रमजान 2026: सऊदी अरब में दिख गया चांद, भारत में इस दिन रखा जाएगा पहला रोजा
रमजान के पाक महीने की शुरूआत को लेकर लोगों में अलग उत्साह दिखता है। नए चांद को देखने के बाद ही सही तारीख को पता चल पाएगा। नीचे विस्तार से जानें कि सऊदी अरब पहला रोजा कब रखा गया है और भारत में इसकी तारीख क्या होगी?

इस्लाम धर्म में रमजान का महीना सबसे खास और पवित्र माना जाता है। इस पूरे महीने में लोग इबादत करते हैं और रोजा रखते हैं। मुस्लिम कम्यूनिटी के लोग रोजा रखकर अपने अल्लाह की इबादत में डूब जाते हैं। इस्मालिक कैलेंडर के हिसाब से नवें महीने में ही रमजान होता है। हर साल नए चांद को देखकर ही रमजान के इस खूबसूरत महीने की शुरुआत होती है। इसी वजह से अलग-अलग देशों और जगहों पर इसकी तारीख अलग हो सकती है। इस साल भी लोगों के बीच कन्फ्यूजन है कि रमजान का महीना 18 या फिर 19 फरवरी से शुरू हो रहा है?
नया देखने के बाद होता है फैसला
आमतौर पर सऊदी अरब में रमजान का महीना भारत से एक दिन पहले शुरू होता है। सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) के अनुसार हर किसी की नजर सऊदी अरब की सुप्रीम कोर्ट की ऑफिशियल घोषणा पर रहती है। हालांकि चांद का दिखना जगह और मौसम के तरीके पर निर्भर करता है। इस घोषणा के बाद ही कई देश में रमजान की शुरुआत की पुष्टि की जाती है। कोर्ट की ओर से वहां के नागरिकों से अपील की गई है कि सभी लोग मंगलवार को आसमान में चांद का दीदार करें। उनकी ओर से बयान में कहा गया है कि जो लोग चांद देखने की क्षमता रख सकते हैं, वो लोग इसमें दिलचस्पी जरूर लें। इसके लिए हर एक इलाके में अलग-अलग समितियां बनाई गई है। इन समितियों में भाग लेकर लोग नेक काम में सहयोग कर सकते हैं। ऐसा करके लोग सवाब के हकदार बन सकते हैं। इससे हर किसी को फायदा मिलेगा।
भारत में कब शुरू होगा रमजान?
अब चांद दिखने पर ही रमजान के महीने की शुरुआत मानी जाएगी। सऊदी अरब में चांद कल यानी 17 फरवरी को दिख चुका है। ऐसे में आज वहां पर पहला रोजा रखा गया है। इस हिसाब से भारत में लोग अपना पहला रोजा कल यानी 19 तारीख को रखेंगे। बता दें कि भारत में नए चांद को देखकर ही तय किया जाता है कि रमजान कबसे शुरू होगा। शाबान महीने की 29वीं रात को नमाज ए मगरिब के बादज चांद देखने के लिए कमेटियां आसमान में चांद को देखती हैं और ऐसे में चांद दिख जाए तो माना जाता है कि रमजान शुरू हो चुका है। चांद नहीं दिखने पर शाबान के महीने को 30 दिन पूरा किया जाता है। बता दें कि रमजान में लोग सुबह से शाम तक रोज रखते हैं। इसे इबादत, आत्मचिंतन और शांति का समय माना जाता है। इसका एकमात्र मकसद होता है कि सब्र आए और दूसरों के लिए हमदर्दी बढ़ें।
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता
वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल
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