रंग पंचमी 2026: देव पंचमी पर ऐसे करें पूजा, जानें शुभ मुहूर्त और सुख-समृद्धि देने वाले उपाय

Mar 07, 2026 03:09 pm ISTYogesh Joshi लाइव हिन्दुस्तान
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होली के रंगों भरे उत्सव का समापन जिस पर्व के साथ होता है, उसे रंग पंचमी कहा जाता है। कई जगह इसे देव पंचमी के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन देवता भी पृथ्वी पर आकर गुलाल से होली खेलते हैं और वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

रंग पंचमी 2026: देव पंचमी पर ऐसे करें पूजा, जानें शुभ मुहूर्त और सुख-समृद्धि देने वाले उपाय

Rang Panchami 2026 on March 8: होली के रंगों भरे उत्सव का समापन जिस पर्व के साथ होता है, उसे रंग पंचमी कहा जाता है। कई जगह इसे देव पंचमी के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन देवता भी पृथ्वी पर आकर गुलाल से होली खेलते हैं और वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।साल 2026 में रंग पंचमी 8 मार्च (रविवार) को मनाई जाएगी। पंचांग के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और राधा-कृष्ण की पूजा करने से सुख-समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। ऐसे में अगर आप भी जीवन में सकारात्मकता और खुशहाली चाहते हैं, तो इस दिन पूजा-पाठ और कुछ खास उपाय करना शुभ माना जाता है।

रंग पंचमी 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, पंचमी तिथि 7 मार्च की शाम से शुरू हो रही है, लेकिन उदयातिथि के आधार पर मुख्य पर्व 8 मार्च को ही मनाया जाएगा।

पंचमी तिथि प्रारंभ: 7 मार्च 2026, शाम 07:17 बजे

पंचमी तिथि समाप्त: 8 मार्च 2026, रात 09:10 बजे

पूजा के लिए शुभ समय

धार्मिक मान्यता है कि इन मुहूर्तों में पूजा करने से विशेष फल मिलता है:

सुबह का मुहूर्त: 08:07 ए एम से 11:04 ए एम

दोपहर का मुहूर्त: 12:32 पी एम से 02:00 पी एम

शाम का मुहूर्त: 06:25 पी एम से 09:28 पी एम

रंग पंचमी पूजा विधि

ज्योतिष और धार्मिक परंपराओं के अनुसार, इस दिन सात्विक तरीके से पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि का मार्ग खुलता है।

1. स्नान और शुद्धि

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ पीले या लाल रंग के वस्त्र धारण करें।

2. मंदिर की तैयारी

घर के मंदिर की साफ-सफाई करें और भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी तथा राधा-कृष्ण की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।

3. गुलाल अर्पित करें

सबसे पहले भगवान को लाल या गुलाबी गुलाल (अबीर) अर्पित करें।

4. मंत्र जाप

भगवान कृष्ण को गुलाल चढ़ाते समय

“ॐ क्लीं कृष्णाय नमः” मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।

5. आरती और भोग

अंत में सात्विक मिठाई का भोग लगाकर विधिवत आरती करें।

सुख-समृद्धि के लिए करें ये उपाय-

  • धन लाभ के लिए

भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को लाल गुलाल अर्पित कर कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें। इसे आर्थिक स्थिति मजबूत करने वाला उपाय माना जाता है।

  • दांपत्य सुख के लिए

पति-पत्नी मिलकर राधा-कृष्ण को लाल वस्त्र और गुलाबी गुलाल अर्पित करें। धार्मिक मान्यता है कि इससे वैवाहिक जीवन में प्रेम और सामंजस्य बढ़ता है।

  • नकारात्मकता दूर करने के लिए

शाम के समय गुलाब जल में फूलों की पंखुड़ियां मिलाकर घर के कोनों में छिड़कें। इससे घर का वातावरण सकारात्मक रहता है।

  • खास उपाय

पीले कपड़े में एक सिक्का और हल्दी की गांठ बांधकर पूजा के बाद तिजोरी में रखें। इसे धन स्थिरता का प्रतीक माना जाता है।

रंग पंचमी पर गुलाल उड़ाने की परंपरा क्यों?- धार्मिक परंपराओं के अनुसार, रंग पंचमी के दिन सूखे गुलाल को हवा में उड़ाने की परंपरा काफी प्राचीन है। मान्यता है कि जब रंगीन अबीर वातावरण में फैलता है, तो यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर सकारात्मक और सात्विक ऊर्जा का संचार करता है। इसी वजह से कई स्थानों पर रंग पंचमी को देवताओं की होली भी कहा जाता है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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लेखक के बारे में

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योगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।


परिचय और अनुभव


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न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।


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