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30 साल बाद 2027 में होगा शनि का महागोचर, अपनी नीच राशि में जाएंगे शनि, किन 4 राशियों को देंगे वरदान

30 साल बाद 2027 में होगा शनि का महागोचर, अपनी नीच राशि में जाएंगे शनि, किन 4 राशियों को देंगे वरदान

संक्षेप:

शनिदेव सभी के जीवन में कर्मों का हिसाब करते हैं। शनि सिखाते हैं कि हमें अपनी गलतियों से सीखना चाहिए। शनि आपको देखते, उसमें सुधार करवाते हैं और आगे बढ़ाते हैं। आपको बता दें कि शनि अभी मीन राशि में गोचर कर रहे हैं

Feb 10, 2026 01:30 pm ISTAnuradha Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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शनिदेव सभी के जीवन में कर्मों का हिसाब करते हैं। शनि सिखाते हैं कि हमें अपनी गलतियों से सीखना चाहिए। शनि आपको देखते, उसमें सुधार करवाते हैं और आगे बढ़ाते हैं। आपको बता दें कि शनि अभी मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। शनि का यह गोचर अभी गुरु की राशि में हैं। लेकिन ढ़ाई साल होने पर यानी साल 2027 में शनि मेष राशि में जाएंगे। यह शनि की नीच राशि है। आपको बता दें कि शनि की उच्च की राशि तुला है, इस राशि में जब शनि होते हैं, तो शनि पहले से और भी अधिक मजबूत हो जाते हैं। लेकिन शनि की नीच की राशि मेष राशि है। शनि जब मेष में होते हैं, तो कमजोर हो जाते हैं। इसलिए 30 साल बाद शनि का बड़ा गोचर होने वाला है, जब शनि मेष राशि में जाएंगे। इस राशि में शनिदेव के आने से कई राशियों के लिए लाभ के लिए, कुछ के लिए मिलेजुले और कुछ के लिए नेगेटिव समय रहेगा। यहां इस बारे में ज्योतिर्विद ने बताया है कि शनिदेव किस राशि को लाभ देंगे और किसके लिए परेशानियां आएंगी।

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क्या कहना है शनि मेष गोचर को लेकर ज्योतिर्विद पंडित दिवाकर त्रिपाठी का?

ज्योतिर्विद पंडित दिवाकर त्रिपाठी के अनुसार ग्रहो में न्यायाधीश शनि वर्ष 2027 में अपनी नीच राशि मेष में प्रवेश करेंगे। शनि 30 वर्षों के बाद नीच राशि में प्रवेश करते हैं। ऐसे में यह बहुत महत्वपूर्ण परिवर्तन होगा। जहां शनि के परिवर्तन से साढेसाती एवं ढैय्या के प्रभाव में परिवर्तन होगा। शनि के इस गोचर से सबसे अधिक प्रभाव चार राशियों को होगा, इनमें मेष, कर्क, तुला, मकर राशियां हैं। इन राशियों के लिए दिक्कत का समय रहेगा, आर्थिक से लेकर रिलेशनशिप में इन्हें परेशानी का सामना करना होगा। लेकिन वृष, सिंह, वृश्चिक, कुम्भ राशि के लिए यह महागोचर बहुत ही शुभ रहने वाला है। इन राशियों के लोगों को लाभ के योग के साथ पर्सनल लाइफ में भी खुशियां रहेगीं। आपको बिजनेसमें भी लाभ होगा। इस राशि के लोगों के लिए चीजें पहले से बेहतर होंगी और भाग्य साथ देगा। सभी बिगड़ते काम बनेंगे।मिथुन, कन्या, धनु, मीन राशि के लिए सकारात्मक एवं नकारात्मक दोनों समय रहेंगे।

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शनि की साढ़ेसाती की राशि पर भी प्रभाव
इसका असर शनि की साढ़े साती पर भी होगा। मेष राशि के लिए दिक्कतें होंगी, आपको पर्सनल लाइफ से लेकर आर्थिक लाइफ में दिक्कत होती है। वहीं कुंभ राशि के लिए चीजें आसान होंगी। इस राशि के लोगों के लिए समय अच्छा रहेगा, इस राशि पर साढ़ेसाती उतरेगी। वहीं मीन राशि के लिए भी दिक्कतें रहेंगी।

शनिदेव से जुड़े सवाल

शनि देव को कौन सा ग्रह कहते हैं?

शनिदेव को कर्मों का फल देने वाला ग्रह बोला गया है।

शनि एक राशि में कितने साल रहते हैं?

शनि एक राशि में ढ़ाई साल रहते हैं।

शनि की साढ़ेसाती और ढैया कितने सालों की होती है?

शनि की साढ़ेसाती 7.5 सालों की और ढैय्या ढ़ाई साल की होती है।

शनि 2027 में किस राशि में जाएंगे?

2027 में शनि मेष राशि में जाएंगे।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Anuradha Pandey

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शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


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अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


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अनुराधा ने अपने करियर की शुरुआत साल 2010 में आज समाज अखबार से की। इसके बाद उन्होंने 'आज तक' (Aaj Tak) में एजुकेशन सेक्शन में तीन साल तक अपनी सेवाएं दीं। साल 2015 से वह लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ी हैं और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रही हैं। उनका गहरा अनुभव उन्हें जटिल विषयों पर सरल और प्रभावी ढंग से लिखने में सक्षम बनाता है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। इसके साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन, सीसीएसयू से एम.कॉम और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एवं मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।


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