Ramadan Sehri-Iftar 2026: दिल्ली-कोलकाता और लखनऊ में आज ये रहेगी इफ्तार की टाइमिंग, कल इतने बजे होगी सेहरी

Feb 26, 2026 11:52 am ISTGarima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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रमजान के पाक महीने में लोग  रोजा रखकर अल्लाह की इबादत करते हैं। इस दौरान सेहरी और इफ्तार मुख्य रोल अदा करते हैं। जानें इससे जुड़ी हर एक डिटेल। साथ ही जानें कि आज इफ्तार की टाइमिंग क्या है? 

Ramadan Sehri-Iftar 2026: दिल्ली-कोलकाता और लखनऊ में आज ये रहेगी इफ्तार की टाइमिंग, कल इतने बजे होगी सेहरी

Sehri and Iftar Timing: रमजान का पाक महीना बीते हफ्ते ही शुरु हुआ है। 19 फरवरी से शुरू हुए रमजान के महीने में लोग अल्लाह की इबादत करने के साथ-साथ आत्मचिंतन करते हैं। माना जाता है कि इस महीने में सच्चे मन से की गई इबादत से रूहानी सुकून मिलता है और साथ ही अल्लाह की नेमत मिलती है। बता दें कि इस पाक महीने की शुरुआत नया चांद देखने के बाद ही शुरु होती है। सबसे पहले गल्फ देशो में चांद दिखता है और इसके ठीक एक दिन बाद भारत में वहीं चांद दिखता है। यही वजह है कि हर साल अलग-अलग जगहों पर रमजान की शुरुआत अलग-अलग दिनों पर होती है और इसी वजह से इफ्तारी और सेहरी की टाइमिंग भी फर्क नजर आता है।

सेहरी और इफ्तार में अंतर

रमजान के महीने में जो लोग रोजा रखते हैं वो सुबह से लेकर शाम तक तयशुदा समय के लिए कुछ भी ना तो खाते हैं और ना ही पीते हैं। हर दिन सूर्य के अस्त होने के समय पर लोग अपना रोजा खोलते हैं और इसे ही इफ्तार का समय कहा जाता है। वहीं सुबह खाना खाने के बाद रोजा रखा जाता है और इसे सेहरी कहते हैं। सेहरी सुबह की फज्र के बाद की जाती है। वहीं मगरिब का समय होते ही रोजा इफ्तार की टाइमिंग पर खोल दिया जाता है।

क्या है फज्र और मगरिब?

बता दें कि फज्र सुबह की नमाज को कहा जाता है और मगरिब शाम की नमाज को कहा जाता है। आज नीचे विस्तार से जानिए कि 26 फरवरी (गुरुवार) के इफ्तार टाइमिंग के बारे में। साथ ही जानें कि इसके ठीक अगले दिन यानी 27 फरवरी (शुक्रवार) को सेहरी की टाइमिंग क्या रहेगी?

क्यों हर दिन बदलती है टाइमिंग

आपने देखा होगा कि हर दिन सेहरी और इफ्तार का समय एक सा नहीं रहता है। हर दिन इसकी टाइमिंग बदलती है। अगर आप इसके पीछे की वजह नहीं समझ पाते हैं कि ऐसा क्यों होता है तो हर दिन सूर्योदय और सूर्यास्त का समय अलग-अलग होता है। सुबह की नमाज यानी फज्र हमेशा सूर्योदय से पहले ही होती है। वहीं मगरिब सूर्यास्त तक होता है। यही वजह है कि हर दिन सेहरी और इफ्तार की टाइमिंग में बदलाव होता है।

26 फरवरी के लिए इफ्तार की टाइमिंग

आज देश के अलग-अलग शहरों में इफ्तार का समय अलग-अलग रहने वाला है। नीचे जानें आज लोग कितने बजे अपना रोजा खोल सकते हैं।

-दिल्ली (एनसीआर) में शाम 6:19 बजे

-मुंबई में शाम 6:43 बजे

-कोलकाता में शाम 5:39 बजे

-बेंगलुरु में शाम 6:28 बजे

-हैदराबाद में शाम 6:22 बजे

-चेन्नई में शाम 6:17 बजे

-लखनऊ में शाम 6:05 बजे

-कानपुर में शाम 6:08 बजे

-रांची में शाम 5:50 बजे

-अहमदाबाद में शाम 6:41 बजे

-सूरत में शाम 6:42 बजे

-पुणे में शाम 6:39 बजे

27 फरवरी के लिए सेहरी की टाइमिंग

27 फरवरी को सेहरी का समय शहरों के अनुसार अलग-अलग रहेगा। नीचे जानें कल यानी 27 फरवरी के लिए सेहरी की टाइमिंग के बारे में-

-दिल्ली (एनसीआर) में सुबह 5:30 बजे

-मुंबई में 5:47 बजे

-कोलकाता में 4:45 पूर्वाह्न

-बेंगलुरु में 5:26 पूर्वाह्न

-हैदराबाद में 5:24 बजे

-चेन्नई में 5:15 बजे, लखनऊ में 5:15 बजे

-कानपुर में 5:17 बजे

-रांची में 4:57 बजे

-अहमदाबाद में 5:48 बजे

-सूरत में 5:47 बजे

-पुणे में सुबह 5:42 बजे सेहरी की जाएगी।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

Garima Singh

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गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।


परिचय और अनुभव

गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।


करियर

गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।


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गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।


व्यक्तिगत रुचियां

काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।


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