Hindi Newsधर्म न्यूज़Raksha Bandhan 2024: When is Raksha Bandhan date time how to tie Rakhi method and Bhadra time

Raksha Bandhan 2024 : कब है रक्षा बंधन, नोट करें डेट, राखी बांधने का मुहूर्त, विधि और भद्रा टाइम

  • When is Raksha Bandhan 2024 : अगस्त के महीने में रक्षाबंधन का पर्व धूम-धाम से भारत में मनाया जाएगा। बहन अपने भाइ की कलाई पर पवित्र धागा बांधकर भाई से रक्षा का संकल्प लेंगी।

Shrishti Chaubey नई दिल्ली,लाइव हिन्दुस्तान टीमMon, 17 June 2024 06:01 PM
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Raksha Bandhan 2024: रक्षा करने और करवाने के लिए बांधा जाने वाला पवित्र धागा रक्षा बंधन कहलाता है। 2024 में अगस्त 19, को रक्षाबंधन का पर्व धूम-धाम से मनाया जाएगा। बहन अपने भाइ की कलाई पर पवित्र धागा बांधकर भाई से रक्षा का संकल्प लेंगी। यह पवित्र पर्व श्रावण शुक्ल पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाई की रक्षा के लिए उनके कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं और भाई बहनों को जीवन भर उनकी रक्षा का वचन देते हैं। भाई-बहनों के अटूट प्रेम का त्योहार सोमवार को पड़ रहा है। रक्षाबंधन मनाने से भाई बहन दोनों को दीर्घायु की प्राप्ति होती है।

रक्षा बंधन 2024 शुभ मुहूर्त

  • पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ - अगस्त 19, 2024 को 03:04 ए एम बजे
  • पूर्णिमा तिथि समाप्त - अगस्त 19, 2024 को 11:55 पी एम बजे
  • रक्षा बन्धन अनुष्ठान का समय - 01:30 पी एम से 09:08 पी एम
  • अवधि - 07 घण्टे 38 मिनट्स
  • रक्षा बन्धन के लिये अपराह्न का मुहूर्त - 01:43 पी एम से 04:20 पी एम
  • अवधि - 02 घण्टे 37 मिनट्स
  • रक्षा बन्धन के लिये प्रदोष काल का मुहूर्त - 06:56 पी एम से 09:08 पी एम
  • अवधि - 02 घण्टे 11 मिनट्स

रक्षा बंधन पर भद्रा का साया

  • रक्षा बन्धन भद्रा अन्त समय - 01:30 पी एम
  • रक्षा बन्धन भद्रा पूँछ - 09:51 ए एम से 10:53 ए एम
  • रक्षा बन्धन भद्रा मुख - 10:53 ए एम से 12:37 पी एम

कैसे बांधे राखी?

सूर्योदय के बाद शुभ मुहूर्त में भाई को राखी बांधने के लिए थाली सजाएं। थाली में चंदन, रोली, अक्षत, मिठाई, दीपक रखें। पूर्व दिशा की ओर आसन लगाकर भाइ को बैठाएं। फिर भैया के माथे पर तिलक, अक्षत का टीका कर कलाई पर प्रेम और विश्वास का प्रतीक पवित्र रक्षा सूत्र बांधे। घी के दीपक से आरती उतारें। मिठाई खिलाकर मुंह मीठा कराएं। बदले में भाई अपनी बहन की जन्म जन्मांतर तक रक्षा करने का संकल्प लेते हैं। साथ ही राखी के बदले अपनी प्यारी बहना को अपने सुविधा के मुताबिक उपहार देकर बड़ी बहन से आशीर्वाद और छोटी बहना को आशीर्वाद देते हैं।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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