Quote of the day: कठिन लक्ष्य भी पाना हो जाता है आसान, गीता में लिखी इन 4 बातों का रखें ध्यान

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How to get success Geta Updesh: गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को जीवन के कई पहलुओं से जुड़े सवालों का उत्तर दिया है। आइए जानते हैं कि गीता के अनुसार मुश्किल लक्ष्य को पाने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

How to get success Geta Updesh

Life Lessons From Bhagavad Gita in Hindi: हिंदू धर्म के पवित्र ग्रंथ श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए उपदेश वर्णित हैं। माना जाता है भगवान श्रीकृष्ण के उपदेशों का पालन करते हुए ही अर्जुन आगे बढ़े थे। इसलिए वर्तमान में भी लोग मुश्किल समय हो या किसी लक्ष्य को हासिल करना हो, इसके लिए श्रीमद्भगवद्गीता के उपदेशों का सहारा लेते हैं। कहते हैं कि श्रीमद्भगवद्गीता का ज्ञान व्यक्ति के भीतर ज्ञान, शांति, धैर्य और दृढ़ता लाता है। कहा जाता है कि गीता में लिखी कुछ बातों का पालन करने से व्यक्ति अपने लक्ष्यों के साथ सपनों को भी पाने में सफलता हासिल करता है। जानें लक्ष्यों को पाने के लिए व्यक्ति को गीता में वर्णित किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

श्लोक:

कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।

मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥

श्लोक का अर्थ:

श्रीमद्भगवद्गीता (अध्याय 2, श्लोक 47) का यह प्रसिद्ध श्लोक है, जिसका अर्थ है कि व्यक्ति का अधिकार केवल अपने कर्म (कर्तव्य) को पूरी लगन से करने का है, न कि उसके परिणाम का। इसलिए व्यक्ति को फल की चिंता किए बिना अपना सर्वश्रेष्ठ कर्म करना चाहिए और कर्महीनता से बचना चाहिए।

श्लोक का सार:

1. कर्म का अधिकार: भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं कि व्यक्ति को सिर्फ अपने कर्म की चिंता करनी चाहिए कि उसे किस तरह के कर्म करने हैं। फल की चिंता रखने वाले लोग अच्छे कर्म का हिस्सा नहीं बन पाते हैं। माना जाता है कि फल की चिंता व्यक्ति को हमेशा कमजोर बनाती है।

2. फलों की अनासक्ति: श्रीकृष्ण कहते हैं कि मनुष्य को अपने लक्ष्य को पाने के लिए निरंतर उस दिशा में प्रयास या कर्म करते रहना चाहिए। यह अभ्यास व्यक्ति को विपरीत परिस्थितियों में भी स्थिर रहने की क्षमता प्रदान करता है। व्यक्ति अपने कर्म के फलों का हकदार नहीं है।

3. कर्म के कारण न बनें: भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं कि व्यक्ति को कभी भी खुद को अपने कर्मों के परिणामों का कारण या कर्ता नहीं समझना चाहिए। कर्म करते रहना ही व्यक्ति का पहला उद्देश्य होना चाहिए। इस दौरान कई परिवर्तन या बदलावों का भी सामना करना पड़ सकता है। गीता के अनुसार, जीवन में परिवर्तन एक सच्चाई है, इसलिए इसे भी स्वीकार करना चाहिए। जो व्यक्ति कर्म की चिंता किए बिना परिवर्तन या बदलावों को सहजता से स्वीकार लेता है, वह सफलता प्राप्त करता है। ऐसे लोग मानसिक रूप से भी दृढ़ हो जाते हैं।

4. अकर्मण्यता से बचें: श्रीकृष्ण कहते हैं कि व्यक्ति को कर्म न करने या आलसी होने की इच्छा नहीं रखनी चाहिए। जो व्यक्ति अपने मन और इच्छाओं पर नियंत्रण पा लेता है, वह अपने लक्ष्य से कभी भटकता नहीं है। ऐसे व्यक्ति का धैर्य सबसे बड़ा सहारा बनता है। समय कैसा भी हो ऐसे लोग अपने विश्वास और धैर्य से लक्ष्य को प्राप्त कर लेते हैं।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Saumya Tiwari

लेखक के बारे में

Saumya Tiwari

संक्षिप्त विवरण

सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।


विस्तृत बायो


परिचय और अनुभव

सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।


इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।


इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।


व्यक्तिगत रुचियां

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।


विशेषज्ञता

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