Quote of the day: ये 5 बातें मां के गर्भ में ही तय हो जाती हैं, पढ़ें आचार्य चाणक्य के विचार
Chanakya Niti 29 June 2026: आचार्य चाणक्य ने अपनी एक नीति में बताया है कि कौन-सी बातें मां के गर्भ में ही तय हो जाती हैं, जिन्हें बाद में बदला नहीं जा सकता है। पढ़ें आज की चाणक्य नीति।

Quote of the day 29 June 2026 Chanakya Niti, आज का सुविचार: आचार्य चाणक्य ने अपने ग्रंथ नीति शास्त्र में जीवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला है। चाणक्य ने एक श्लोक में बताया है कि जब शिशु या जीव मां गर्भ में होता है, तभी कुछ बातें तय हो जाती हैं। चाणक्य का कहना है कि बच्चे के जन्म से पहले से कुछ बातें तय हो जाती हैं और इन बातों को व्यक्ति चाहकर भी नहीं बदल सकता है। पढ़ें आज की चाणक्य नीति।
श्लोक:
आयुः कर्म च वित्तं च विद्या निधनमेव च ।
पञ्चैतानि हि सृज्यन्ते गर्भस्थस्यैव देहिनः ।।
श्लोक का अर्थ:
आचार्य चाणक्य के अनुसार, जब शिशु या जीवन मां गर्भ में आता है तभी उसकी आयु, कर्म, धन, विद्या और मृत्यु यह पांच बातें निश्चित हो जाती हैं। चाणक्य का मानना था कि व्यक्ति के जीवन में करीब एक सौ एक बार मृत्यु का योग बनता है। जिसमें एक बार काल मृत्यु और बाकी अकाल मृत्यु होती हैं। अकाल मृत्यु को कर्म से बदला जा सकता है।
श्लोक का सार:
चाणक्य के अनुसार, मनुष्य के जीवन की सभी बातें पहले से ही तय हो जाती हैं जैसे कि वह कितने सालों तक जीवित रहेगा। किस तरह के कर्म करेगा। उसे धन का अभाव होगा या धनवान होगा और कितनी विद्या प्राप्त करेगा।
चाणक्य कहते हैं कि कर्म को भी नकारा नहीं जा सकता है। माना जाता है कि जीव को उसके कर्म के अनुसार ही शरीर की प्राप्ति होती है। शास्त्रों में वर्णित है कि व्यक्ति का प्रथम कर्तव्य कर्म करना है। व्यक्ति अपनी बुद्धि और विद्या के अनुसार ही अच्छे कर्म करता है। चाणक्य कहते हैं कि अगर कोई व्यक्ति बिना फल की कामना किए संकल्पपूर्वक कर्म करता है, तो उसके जीवन में सकारात्मक बदलाव हो सकते हैं।
चाणक्य कहते हैं कि जब जीव मां के गर्भ में आता है तभी उसकी आयु निश्चित हो जाती है। आयु को कोई व्यक्ति चाहते हुए भी नहीं बदल सकता है। चाणक्य के अनुसार, व्यक्ति के जीवन में सुख-दुख उसके कर्म के अनुसार ही आते हैं। अच्छे कर्म करने वालों को शुभ और बुरे कर्म करने वालों को खराब परिणाम मिलते हैं। किसी व्यक्ति का कर्म कैसा रहेगा, यह उसके मां के गर्भ में ही तय हो जाता है। चाणक्य के अनुसार, व्यक्ति के जीवन से जुड़ी पांच बातें आयु, विद्या, धन, कर्म और मृत्यु पिछले जन्म के कर्मों को मिलाकर मां के गर्भ में ही गय हो जाती हैं, जिन्हें बदलना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन होता है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।


