2022 के बाद रक्षा बंधन पर बना है ऐसा संयोग, जान लें राखी बांधने के सुबह-शाम के उत्तम मुहूर्त

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Rakhi Muhurat 28 August 2026: हर साल सावन पूर्णिमा पर रक्षा बंधन का त्योहार मनाया जाता है। इस साल राखी पर सालों बाद खास संयोग बन रहा है। आइए जानते हैं रक्षा बंधन पर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त।

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28 अगस्त को रक्षा बंधन 2026 मुहूर्त क्या है?

Raksha Bandhan Muhurat 28 August in India: रक्षा बंधन का त्योहार भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का प्रतीक माना गया है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई में राखी या रक्षासूत्र बांधती हैं और लंबी आयु के साथ सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। रक्षा बंधन हर साल सावन पूर्णिमा पर मनाया जाता है। पंचांग के अनुसार, 27 अगस्त को सुबह 09:08 मिनट पर पूर्णिमा तिथि प्रारंभ होगी और 28 अगस्त को सुबह 09:48 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि में पूर्णिमा तिथि मिल रही है, इसलिए इस साल यह 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को रक्षा बंधन का त्योहार मनाया जाएगा। इस दिन चंद्रमा कुंभ राशि और राहु के शतभिषा नक्षत्र में रहेगा। रक्षा बंधन पर साल का आखिरी चंद्र ग्रहण भी लग रहा है। ज्योतिषाचार्यों का मत है कि इस साल राखी पर चार साल बाद खास संयोग बन रहा है। इस संयोग के कारण बहनें किसी व्यवधान पूरे दिन राखी का पर्व मना सकेंगी। जानें रक्षा बंधन पर राखी बांधने के शुभ और चौघड़िया मुहूर्त।

रक्षा बंधन पर बना रहा 4 साल बाद शुभ संयोग:

पिछले चार सालों में रक्षा बंधन पर भद्रा का साया रहा है। जिसके कारण कुछ वर्ष दो दिन यह पर्व मनाया गया। लेकिन इस बार 2022 के बाद भद्रा का साया नहीं रहेगा। जिसके चलते यह पर्व बिना किसी अड़चन के पूरे दिन मनाया जा सकेगा। हालांकि राखी बांधने के लिए शुभ मुहूर्त के साथ राहुकाल का विचार अनिवार्य रहेगा।

पिछले 4 साल रहा है भद्रा का साया

2022 में भद्रा सुबह 10 बजकर 38 मिनट से रात 08 बजकर 51 मिनट तक थी। जिसके कारण रक्षा बंधन 11-12 अगस्त दो दिन मनाया गया था।

2023 में भद्रा सुबह 10 बजकर 58 मिनट से रात 09 बजकर 01 मिनट तक थी। जिसके कारण राखी रात 09 बजकर 01 मिनट के बाद बांधी जा सकी थी।

2024 में भद्रा सुबह 09 बजकर 51 मिनट से दोपहर 01 बजकर 30 मिनट तक थी। जिसके चलते शुभ मुहूर्त दोपहर डेढ़ बजे के बाद मिला था।

2025 में भद्रा 08 अगस्त को दोपहर 02 बजकर 12 मिनट से 09 अगस्त की मध्यरात्रि 01 बजकर 52 मिनट तक थी। जिसके चलते रक्षा बंधन का त्योहार 08 और 09 अगस्त दोनों दिन मनाया गया था।

इस बार सुकर्मा और धृति योग का शुभ संयोग

इस बार रक्षा बंधन पर सुकर्मा और धृति योग का शुभ संयोग बन रहा है। यह 27 नित्य योगों में से 7वां अत्यंत शुभ योग है। इस योग के स्वामी देवराज इंद्र हैं। मान्यता है कि इस योग में किए गए सभी कार्य बिना किसी बाधा के सफल होते हैं। धृति योग सभी 27 योगों में से 8वां शुभ योग है। इस योग के स्वामी वरुण देव माने जाते हैं। मान्यता है कि इस योग में किसी नए काम की शुरुआत करना लाभकारी होता है।

रक्षा बंधन पर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त 2026:

28 अगस्त को राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 05 बजकर 57 मिनट से सुबह 09 बजकर 48 मिनट तक रहेगा।

राखी बांधने के शुभ चौघड़िया मुहूर्त:

चर व लाभ- सुबह 07:26 से सुबह 09:48 बजे तक।

अमृत- सुबह 09:48 से सुबह 10:53 बजे तक।

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:28 से दोपहर 02:03 बजे तक।

चर (संध्याकालीन): शाम 05:12 से शाम 06:47 बजे तक।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Saumya Tiwari

लेखक के बारे में

Saumya Tiwari

संक्षिप्त विवरण

सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।


विस्तृत बायो


परिचय और अनुभव

सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।


इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।


इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।


व्यक्तिगत रुचियां

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।


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