दिवाली से पहले गुरु की सिंह राशि में केतु संग युति, क्या होगा इस युति में, किसे लाभ

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Guru gochar Rashifal in hindi: गुरु का गोचर सिंह राशि में अक्टूबर में होगा। इस राशि में पहले से केतु विराजमान हैं। ऐसे में किस राशि के लिए क्या लाभ होगा। यहां जानें। 

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गुरु गोचर सिंह राशि में अक्टूबर 31

दिवाली से पहले गुरु का बड़ा गोचर होने वाला है। अभी गुरु उच्च राशि कर्क में हैं, जिससे कई राशियों के लिए अच्छे योग बने हुए हैं। लेकिन दिवाली से पहले गुरु का एक और परिवर्तन होगा। गुरु कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में जाएंगे। गुरु के इस गोचर से कई राशियों के लिए प्रभाव और लाभ के रास्ते खुलेंगे।

क्या है गुरु का सिंह राशि में गोचर?

गुरु 31 अक्टूबर को सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। गुरु की सिंह राशि में सूर्य की युति बनेगी, जो अच्छी मानी जाती है। दिवाली से पहले गुरु का गोचर खास है। 31 अक्टूबर तक उच्च के गुरु सभी राशियों को लाभान्वित कर रहे हैं। अब सिंह राशि में जब सूर्य के साथ आएंगे तो भी अच्छे प्रभाव राशियों पर होंगे। सूर्य के साथ गुरु अपना शुभ प्रभाव राशियों को देते हैं। लेकिन केतु भी इस राशि में होने से कई मामलों में रहस्यमयी, अलगाव और कंफ्यूजन की स्थिति बनेगी। कई बार आपको सही गलत का चुनाव समझ में नहीं आएगा। आप धर्म के रास्ते पर जाना चाहेंगे। आइए जानें इसका राशियों पर क्या असर होगा।

गुरु गोचर से तुला राशि को क्या मिलेगा?

तुला राशि के लिए भी अच्छे योग बनेंगे। आपके पास धन लाभ तो होगा ही साथ ही इनकम के नए सोर्स सामने आएगा। अगर पैसा कहीं डूबा है तो हो सकता है आपको वापस मिल जाए।तुला राशि का कोई सपना था जो बहुत समय से अधूरा था तो वह भी पूरा हो सकता है।

गुरु गोचर से सिंह राशि को क्या मिलेगा?

सिंह राशि में गरु खुद आ रहे हैं। ऐसे में आपके लिए अच्छे योग हैं, क्योंकि गुरु और सूर्य की युति बहुत खास मानी जाती है। आपके लिए समाज में सम्मान और धन तो मिलता है वैवाहिक जीवन और संतान भी अच्छे होते हैं। लेकिन केतु के कारण आपके लिए चीजें रहस्मयी होकर आपको थोड़ा परेशान कर सकती हैं।

मिथुन राशि पर क्या असर?

मिथुन राशि के लिए अच्छा समय है। आपके लिए आत्मविश्वास और सम्मान बढ़ेगा। आपको करियर में भी लाभ के योग मिलेंगे।

मेष राशि पर क्या असर?

मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। लेकिन दिवाली से पहले जब गुरु सिंह राशि में आएंगे तो मेष राशि के लिए अच्छे योग बनेंगे। आपके लिएचीजें अच्छी होगीं। संतान और ज्ञान के बल पर आप आगे बढ़ेंगे।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Anuradha Pandey

लेखक के बारे में

Anuradha Pandey

शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


परिचय और अनुभव

अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


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अनुराधा ने अपने करियर की शुरुआत साल 2010 में आज समाज अखबार से की। इसके बाद उन्होंने 'आज तक' (Aaj Tak) में एजुकेशन सेक्शन में तीन साल तक अपनी सेवाएं दीं। साल 2015 से वह लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ी हैं और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रही हैं। उनका गहरा अनुभव उन्हें जटिल विषयों पर सरल और प्रभावी ढंग से लिखने में सक्षम बनाता है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। इसके साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन, सीसीएसयू से एम.कॉम और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एवं मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।


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