कुंभ राशि में राहु कब तक रहेगा, आने वाले 6 महीने में शनि और गुरु का बनेगा ट्रायंगल

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कुंभ राशि में अभी शनि की साढ़ेसाती का आखिरी फेज और राहु चल रहे हैं। ऐसे में आने वाले 6 महीनें इनका नसीब कैसा रहेगा। क्या क्या बदलाव आएंगे

कुंभ राशिफल शनि साढ़ेसाती और राहु

ग्रहों में अगर इस समय कोई राशि सबसे अधिक प्रभावित हो रही है तो वो है कुंभ राशि। इस राशि पर राहु का गोचर तो चल ही रहा है और साथ में शनि की साढ़ेसाती भी चल रही है। ऐसे में आने वाले 6 महीने और एक साल में कई बदलाव इस राशि को झेलने होंगे। यहां हम शनि और राहु के नजरिए से बात करेंगे। कुल मिलाकर शनि, गुरु और राहु का खास असर आपकी लाइफ पर हो रहा है। यहां हम इसी को लेकर बात करेंगे।

कुंभ राशि के लिए आने वाले 6 महीने में कैसी रहेगी धन की स्थिति?

कुंभ रासि के लिए आर्थिक तौर पर अभी चीजें उतनी सही नहीं होंगी, साढ़ेसाती का तीसरा फेज अभी चल ही रहा है। इसके बाद साढ़ेसाती अगले साल जून में खत्म हो जाएगी। आपके लिए सेविंग मुश्किल होंगी। हालांकि राहु का गोचर आपकी राशि में है तो आपके लिए अचानक धन मिल सकता है या धन हानि भी हो सकती है ये आपकी राशि की महादशा और अंतदर्शा पर भी निर्भरकरता है।

कुंभ राशि के लिए आने वाले 6 महीनों में कैसी रहेगी करियर की स्थिति?

करियर के मामले में चीजें ठीक होंगी। अक्टूबर में गुरु के राशि परिवर्तन और दिसंबर में राहु के चले जाने के बाद से आपके लिए नौकरी और इनकम की स्थिति अच्छी होगी। गुरु के कर्क गोचर का प्रभाव शनि की कुंभ राशि पर भी पड़ेगा। अगर सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, तो आपके लिए उत्तम समय है।

गुरु और शनि की ट्रायएंगल भी देगा लाभ

गुरु कुंभ राशि के छठवें भाव में है और शनि द्वितीय भाव में है। इस तरह से शनि और गुरु आपस में ट्रायंगल बना रहे हैं। जून से दिसंबर तक गुरु और सूर्य के बीच 60 डिग्री का सकारात्मक कोण भी बनेगा, जिस दौरान आपको लाभ मिलने के योग हैं।

राहु के जाने पर दिसंबर में क्या होगा?

नवंबर और दिसंबर में गुरु आपकी राशि के सप्तम भाव में जाएंगे। राहु भी आपकी राशि से चला जाएगा। ऐसे में कंफ्यूजन खत्म होगी और आप फैसले ले पाएंगे। आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा? शनि की साढ़ेसाती उतरती हुई है, इसलिए शनि की ओर अशुभ प्रभाव कम प्राप्त होंगे। राहु के कारण मिलने वाला तनाव भी कम होगा और आप अच्छे से सोच पाएंगे।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Anuradha Pandey

लेखक के बारे में

Anuradha Pandey

शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


परिचय और अनुभव

अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


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अनुराधा ने अपने करियर की शुरुआत साल 2010 में आज समाज अखबार से की। इसके बाद उन्होंने 'आज तक' (Aaj Tak) में एजुकेशन सेक्शन में तीन साल तक अपनी सेवाएं दीं। साल 2015 से वह लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ी हैं और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रही हैं। उनका गहरा अनुभव उन्हें जटिल विषयों पर सरल और प्रभावी ढंग से लिखने में सक्षम बनाता है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। इसके साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन, सीसीएसयू से एम.कॉम और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एवं मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।


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