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8 मार्च, 2021|1:30|IST

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कुंभ

7 मार्च 2021

मन में नकारात्मकता का प्रभाव रहेगा। मानसिक तनाव हो सकता है। आत्मविश्वास से परिपूर्ण रहेंगे। दाम्पत्‍य सुख में वृद्धि होगी। परिवार का सहयोग मिलेगा। धार्मिक संगीत में रुचि हो सकती है। आय में सुधार होगा। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)
 

कुंभ

8 मार्च 2021

आत्मविश्वास में कमी आएगी। संयत रहें। क्रोध के अतिरेक से बचें। माता का सानिध्य मिलेगा। खर्च अधिक रहेंगे। वाणी में सौम्यता रहेगी, लेकिन स्वभाव में चिड़चिड़ापन भी हो सकता है। सन्तान की ओर से सुखद समाचार मिल सकता है। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)

कुंभ

9 मार्च 2021

संयत रहें। अपनी भावनाओं को वश में रखें। परिवार का साथ मिलेगा। वाहन सुख में वृद्धि होगी। यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है। मन में नकारात्मक विचारों का प्रभाव हो सकता है। स्वभाव में चिड़चिड़ापन रहेगा। नौकरी में अफसरों से मतभेद हो सकते हैं। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)

कुंभ

week11-2021

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कुंभ

1 मार्च 2021

मास के प्रारंभ में आत्मसंयत रहें। अपनी भावनाओं को वश में रखें। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। 12 मार्च से संतान के स्वास्थ्य में सुधार होगा। कारोबार को गति मिलेगी। 15 मार्च से बातचीत में संतुलित रहें। जीवनसाथी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। 17 मार्च के बाद माता से धन की प्राप्ति हो सकती है। (पंडित राघवेंद्र शर्मा)

कुंभ

1 जन॰ 2021

कुंभ( 20 जनवरी-18 फरवरी)
वर्ष के प्रारंभ में मन परेशान रहेगा। धैर्यशीलता में कमी रहेगी। स्वास्थ्य में भी गड़बड़़ी हो सकती है। 22 फरवरी से कार्यक्षेत्र में परिश्रम की कमी आएगी। भवन या संपत्ति में विस्तार हो सकता है। पिता का सहयोग मिलेगा। अनियोजित खर्च अधिक रहेंगे। छह अप्रैल से शैक्षिक कार्यों में सुधार होगा। दांपत्य सुख में वृद्धि हो सकती है। 24 मई के बाद नौकरी में कार्यक्षेत्र में परिवर्तन के योग बन रहे हैं। कार्यक्षेत्र में कठिनाइयां रहेंगी। अफसरों से वाद-विवाद से बचें। 15 सितंबर के बाद घर-परिवार में धार्मिक/मांगलिक कार्य हो सकते हैं। भवन के रखरखाव तथा साज-सज्जा के कार्यों पर खर्च बढ़ेंगे। 12 अक्तूबर के बाद परिवार के साथ यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है। 21 नवंबर से शैक्षिक कार्य सुचारू होंगे। परिवार में सुख-शांति रहेगी। आय सुचारु रहेगी।
उपाय-
1. प्रतिदिन भगवान शिव की आराधना किया करें। शिवलिंग पर जल में दूध मिलाकर अभिषेक किया करें।
2. प्रत्येक बुधवार के दिन प्रातः गणेश चालीसा या गणेश स्त्रोत्र का पाठ किया करें।
3. 21 ग्राम चांदी की कड़ा सीधे (दाहिने) हाथ में धारण करें।