
Rakhi Shubh Muhurat : आज राखी बांधने के लिए दोपहर 1.24 बजे तक का ही समय शुभ, राहुकाल में न बांधें रक्षासूत्र
भाई बहन के स्नेह की अटूट डोर का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन आज पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस दौरान बहनें अपने भाई के हाथों पर राखी बांधकर रक्षा का संकल्प लेंगी। भाई भी उन्हें उपहार भेंट करेंगे। इसको लेकर घर परिवार में उत्साह का माहौल है।
भाई बहन के स्नेह की अटूट डोर का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन आज पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस दौरान बहनें अपने भाई के हाथों पर राखी बांधकर रक्षा का संकल्प लेंगी। भाई भी उन्हें उपहार भेंट करेंगे। इसको लेकर घर परिवार में उत्साह का माहौल है। इस साल रक्षाबंधन पर खास यह भी है कि आयुष्मान, सौभाग्य, सर्वार्थसिद्धि और जयद योग का महामिलन हो रहा है। इस बार श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि आठ अगस्त को दोपहर एक बजकर 40 मिनट से प्रारंभ होकर नौ अगस्त को दोपहर एक बजकर 24 मिनट तक है। पंचागों के अनुसार उदयव्यापिनी पूर्णिमा में रखी का त्योहार मनाया जाता है। जिस वजह से आज यानी 9 अगस्त को ही रक्षाबंधन मनाया जा रह है।

राखी बांधने का सबसे अच्छा मुहूर्त
आज पूर्णिमा तिथि दोपहर 1:24 बजे तक रहेगी। राखी बांधने का अति विशिष्ट शुभ मुहूर्त सुबह सूर्योदय 5:27 बजे से दोपहर 1:24 बजे तक रहेगा। इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं रहेगा, जिससे किसी भी प्रकार का दोष नहीं माना जाएगा। इस वर्ष रक्षाबंधन के लिए पूरा दिन और पूरी रात्रि शुभ मानी गई है, हालांकि सबसे श्रेष्ठ समय सुबह 5:27 बजे से दोपहर 1:24 बजे तक का रहेगा।
रक्षा बन्धन अनुष्ठान का समय - 05:47 ए एम से 01:24 पी एम
अवधि - 07 घण्टे 37 मिनट्स
इस दौरान न बांधें राखी- 09:07 ए एम से 10:47 ए एम तक राहुकाल रहेगा। इस दौरान बहनें भाईयों को राखी न बांधें। राहुकाल को अशुभ माना जाता है। इस दौरान शुभ कार्य नहीं करने चाहिए।
दिनभर भी राखी बांध सकते हैं
ज्योतिष गणनाओं के अनुसार आज अशुभ ग्रहों की दृष्टि नहीं है, इसलिए पूरे दिन बहने अपने भाइयों को रक्षा सूत्र बांध सकती हैं। अगर आप किसी कारण से दोपहर 1.23 बजे तक राखी नहीं बांध पाएं हैं तो आज दिन में कभी भी राखी बांध सकते हैं।
रक्षाबंधन का महत्व
रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का प्रतीक है। कहा कि यह त्योहार भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत बनाने और पारिवारिक बंधनों को बढ़ाने में मदद करता है। रक्षाबंधन सामाजिक एकता का भी प्रतीक है। यह त्योहार लोगों को एक साथ लाने और सामाजिक संबंधों को मजबूत बनाने में मदद करता है।





