Raksha Bandhan Time 28 अगस्त को कब बांधें राखी? भद्रा-मुक्त रक्षाबंधन पर बन रहे 7 शुभ योग, देखें सही समय

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Rakhi kab bandhegi: इस बार रक्षा बंधन का दिन बहुत खास है। इस दिन एक नहीं ग्रह नक्षत्रों के कई शुभ संयोग बन रहे हैं। जिससे इस दिन पूजा, पाठ, दान और भाई

Raksha bandhan kab hai Rakhi timing
रक्षा बंघन पर इस बार 7 शुभ संयोग, क्या है राखी टाइम

रक्षाबंधन का दिन इस बार बहुत खास है। इस दिन एक नहीं एक साथ 7 शुभ संयोग बन रहे हैं, जो इस दिन को और भी खास मना रहे हैं। इसके अलावा इस दिन भद्रा भी नहीं है, ऐसे में रक्षा बंधन के दिनभर मना सकेंगे। इस बार रक्षा बंधन पर बहनें अपने भाई के दिन भर राखी बांध सकेंगी। भाई बहन के प्रेम का राखी का त्योहार इस बार 28 अगस्त को मनाया जाएगा। खास बात यह है कि इस बार भाई की कलाई में रक्षा सूत्र बांधने के लिए बहनों को भद्रा का झंझट नहीं है। इस साल 28 अगस्त को भद्रा है ही नहीं

क्या पूरे दिन राखी बांध सकते हैं? पूर्णिमा, भद्रा का स्पष्ट जवाब

पंचाग के अनुसार 27 अगस्त को भद्रा समाप्त होगी, 28 अगस्त को उदयातिथि में पूर्णिमा होने के कारण रक्षाबंधन मनाया जाएगा। इस बार भद्रा गुरुवार 27 तारीख को सुबह नौ बजकर आठ मिनट से शुरू होकर रात्रि में नौ बजकर 27मिनट तक रहेगी। वहीं पूर्णिमा 28 तारीख दिन शुक्रवार को नौ बजकर 47मिनट तक रहेगी।

रक्षाबंधन के 7 शुभ संयोग: नाम और उनका धार्मिक महत्व

इस दिन ग्रह और नक्षत्रों को मिलाकर 7 शुभ योग मिल रहे हैं। सबसे पहले शतभिषा नक्षत्र है, इसके खास तौर पर भगवान शिव की पूजा के लिए खास कहा जा रहा है। इसका स्वामी राहु है, इस दिन भगवान शिव की पूजा का खास फल मिलता है। इस नक्षत्र का संबंध वरुण देव से माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस नक्षत्र में किए गए दान, पूजा और आध्यात्मिक कार्यों का विशेष महत्व होता है। इसके अलावा इस दिन सुकर्मा, त्रिपुष्कर, सर्वार्थ सिद्धि सहित ग्रहों की स्थिति से बनने वाले योगों को विशेष बताया गया है। 28 अगस्त को चंद्रमा कुंभ राशि में रहेगा और शतभिषा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। शतभिषा को ज्योतिष में विशेष नक्षत्र माना गया है। भद्रा नहीं है यह भी खास योग है। गुरु कर्क राशि में यह भी अच्छा योग है।

रक्षा बंधन के दिन कब लग रही है पूर्णिमा तिथि

उदया तिथि में पूर्णिमा होने के कारण रक्षासूत्र शुक्रवार को पूरे दिन ही बांधा जाएगा। जो लोग पूर्णिमा पर व्रत करते हैं वो एक दिन पूर्व 27 अगस्त गुरुवार को करें। 28 अगस्त को श्रावण शुक्ल पूर्णिमा रहेगी और इसी दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधेंगी। विभिन्न पंचांगों में पूर्णिमा समाप्त होने का समय करीब सुबह 9:48 बजे बताया गया है। पंचांग के अनुसार पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह 09:0 बजे9 से शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। इसके बाद प्रतिपदा तिथि शुरू हो जाएगी। इसलिए उदया तिथि में रक्षाबंधन 28 को मनाई जाएगी। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार रक्षाबंधन का उत्त्म मुहूर्त सुबह 5.57 बजे से 9.48 बजे तक है।

28 अगस्त को राखी कब बांधें: श्रेष्ठ, वैकल्पिक और वर्जित समय

सुबह 5:57 से सुबह 9:48 तक

शुभ चौघड़िया:- दिन 11:45 से सुबह 01:19 तक

वर्जित समय (राहुकाल): सुबह 10:11 से दोपहर 11:45 बजे तक राहुकाल रहेगा। इस दौरान राखी बांधने से बचें तो अच्छा होगा।

Anuradha Pandey

लेखक के बारे में

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शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


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अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


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