Rakhi time: रक्षा बंधन पर चंद्रमा कुंभ राशि में राहु के साथ, सौम्य नामक औदायिक योग, शुभ चौघड़िया कब
Raksha bandhan Shubh chaughadiya:पूर्णिमा तिथि दिन में 9:18 पर समाप्त हो जाएगी फिर भी संपूर्ण दिन रक्षाबंधन का काम किया जा सकता है। शुभ चौघड़िया भी यहां आप जान सकते हैं।

श्रावण शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि को रक्षाबंधन का पावन पर्व बड़े ही धूमधाम एवं श्रद्धा भाव के साथ मनाया जाएगा। इस वर्ष श्रावण पूर्णिमा 28 अगस्त 2026 दिन शुक्रवार को मनाया जाएगा । श्रावणी उपाकर्म भी इसी दिन किया जाएगा । पूर्णिमा तिथि का आरंभ 27 अगस्त 2026 दिन गुरुवार को दिन में 8:31 बजे से आरंभ होगा। जो 28 अगस्त दिन शुक्रवार को दिन में 9:18 बजे तक व्याप्त रहेगा। इसलिए राखी कब बांधें और राखी के दिन ग्रहों का कैसा संयोग बन रहा है. यह भी आप यहां जान सकते हैं। ज्योतिर्विद दिवाकर त्रिपाठी से जानें रक्षा बंधन के दिन क्या करें
योग एवं ग्रहों की स्थिति
इस दिन शतभिषा नक्षत्र सम्पूर्ण दिन में एवं रात में में 4:01 बजे तक रहेगा। इस प्रकार पूर्णिमा तिथि सूर्योदय से लेकर दिन में 9:18 बजे तक व्याप्त रहेगा। इस कारण से रक्षा बंधन का पावन कार्य भद्रा से मुक्त उदय कालिक पूर्णिमा तिथि 28 अगस्त दिन शुक्रवार को किया जाएगा। इस दिन अतिगंड योग एवं सौम्य नामक औदायिक योगा व्याप्त रहेगा। इस दिन सूर्य सिंह राशि में केतु के साथ । चंद्रमा कुंभ राशि में राहु के साथ । मंगल बुध की राशि मिथुन में। बुध सूर्य की राशि सिंह में बुधादित्य योग के साथ। देवगुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क में। शुक्र अपनी नीच राशि कन्या में विद्यमान रहेंगे। इस प्रकार ग्रहों की बहुत अच्छी स्थिति है। इससे बहुत ही शुभ योग बन रहा है। भाई-बहन के लिए के लिए यह पर्व बहुत शुभ रहने वाला है।
भद्रा की स्थिति
रक्षाबंधन का कार्य भद्रा के न रहने पर ही किया जाता है। इस वर्ष 27 अगस्त 2026 को दिन में पूर्णिमा तिथि के आरंभ के साथ ही दिन में 9:31 बजे से रात में 8:54 बजे तक पाताल लोक की भद्र व्याप्त रहेगी। यद्यपि कि पाताल लोक की भद्रा धन आगमन के लिए शुभ माना जाता है परंतु रक्षाबंधन के शुभ कार्य में कहीं की भी भद्रा नहीं होनी चाहिए। इसी कारण से पूर्णिमा तिथि होने के बावजूद 27 अगस्त को रात में 8:54 बजेबतक रक्षाबंधन का कार्य नहीं किया जाएगा।
कब मनाया जाएगा रक्षाबंधन
उदय कालिक पूर्णिमा तिथि 28 अगस्त दिन शुक्रवार को दिन में 9:18 तक होने के बावजूद दिन भर रक्षाबंधन का पुनीत कार्य उदय तिथि के आधार पर किया जा सकता है जिसमें शुभ चौघड़िया इस प्रकार प्राप्त हो रही हैं।
शुभ चौघड़िया
सुबह सूर्योदय 5:42 बजे से 10:30 बजे तक शुभ चौघड़िया
दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे तक शुभ चौघड़िया
सायं 4:40 बजे से 6:19 बजे तक शुभ चौघड़िया।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।


