पहले घर में राहु, सातवें घर में केतु, आपकी कुंडली में तो नहीं. जानें क्या होगा असर, क्या हैं उपाय
राहु अनुकूल है या प्रतिकूल ये आपको अच्छे से समझना होगा। राहु और केतु राक्षस थे, जो अमृत का पान करना चाहते थे, लेकिन सूर्य और चंद्र ने उन्हें देख लिया, लेकिन उन्हों कुछ बूंदे तो उन्हों अमृत की ग्रहण की और अमर हो गए और पवित्र हुए, लेकिन अंदर से तो वे राक्षस ही थे,

राहु अनुकूल है या प्रतिकूल ये आपको अच्छे से समझना होगा। राहु और केतु राक्षस थे, जो अमृत का पान करना चाहते थे, लेकिन सूर्य और चंद्र ने उन्हें देख लिया, लेकिन उन्हों कुछ बूंदे तो उन्हों अमृत की ग्रहण की और अमर हो गए और पवित्र हुए, लेकिन अंदर से तो वे राक्षस ही थे, तो उनमें राक्षसी प्रवृति है ही।एक तरह से आप कह सकते हैं कि राहु आपके दिमाग की लहर है आप गलत सोचते रहते है तो राहु खराब है अगर आप आशावादी है तो राहु खराब नही है। अगर आपका राहु अच्छा है तो किसी को भी राजनीति में ऊपर ले जाता है। घर के बिजली का सामान राहु से जुड़ा रहता है। आपके इलेक्ट्रॉनिक्स या बिजली के सामान अगर खराब रहते है तो आपका राहु खराब है। कोई कोर्ट केस चल रहा है तो राहु खराब है। घर में नालिया ब्लॉक है या दरवाजे के पास गंदा पानी बह रहा है तो राहु खराब है । आपके घर की छत गंदी रहती है तो आपका राहु खराब है। इसलिए इन चीजों से आप राहु को सही कर सकते हैं।
कुंडली में कैसा फल देते हैं राहु और केतु
ज्योतिष में राहु और केतु का अच्छा स्थान है। राहु और केतु ज्योतिष में नवग्रह में शामिल है। एक सिर है, तो दूसरा धड़ है। ज्योतिष में राहु और केतु को एक छाया ग्रह माना जाता है, जिसका कोई भौतिक स्वरूप नहीं है। कुण्डली में राहु केतु जहां बैठते हैं, उसी के अनुसार फल देने लगते हैं। अगर केतु सातवें और राहु पहले घर में हो तो जानें क्या होता है। राहु आपके मस्तिष्क और मन में रहते हैं। राहु और केत को लाइफ को बैलेंस करना जरूरी है। जिन लोगों में राहु और सूर्य का कॉम्बिनेशन होता है, वो लाइफ में काफी कुछ अचीव करते हैं। राहु और केतु का कुंडली मे 12 स्थान में उस स्थान की प्रकृति, जिस राशि में राहु केतु है या जिस ग्रह के साथ या जिस ग्रह से सम्बन्ध बनाता है उस के अनुसार फल देने लगता है।
केतु अगर सातवें घर में हैं, राहु पहले तो क्या करना है
राहु लग्न में हो तो आप आगे बढ़ते हैं। राहु और केतु दोनों का बैलेंस जरूरी है। अगर आप लाइफ में तरक्की करना चाहते हैं, तो इन दोनों को बैलेंस करना बहुत जूरी है। केतु का घर सातवां हैं, सांतवा घर जो रिश्तों का है, इसलिए केत को सही करना है, तो रिश्तों में अच्छा काम करें, उन्हें साथ लेकर चलें, फिर चाहे, पत्नी हो, पिता हो या मां। यहां आपको अपने रिश्तों में ज्यादा नहीं सोचना है। अगर आप रिश्तों में हैं, तो आपको उनके आगे नतमस्तक रहना है। ऐसे बने रहेंगे, लेकिन अगर आप उल्टा करेंगे, तो विवाह में समस्याएं आएंगी।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
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Anuradha Pandeyशार्ट बायो
अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
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