Rakhi Muhurat time: आज कितने बजे से पहले राखी बांधे, कितने बजे से लग जाएगी प्रतिपदा तिथि?
Rakhi timing raksha bandhan muhurat: रक्षा बंधन पर आज पूर्णिमा तिथि कब तक है राखी के लिए सबसे अच्छा मुहूर्त कब तक रहेगा। कब से लगेगी प्रतिपदा, क्या प्रतिपदा में राखी बांधते हैं?

Rakhi timing raksha bandhan muhurat: रक्षा बंधन पर आज पूर्णिमा तिथि कब तक है राखी के लिए सबसे अच्छा मुहूर्त क्या पूर्णिमा तक होता है। आइए अगर आप भी ऐसा सोच रहे हैं तो आपको बता दें कि आज पूर्णिमा तिथि सुबह 9.38 पर खत्म हो जाएगी। ऐसे में इसके बाद भाद्रपद मास लग जाएगा और इसकी प्रतिपदा तिथि होगी। इस तिथि में क्या राखी बांधना शुभ है, क्या उदया तिथि पूरे दिन मानी जाती है।
कल कब खत्म हो जाएगी पूर्णिमा तिथि
आपको बता दें कि कल पूर्णिमा तिथि जो आज 9.38 पर खत्म होगी और उसके बाद भादों की पड़वा होगी। पड़वा तिथि में राखी नहीं बांधते हैं, तो आपके पास ऑप्शन है कि आप सुबह उठकर भाई के जल्दी राखी बांध दें। वहीं कुछ ज्योतिषियों की राय है कि जब उदया तिथि होती है तो उसका मान पूरे दिन होता है, ऐसे में भद्रा ना होने के कारण पूरे दिन भाई को राखी बांधी जा सकती है। इसलिए इन दोनों ही बातों को आप मान सकते हैं। लेकिन आपके पास ऑप्शन है कि अगर आप पूर्णिमा तिथि को राखी बांधने के लिए शुभ मानते हैं तो आप सुबह 9.38 बजे से पहले राखी बांध दें। राखी बांधने का शुभ मुहूर्त: 6:22 बजे सुबह से सुबह 9:48 बजे तक रहेगा। आपको बता दें कि करीब 27 वर्षों बाद दुर्लभ संयोग बन रहा है, जब भद्रा के साये से मुक्त रक्षाबंधन का पर्व मनाया जा सकेगा।
27 साल बाद पूरे दिन भद्रा नहीं
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार रक्षाबंधन पर शतभिषा नक्षत्र के साथ अतिगंड, शोभन, श्रीवत्स, सौम्य और यायीजय जैसे कुल 11 योग भी बन रहे हैं जो इस त्योहार की शुभता को और भी बढ़ा रहे हैं। इस दिन चंद्राधि, बुधादित्य, विमल विपरीत राजयोग, धन योग, उभयचरी, शकट और सुनफा योग का भी संयोग मिल रहा है।
आपको बता दें किपूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह 8:38 बजे प्रारंभ होकर 28 अगस्त की सुबह 9:26 बजे तक रहेगी। हिंदू पंचांग में उदया तिथि की मान्यता होने के कारण रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। पूर्णिमा के साथ लगी भद्रा 27 अगस्त को ही 8:54 बजे समाप्त हो जाएगी। इसलिए रक्षाबंधन के दिन भद्रा का कोई प्रभाव नहीं रहेगा ।
रक्षा बंधन 2026 की कैसे करें पूजा
इस दिन सुबह स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। सुबह कुछ खाएं नहीं और पूजा की थाली लगाएं, इसमें एक राखी, दिया, रौली, कुमकुम और अक्षत और स्वीट रखें। नारियल लें और नारियल पर तिलक कर भाई के तिलक करें और फिर राखी बांधे और फिर उसको कुछ मिठा खिलाएं और
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।


