रहें। कारोबार की स्थिति में सुधार होगा। लाभ के अवसर मिलेंगे। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)

मेष

8 मार्च 2021

मन परेशान हो सकता है। क्रोध एवं आवेश के अतिरेक से बचें। परिवार का साथ मिलेगा। सन्तान की ओर से सुखद समाचार मिल सकता है। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान की यात्रा पर जाना हो सकता है। माता को स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)

मेष

9 मार्च 2021

आत्मसंयत रहें। धैर्यशीलता में कमी रहेगी। कारोबार में किसी मित्र का सहयोग मिल सकता है। परिवार का भी सहयोग मिलेगा। शैक्षिक कार्यों में व्यवधान आ सकते हैं। परिश्रम की अधिकता रहेगी। रहन-सहन कष्टमय रहेगा। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। 
(पं.राघवेन्द्र शर्मा)

मेष

week11-2021

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मेष

1 मार्च 2021

माह के प्रारंभ में धैर्यशीलता में कमी हो सकती है। बातचीत में संतुलन बनाए रखें। व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। 11 मार्च के बाद नौकरी में परिवर्तन के अवसर मिल सकते हैं। उच्च पद की प्राप्ति हो सकती है। शासन-सत्ता का सहयोग मिलेगा, परंतु पारिवारिक सुख में कमी आ सकती है। (पंडित राघवेंद्र शर्मा)

मेष

1 जन॰ 2021

मेष-(21 मार्च - 20 अप्रैल)
वर्ष के प्रारंभ में आत्मविश्वास से परिपूर्ण तो रहेंगे, परंतु मन परेशान भी हो सकता है। परिवार में व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। चार जनवरी से जीवनसाथी के स्वास्थ्य में सुधार होगा। वाहन प्राप्ति के योग भी बनेंगे। कारोबार की स्थिति निरंतर मजबूत होती रहेगी। पिता का सहयोग मिलता रहेगा। खर्च अपेक्षाकृत कम ही रहेंगे, परंतु जीवनशैली का ध्यान रखें। जीवनशैली में व्यवधान आ सकते हैं। 17 मार्च से पुनः जीवनसाथी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। कुटुम्ब की किसी बुजुर्ग महिला का स्वास्थ्य भी खराब हो सकता है। खर्च अधिक रहेंगे। नौकरी में किसी मित्र के सहयोग से परिवर्तन के अवसर मिल सकते हैं। किसी दूसरे स्थान पर भी जाना पड़ सकता है। छह सितंबर से अपने स्वास्थ का ध्यान रखें। 15 सितंबर से धार्मिक कार्यों में व्यस्तता बढ़ सकती है। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। किसी रुके हुए धन की प्राप्ति हो सकती है।
उपाय-
1. प्रत्येक मंगलवार के दिन रोटी में गुड़ रखकर गाय को खिलाएं।
2. प्रत्येक बुधवार के दिन हरी सब्जी गाय को खिलाएं अथवा गणपति पर दुर्वा घास अर्पित करें।
3. प्रत्येक शुक्रवार के दिन एक मुट्ठी चावल लेकर किसी बर्तन में इकट्ठा करते रहें। एक किलो के लगभग होने पर मंदिर के पुजारी को दे दें।