रक्षा बंधन 2026: सुबह, दोपहर, शाम राखी कब बांधे? रक्षाबंधन पर 5 घंटे 38 मिनट का चंद्र ग्रहण

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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Raksha Bandhan 2026 Date Rakhi : भद्रा के समय में राखी बांधना वर्जित माना गया है। सावन महीने की पूर्णिमा तिथि पर अक्सर भद्रा का प्रभाव रहता है। आपके मन में भी ये सवाल जरूर आया होगा की रक्षा बंधन पर भद्रा होगी या नहीं?

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सुबह, दोपहर, शाम राखी कब बांधे?

Raksha Bandhan 2026 Date Rakhi, रक्षा बंधन : 2026 में भाई और बहन के अटूट प्रेम का पावन त्योहार शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस बार राखी का पर्व बेहद खास रहने वाला है। हर साल रक्षा बंधन के दिन भद्रा का साया मंडराता है। राखी के त्योहार पर इस साल शुभ योग बन रहे हैं। श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि पर शतभिषा नक्षत्र, सुकर्मा योग और मीन राशि के चंद्रमा का शुभ संयोग बन रहा है। शुक्रवार और सुकर्मा योग का मेल पर्व की शुभता को बढ़ा रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन महीने की पूर्णिमा तिथि पर अक्सर भद्रा का प्रभाव रहता है। इस बार चंद्र ग्रहण भी है। आपके मन में भी ये सवाल जरूर आया होगा की रक्षा बंधन पर भद्रा होगी या नहीं? भद्रा काल अशुभ माना जाता है और इस दौरान राखी नहीं बांधी जाती है। शास्त्रों के अनुसार, भद्रा के समय में राखी बांधना वर्जित माना गया है। आइए जानते हैं रक्षा बंधन पर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त और भद्रा का समय क्या रहेगा -

27 या 28 अगस्त रक्षा बंधन 2026 कब, सुबह, दोपहर, शाम राखी कब बांधे?

27 या 28 अगस्त रक्षा बंधन कब?

उदयाकालीन त्रिमुहूर्त व्यापिनी पूर्णिमा होने के कारण रक्षाबंधन 28 अगस्त को पूरे दिन मनाया जाएगा।

रक्षा बंधन पर भद्रा कब से कब तक?

इस साल राखी के दिन भद्रा का कोई साया नहीं रहेगा। भद्राकाल 27 अगस्त की सुबह 09:09 बजे से शुरू होकर उसी रात 09:25 बजे तक समाप्त हो जाएगा। इसके चलते 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन भद्रा का कोई व्यवधान नहीं रहेगा। बहनें बिना किसी बाधा के पूरे दिन अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांध सकेंगी।

रक्षाबंधन पर 5 घंटे 38 मिनट का चंद्र ग्रहण

साल का आखिरी चंद्र ग्रहण भी इसी दिन पड़ेगा। ग्रहण सुबह 6:53 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा। यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए इसका प्रभाव मान्य नहीं होगा। बहनें 28 अगस्त को सामान्य रूप से भाई की कलाई पर राखी बांध सकेंगी।

राखी बंधवाते समय किस बात का ध्यान रखें?

राखी बंधवाते समय भाई का मुख पूर्व या उत्तर- पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए।

रक्षा बंधन की पूजा थाली में क्या रखें?

थाली में रोली, चंदन, अक्षत, दीपक, मिठाई और राखी रखें।

सुबह, दोपहर, शाम राखी बांधने के लिए शुभ मुहूर्त क्या रहेगा?

  1. अमृत चौघड़िया: प्रातः 06:08 बजे से सुबह 10:53 बजे तक
  2. अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:04 बजे से दोपहर 12:53 बजे तक
  3. शुभ का चौघड़िया: दोपहर 12:28 बजे से दोपहर 02:03 बजे तक
  4. अपराह्न काल मुहूर्त: दोपहर 01:44 बजे से शाम 04:16 बजे तक
  5. चर का चौघड़िया: शाम 05:13 बजे से शाम 06:48 बजे तक

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Shrishti Chaubey

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Shrishti Chaubey

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सृष्टि चौबे पत्रकारिता जगत में 4 वर्षों का अनुभव रखती हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं। वह ज्योतिष, ग्रह गोचर, राशिफल, नक्षत्र परिवर्तन, अंकज्योतिष, रत्न, और वास्तु से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। पाठक-केंद्रित व आसान भाषा में जानकारी पेश करना इनके लेखन की पहचान है। धार्मिक ग्रंथों को पढ़कर लोगों तक सही जानकारी पहुंचाना और उन पर शोध करना इनकी विशेष पसंद है।

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