अयोध्या के राम मंदिर में कब है राम नवमी, रामलला की होगी महाआरती और सूर्य तिलक की भी तैयारी
रामलला के पंचामृत सहित दिव्य औषधियों से अभिषेक व शृंगार के साथ प्राकट्य की महाआरती व सूर्य तिलक का सजीव प्रसारण भी किया जाएगा। इसके अलावा दूरदर्शन पर भी सीधा प्रसारण होगा जिसे श्रद्धालु गण अपने -अपने घरों पर भी देख सकेंगे।

अयोध्या के राम मंदिर में रामनवमी का पर्व 27 मार्च को मनाया जाएगा। चैत्र शुक्ल महाअष्टमी की तिथि 26 मार्च को अपराह्न 2.11 बजे समाप्त होकर 27 मार्च को मध्याह्न 12.02 बजे तक रहेगी। इसके कारण 27 मार्च को ही मध्याह्न 12 बजे रामलला के प्राकट्य की महाआरती उतारी जाएगी। इस अवसर पर रामलला के पंचामृत सहित दिव्य औषधियों से अभिषेक व शृंगार के साथ प्राकट्य की महाआरती व सूर्य तिलक का सजीव प्रसारण भी किया जाएगा। राम मंदिर परिसर में पांच दर्जन से अधिक स्थानों पर एलईडी स्क्रीन लगाई गयी है। इसके अलावा दूरदर्शन पर भी सीधा प्रसारण होगा जिसे श्रद्धालु गण अपने -अपने घरों पर भी देख सकेंगे।
चैत्र रामनवमी मेला भी लगता है राम नवमी पर
पुरातन काल से रामनगरी में चैत्र रामनवमी मेले का आयोजन होता रहा है और हर मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ भी उमड़ती रही। मेले में आने वाले ज्यादातर लोग राम के जन्मोत्सव का साक्षी होने को लालायित रहते हैं,जिसके चलते कनक भवन में भारी भीड़ उमड़ती है। अब राम जन्मोत्सव राममंदिर परिसर में भी आयोजित होने लगा है, लेकिन इसमें शामिल होने वालों की तादात सीमित होती है। इस बार भी राममंदिर के गर्भगृह में भव्यता के साथ जन्मोत्सव मनाये जाने की तैयारी है। रामलला के दर्शन-पूजन के लिए रोजाना अच्छी खासी भीड़ आ रही है और मेले के मुख्य पर्व पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ने के उम्मीद जताई जा रही है।
सूर्य तिलक भी होगा
तीर्थ क्षेत्र के न्यासी डा अनिल मिश्र कहते हैं कि इन उपकरणों के सहारे मध्याह्न ठीक 12 बजे भगवान सूर्य की किरणें परावर्तित होकर भगवान के ललाट पर पड़कर तिलक का स्वरूप धारण करेंगी। उन्होंने बताया कि यह दृश्य करीब चार मिनट तक देखा जा सकेगा । उन्होंने बताया कि इसका सीधा प्रसारण दूरदर्शन व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा।
अष्टमी , नवमी का व्रत कब होगा
नवरात्र की अष्टमी तिथि 26 मार्च यानि गुरुवार को तथा नवमी यानि रामनवमी 27 मार्च को मनाई जायेगी। बताया कि इस बार नवरात्र नौ दिनी है। बताया कि दुर्गा अष्टमी पूजन के समय देवी दुर्गा के सभी नौ रूपों की पूजा की जाती है। अष्टमी का व्रत 26 मार्च को रखेंगे। बताया कि मातारानी के पूजन के लिए कलश स्थापना भी अष्टमी तिथि को सूर्यास्त के बाद रखकर पूजन किया जायेगा। नौ दिन व्रत रखने वाले भक्त 28 मार्च को सुबह 10 बजे के बाद पारण कर सकेंगे।
लेखक के बारे में
Anuradha Pandeyशार्ट बायो
अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
परिचय और अनुभव
अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।
शैक्षणिक योग्यता और पेशेवर सफर
अनुराधा ने अपने करियर की शुरुआत साल 2010 में आज समाज अखबार से की। इसके बाद उन्होंने 'आज तक' (Aaj Tak) में एजुकेशन सेक्शन में तीन साल तक अपनी सेवाएं दीं। साल 2015 से वह लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ी हैं और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रही हैं। उनका गहरा अनुभव उन्हें जटिल विषयों पर सरल और प्रभावी ढंग से लिखने में सक्षम बनाता है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। इसके साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन, सीसीएसयू से एम.कॉम और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एवं मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।
विजन
अनुराधा का उद्देश्य एस्ट्रोलॉजी (धर्म) के माध्यम से राशियों पर ग्रहों के प्रभाव, कुंडली, ग्रहों की स्थिति, नक्षत्र, भाव और दशा-विश्लेषण को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना है। ग्रहों का व्यक्ति के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर क्या असर पड़ता है, इन जटिल ज्योतिषीय अवधारणाओं को आम पाठकों के लिए सुलभ बनाना उनकी प्राथमिकता है। इसके साथ ही टीम का कुशल मार्गदर्शन और कंटेंट की क्वालिटी सुनिश्चित करना भी उनके विजन का अहम हिस्सा है।
विशेषज्ञता के प्रमुख क्षेत्र
कुंडली एवं ग्रह-दशा के माध्यम से राशियों पर ग्रहों का प्रभाव, नक्षत्रों का आम लोगों की जिंदगी पर असर और इससे जुड़ी एक्सपर्ट से वेरिफाइड सलाह पाठकों तक पहुंचाना उनका प्रमुख कार्य क्षेत्र है। वे धार्मिक और समसामयिक विषयों पर गहराई से अध्ययन कर तथ्यपरक जानकारी प्रस्तुत करती हैं। उनका अनुभव सैद्धांतिक के साथ-साथ व्यावहारिक और निरंतर शोध पर आधारित है। जन्म कुंडली विश्लेषण, ग्रह-नक्षत्रों की चाल और वैदिक ज्योतिष पर उनकी गहरी पकड़ उनके लेखों को विश्वसनीय बनाती है। खबरों की दुनिया से इतर, अनुराधा जी को किताबें पढ़ना पसंद है, जो उनके शोधपरक लेखन को और समृद्ध बनाता है।
विशेषज्ञता
कुंडली एवं ग्रह-दशा
ग्रह नक्षत्रों का लोगों पर असर
धर्म एवं भारतीय परंपराएं
व्रत-त्योहारों का महत्व
ग्रहों की स्थिति और राशियां


