Palmistry: हाथ की राहु रेखा देती है रुकावट का संकेत? इन 3 उपायों से मिलेगा लाभ

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Rahu Line in Palmistry: क्या आपकी हथेली में राहु रेखा जरुरी रेखाओं से होकर गुजर रही है? जानें आखिर इसके प्रभाव को कम कैसे किया जा सकता है? 

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हस्ररेखा शास्त्र

हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार हथेली की हर रेखा हमारी जिंदगी से जुड़े कई संकेत देती है। हर एक रेखा, पर्वत और निशान का अपना अलग महत्व है। हथेली में ही कुछ रेखाएं होती हैं जिन्हें राहु रेखा कहा जाता है। माना जाता है कि अगर हाथ की ये रेखाएं अगर कुछ जरूरी रेखाओं को काटते हुए आगे बढ़ें तो जिंदगी में काफी रुकावटें पैदा होती हैं। शास्त्र के हिसाब से राहु रेखा का संकेत होता है कि अचानक से कोई दिक्कत आ सकती है या फिर तनाव बढ़ सकता है। वहीं पैसों से जुड़ी दिक्कतें भी शुरू हो सकती हैं। हालांकि इनका असर कम करने के लिए कुछ उपायों को भी किया जा सकता है।

राहु रेखा के अशुभ प्रभाव को करें दूर

1. अगर आप राहु रेखा के अशुभ प्रभाव को कम करना चाहते हैं तो भगवान शिव की पूजा करें। सोमवार के दिन भगवान शिव को जल और बेलपत्र जरूर अर्पित करें। अभी सावन चल रहे हैं तो आप रोज उनका जलाभिषेक भी कर सकते हैं। इसके अलावा आप नियमित रूप से ॐ नमः शिवाय का 108 बार नाम जाप करें। इसके लिए आप रुद्राक्ष की माला ले सकते हैं। भगवान शिव का महामृत्युंजय मंत्र बहुत ही पावरफुल माना जाता है। भगवान शिव से जुड़े इन उपायों से ना सिर्फ आपका मन शांत रहेगा बल्कि हर एक परेशानी से लड़ने का कॉन्फिडेंस भी आपको मिलेगा।

2. राहु से जुड़ी दिक्कतों को कम करने के लिए जरूरतमंदों की सेवा करना चाहिए। शास्त्र में माना जाता है कि जरुरतमंद और बेजुबान जीवों को भोजन कराने से राहु के खराब प्रभाव धीरे-धीरे कम होने लगते हैं। वहीं पक्षियों को दाना डालना भी बहुत शुभ होगा। इसके अलावा शनिवार के लिए कोए और काले कुत्ते को भोजन कराने से भी राहु से जुड़े उपाय दूर हो सकते हैं। ऐसी मान्यता है कि इससे काम में आने वाली हर एक बाधा दूर होने लगती है। वहीं पैसों से संबंधित दिक्कतें भी धीरे-धीरे खत्म हो जाती हैं।

3. अगर आपकी हथेली में भाग्य रेखा या फिर मस्तिष्क रेखा को काट रही है तो ऐसा माना जाता है कि इससे पैसों से जुड़ी दिक्कतें बार-बार परेशान करती है। ऐसे में आप नारियल से जुड़ा एक उपाय कर सकते हैं। सूखा नारिलय लें और उसे अपने सिर के ऊपर से सात घुमाकर किसी नदी में प्रवाहित कर दें। मान्यता यही है कि इससे जिंदगी की नेगेटिविटी काफी हद तक दूर होने लगती है और मन भी शांत रहने लगता है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो: गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।

परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।

करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।

एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।

व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।

विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
वास्तु शास्त्र
अंक शास्त्र
रत्न शास्त्र
फेंगशुई
हस्तरेखा शास्त्र

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