Quote of the day: किसी को भूलकर भी नहीं बतानी चाहिए ये 5 बातें, पढ़ें आचार्य चाणक्य के विचार
Chanakya Niti in hindi: आचार्य चाणक्य की नीतियां वर्तमान में भी लोकप्रिय हैं। चाणक्य ने अपनी एक नीति के जरिए बताया है कि किन बातों को किसी के साथ नहीं शेयर करना चाहिए। आप भी पढ़ें आज की चाणक्य नीति।

Quote of the day 26 June 2026 Chanakya Niti, आज का सुविचार: आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र में मानव जीवन के सभी पहलुओं पर रोशनी डाली है और उसका विस्तार से वर्णन किया है। चाणक्य नीति की बातें आज भी लोगों के बीच प्रचलन में हैं और प्रासंगिक हैं। चाणक्य ने एक नीति के जरिए बताया है कि बुद्धिमान व्यक्ति अपनी किन बातों को किसी के सामने साझा नहीं करता है। चाणक्य का मानना है कि इन बातों को सार्वजनिक करने से व्यक्ति का उपहास उड़ सकता है। आइए जानते हैं आज 26 जून 2026 का सुविचार।
श्लोक-
अर्थनाशं मनस्तापं गृहे दुश्चरितानि च।
वञ्चनं चापमानं च मतिमान्न प्रकाशयेत्।।
श्लोक का अर्थ:
आचार्य चाणक्य के अनुसार, किसी व्यक्ति अपने धन नष्ट होने, मानसिक दुख को, घर के दोषों को, किसी व्यक्ति द्वारा ठगे जाने और अपना अपमान होने की बात किसी के सामने प्रकट या शेयर नहीं करनी चाहिए।
श्लोक का सार:
चाणक्य कहते हैं कि व्यक्ति को जीवन में कभी न कभी धन की हानि उठानी पड़ती है। उसके मन में कई तरह के दुख और संताप भी हो सकते हैं। हर घर में कोई न कोई बुराई होती । कई बार लोग धोखा देकर ठग लेते हैं और किसी न किसी के द्वारा अपमानित होना पड़ सकता है। चाणक्य का मानना है कि एक समझदार व्यक्ति को इन सब बातों को मन में ही छिपाकर रखनी चाहिए और इन्हें दूसरों के सामने साझा नहीं करना चाहिए। चाणक्य कहते हैं कि लोग हंसी ही उड़ाते हैं। इसलिए बुद्धिमान व्यक्ति को इन परिस्थितियों का सामना स्वयं करना चाहिए और अवसरों की खोज करनी चाहिए। चाणक्य कहते हैं कि जब आप दूसरों के सामने धन हानि की चर्चा करते हैं तो सामने वाला मदद करने से कतराता है। इसलिए जब भी इस तरह की स्थिति सामने आए तो व्यक्ति को खुद ही विचार करके कोशिश करनी चाहिए कि नुकसान की भरपाई कैसे कर सकते हैं।
आचार्य चाणक्य के मुताबिक, व्यक्ति को अपने दुखों को किसी के सामने नहीं दिखाना चाहिए, बल्कि उन्हें खुद तक ही सीमित रखना चाहिए। चाणक्य का मानना है कि किसी भी व्यक्ति की परेशानी से दूसरों को कोई मतलब नहीं होता है, सामने वह संवेदनाएं दिखा भी देते हैं लेकिन पीठ-पीछे उपहास ही उड़ाते हैं। जब व्यक्ति अपनी गुप्त बातों को सार्वजनिक कर देता है, तो दूसरों के सामने उसका मान-सम्मान घटता है और वह हंसी का पात्र भी बन सकता है। इसलिए चाणक्य कहते हैं कि बुद्धिमान व्यक्ति वही होता है जो अपनी बातों को हर किसी से छिपाकर रखता है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।


