Rang Panchami 2026: शादी में देरी या पार्टनर के साथ हो रही है परेशानी, रंग पंचमी पर इन उपायों से पाएं छुटकारा

Mar 07, 2026 10:20 am ISTNavaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
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रंग पंचमी के दिन देवता भी धरती पर उतरकर भक्तों के साथ रंग खेलते हैं, इसलिए इसे देव पंचमी भी कहते हैं। मान्यता है कि रंग पंचमी पर किए गए कुछ विशेष उपाय शादी में देरी, वैवाहिक कलह और प्रेम संबंधों की समस्याओं से छुटकारा दिलाते हैं।

Rang Panchami 2026: शादी में देरी या पार्टनर के साथ हो रही है परेशानी, रंग पंचमी पर इन उपायों से पाएं छुटकारा

रंग पंचमी का त्योहार होली के रंगों की मिठास को पांचवें दिन तक बढ़ाता है। 2026 में यह पर्व 8 मार्च, दिन - रविवार को मनाया जाएगा। चैत्र कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि 7 मार्च शाम 7:17 बजे से शुरू होकर 8 मार्च रात 9:10 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के अनुसार, 8 मार्च को रंग पंचमी मनाई जाएगी। इस दिन देवता भी धरती पर उतरकर भक्तों के साथ रंग खेलते हैं, इसलिए इसे देव पंचमी भी कहते हैं। मान्यता है कि रंग पंचमी पर किए गए कुछ विशेष उपाय शादी में देरी, वैवाहिक कलह और प्रेम संबंधों की समस्याओं से छुटकारा दिलाते हैं। आइए जानते हैं इन उपायों की विधि और महत्व।

रंग पंचमी का धार्मिक महत्व और प्रेम संबंध

रंग पंचमी पर राधा-कृष्ण की पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन रंगों के साथ प्रेम और सौहार्द का संदेश दिया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि राधा-कृष्ण की कृपा से प्रेम में बाधाएं दूर होती हैं। विवाहित जोड़ों में आपसी प्रेम बढ़ता है और सिंगल लोगों को शीघ्र विवाह के योग बनते हैं। रंगों की ऊर्जा नकारात्मकता को दूर करती है और रिश्तों में मिठास लाती है।

राधा-कृष्ण पूजा और गुलाल अर्पण उपाय

सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें। राधा-कृष्ण की मूर्ति या चित्र के सामने घी का दीपक जलाएं। उन्हें पीला गुलाल, पीले फूल और हल्दी अर्पित करें। परिवार के सभी सदस्यों को थोड़ा गुलाल लगाएं। ऐसा करने से घर में प्रेम और खुशहाली बढ़ती है। विवाहित जोड़ों में कलह कम होती है और सिंगल लोगों को रिश्तों में सकारात्मक संकेत मिलते हैं।

राधा कृपा कटाक्ष स्तोत्र पाठ उपाय

रंग पंचमी पर राधा कृपा कटाक्ष स्तोत्र का पाठ बहुत प्रभावी माना जाता है। प्रातः काल में स्नान कर राधा-कृष्ण के सामने बैठें। स्तोत्र का 11 या 21 बार पाठ करें। पाठ के अंत में राधा-कृष्ण से अपनी मनोकामना (विवाह या रिश्ते में सुधार) मांगें। मान्यता है कि इस स्तोत्र से राधा रानी प्रसन्न होती हैं और कृष्ण जी का आशीर्वाद मिलता है। इससे शादी में देरी दूर होती है और वैवाहिक जीवन में मिठास आती है।

वट वृक्ष पर लाल धागा बांधने का उपाय

सिंगल लोग रंग पंचमी पर वट वृक्ष की पूजा करें। वट वृक्ष के नीचे स्नान कर जाएं। वृक्ष की जड़ में जल अर्पित करें और राधा रानी का स्मरण करें। फिर 108 बार लाल रंग का धागा वट वृक्ष पर बांधें। बांधते समय अपनी शादी की इच्छा मन में दोहराएं। यह उपाय शादी में आने वाली बाधाओं को दूर करता है। विवाहित लोग भी अपने वैवाहिक जीवन में सुधार के लिए यह उपाय कर सकते हैं।

मां लक्ष्मी और विष्णु पूजा उपाय

रंग पंचमी पर पीले रंग को शुभ माना जाता है। भगवान विष्णु को पीला गुलाल, पीले फूल और हल्दी अर्पित करें। 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का 108 बार जाप करें। यह उपाय धन और समृद्धि बढ़ाता है। साथ ही रिश्तों में स्थिरता लाता है। विवाहित जोड़ों के लिए यह उपाय वैवाहिक सुख और प्रेम बढ़ाने में सहायक है।

रंग खेलने और परिवार में सौहार्द बढ़ाने का उपाय

रंग पंचमी पर परिवार के साथ रंग खेलें। एक-दूसरे को गुलाल लगाएं और प्रेम से गले मिलें। यह कार्य घर में कलह-क्लेश दूर करता है। रंग खेलते समय मन में प्रार्थना करें कि रिश्तों में मिठास आए। ऐसा करने से वैवाहिक जीवन में आपसी समझ बढ़ती है और सिंगल लोगों को रिश्ते के लिए सकारात्मक संकेत मिलते हैं।

रंग पंचमी 8 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। इस दिन बताए गए उपाय श्रद्धा से करें। इससे शादी में देरी, वैवाहिक कलह और प्रेम संबंधों की समस्याएं दूर होंगी। माता रानी और राधा-कृष्ण की कृपा से जीवन में सुख-समृद्धि आएगी।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Navaneet Rathaur

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नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।


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डिजिटल मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे नवनीत राठौर धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा में पाठकों के लिए परोसते हैं। वो अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और करीब 5 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान नवनीत ने वेबस्टोरी, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।


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नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।


नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।


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