
राम मंदिर: ठंड की दस्तक से बदला रामलला का भोग, बंद हुए एसी और कूलर
ठंड की बयार बहते ही राम मंदिर में रामलला के भोग में भी बदलाव कर दिया गया है। इसी के साथ गर्भगृह में स्थित एसी और कूलर को अब बंद कर दिया गया है। राम मंदिर में रामलला की सेवा एक बालक के रूप में होती है। जानिए अब उनके भोग में क्या-क्या लगता है?
दीवाली और छठ के आते ही गुलाबी ठंड दस्तक देना शुरू कर देती है। यही वो टाइम है जब मौसम का मिजाज बदलता है। मौसम की बदलती बयान अयोध्या के राम मंदिर में भी देखने को मिल रही है। मौसम में बदलाव होते ही यहां के मंदिर ट्रस्ट ने कई बड़े फैसले लिए हैं। इसमें भगवान श्रीराम के दर्शन की अवधि से लेकर भोग में होने वाले बदलाव शामिल हैं। बदलते हुए मौसम को ध्यान में रखते हुए रामलला के भोग में बहुत बड़ा बदलाव किया गया है। इन दिनों रामलाल को गुनगुने पानी से नहलाया जाता है। वहीं भोग में अब ड्राई फ्रूट्स जैसे बादाम, पिस्ता, किशमिश और काजू इत्यादि को ज्यादा शामिल किया जा रहा है। ऐसा इस वजह से किया जा रहा है ताकि श्रीराम लला को बदलते मौसम में कोई दिक्कत ना हो।

भोग में शामिल की जा रही हैं ये चीजें
अयोध्या का राम मंदिर अपने आप में अद्भुत है। कई मुश्किलों के बाद यहां पर राम मंदिर बन पाया है। राम मंदिर में रामलला को छोटे बालक के रूप में विराजमान किया गया है। वहां के पुजारी और संत मिलकर एक बच्चे की तरह ही उनकी सेवा करते हैं। इन दिनों रामलला की थाली में खीर, माखन-मिश्री और पंचमेवा का भोग लगाया जाता है। इसी के साथ थाली में रबड़ी पेड़ा भी रखा जा रहा है। वहीं गर्म दूध में पिस्ता का पेस्ट मिलाकर उनका भोग लगाया जा रहा है। भोजन की थाली में सब्जी-पूरी के साथ हलवा अर्पित किया जाता है।
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बंद हो गए एसी और कूलर
गर्मी के दिनों में मंदिर के गर्भ गृह में एसी और कूलर लगातार चल रहे थे लेकिन अब मौसम बदलते ही उन्हें बंद कर दिया गया है। सुबह या दोपहर में जब गर्मी का एहसास हो तभी पंखा चलाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि जल्द ही रामलला को ऊनी वस्त्र भी पहनाया जाएगा। साथ ही गर्भ गृह में रजाई इत्यादि की व्यवस्था भी की जाएगी।





