Quote of the day: बुद्धिमान लोगों को जरूर करना चाहिए ये काम, पढ़ें आज की चाणक्य नीति

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

Chanakya Niti in hindi: आचार्य चाणक्य की नीतियों के बारे में कहा जाता है कि इन्हें अपनाना मुश्किल होता है, लेकिन जिसने भी अपना लिया उसे सफल होने से कोई नहीं रोक पाया है। पढ़ें आज की चाणक्य नीति।

Quote of the day 25 june 2026

Quote of the day 25 June 2026, आज का सुविचार: आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों के माध्यम से लोगों को कई खास संदेश दिए हैं। उन्होंने मानव जीवन से जुड़े प्रत्येक पहलू पर नीतियों का वर्णन किया है। चाणक्य ने एक श्लोक के माध्यम से बताया है कि संतान को कैसे गुणवान बनाया जा सकता है और बुद्धिमान लोगों का क्या कर्तव्य होता है। चाणक्य की नीतियां आज भी प्रासंगिक हैं। कई लोग इन्हें अपनाकर जीवन में सफलता के रास्ते को आसान बनाते हैं। कहा जाता है कि चाणक्य की नीतियां अपनाना मुश्किल है, लेकिन जिस व्यक्ति ने भी अपना लिया, उसे सफलता जरूर प्राप्त होती है। पढ़ें आज 25 जून 2026 की चाणक्य नीति।

श्लोक:

पुत्राश्च विविधैः शीलैर्नियोज्याः सततं बुधैः।

नीतिज्ञाः शीलसम्पन्ना भवन्ति कुलपूजिताः

श्लोक का अर्थ:

चाणक्य के अनुसार, बुद्धिमान लोगों को चाहिए कि वह अपने पुत्र और पुत्रियों को कई तरह के अच्छे गुणों से युक्त करें। उन्हें अच्छे कार्यों में लगाएं। चाणक्य का मानना है कि नीति जानने वाले और अच्छे गुणों से युक्त सज्जन स्वभाव वाले व्यक्ति ही कुल में पूजनीय होते हैं।

श्लोक का सार:

आचार्य चाणक्य ने अपनी रचना चाणक्य नीति के दूसरे अध्याय के दसवें श्लोक में एक आदर्श और गुणवान पुत्र या पुत्री बनाने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया है। उनका कहना है कि अपने पुत्र या पुत्री को हमेशा अच्छे संस्कार और शिक्षा देने का कर्तव्य माता-पिता का होता है। चाणक्य का मानना है कि बचपन में बच्चे को जिस तरह की शिक्षा दी जाएगी, उनके जीवन का विकास भी उसी प्रकार होगा। इसलिए हर माता-पिता का कर्तव्य है कि वह अपने बच्चों को ऐसे रास्ते पर चलाएं, जहां उनके भीतर विकास होने के साथ गुण भी आएं। चाणक्य के अनुसार, गुणी लोगों से ही कुल की शोभा बढ़ती है।

चाणक्य कहते हैं कि जो मां-बाप अपने बच्चों की शिक्षा पर ध्यान नहीं देते हैं, वे बच्चो के लिए शत्रु समान होते हैं। अगर अशिक्षित बच्चों को विद्वानों की सभा में बैठा दिया जाए, तो वे अपमानित महसूस करते हैं। विद्वानों के समूह में अनपढ़ की उपस्थिति ठीक उसी प्रकार होती है जैसे हंसों के बीच बगुले की स्थिति होती है।

श्लोक:

लालनाद् बहवो दोषास्ताडनाद् बहवो गुणाः ।

तस्मात्पुत्रं च शिष्यं च ताडयेन्नतुलालयेत् ।।

आचार्य चाणक्य ने द्वितीय अध्याय के 12वें श्लोक में बताया है कि अगर बच्चों को ज्यादा दुलार या लाड़-प्यार किया जाता है, तो वे बिगड़ जाते हैं। अगर बच्चों की गलती को अनदेखा करने की जगह उन्हें सजा मिलती है, वह दंड उनमें गुणों का विकास करता है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Saumya Tiwari

लेखक के बारे में

Saumya Tiwari

संक्षिप्त विवरण

सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।


विस्तृत बायो


परिचय और अनुभव

सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।


इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।


इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।


व्यक्तिगत रुचियां

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।


विशेषज्ञता

ग्रह और नक्षत्रों का राशि पर असर
फेंगशुई
वास्तु शास्त्र
अंक शास्त्र
रत्न विज्ञान

और पढ़ें
जानें Sawan 2026, Rashifal और Panchang की सटीक जानकारी। रोजाना पूजा-पाठ के लिए पढ़ें Shiv Chalisa, Shiv Aarti, Shiv Mahamrityunjaya Mantra, Shiv Stuti, Hanuman Chalisa और Bajrang Baan