Quote of the day: ऐसा पुत्र सारे कुल को कर देता है नष्ट, पढ़ें आज की चाणक्य नीति
Quote of the day 24 June 2026: आचार्य चाणक्य ने अपनी रचना नीति शास्त्र में पिता, पुत्र, बेटी और पत्नी समेत कई रिश्तों का विस्तार से वर्णन किया है। एक नीति में उन्होंने बताया है कि कैसा पुत्र सारे कुल को नष्ट या खम देता है। पढ़ें आचार्य चाणक्य के विचार।

Quote of the day 24 June 2026 chanakya niti: आचार्य चाणक्य को एक महान अर्थशास्त्री, दूरदर्शी और राजनीतिज्ञ माना जाता है। उन्होंने अपनी रचना नीति शास्त्र में मानव जीवन से जुड़े कई पहलुओं का विस्तार से वर्णन किया है। आचार्य चाणक्य की नीतियां आज भी प्रासंगिक हैं। चक्रवर्ती सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य ने आचार्य चाणक्य की नीतियों का पालन करके मौर्य वंश की स्थापना की थी। चाणक्य ने अपनी नीतियों में कई व्यावहारिक बातें बताई हैं, जिन्हें अपनाकर लोग जीवन को आसान बना सकते हैं। अपनी एक नीति में चाणक्य बताया है कि पुत्र कैसा होना चाहिए और कैसा पुत्र वंश को नष्ट कर देता है? पढ़ें आज का सुविचार-
श्लोक:
एकेन शुष्कवृक्षेण दह्यमानेन वह्निना।
दह्यते तद्वनं सर्वं कुपुत्रेण कुलं यथा।।
श्लोक का अर्थ:
आचार्य चाणक्य के अनुसार, जिस प्रकार एक ही सूखे वृक्ष में आग लगने से सारा जंगल जलकर राख हो जाता है, उसी प्रकार एक मूर्ख और कुपुत्र सारे कुल या वंश को नष्ट कर देता है।
चाणक्य कहते हैं कि जैसे जंगल का एक सूखा पेड़ आग पकड़ ले, तो पूरा वन जल जाता है। उसी तरह से कुल में एक कुपुत्र पैदा हो जाए तो वह सारे कुल को नष्ट कर देता है। चाणक्य कहते हैं कि इससे कुल का मान-सम्मान और आदर-प्रतिष्ठा सब मिट्टी में मिल जाता है।
श्लोक का सार:
चाणक्य के अनुसार, एक गुणवान पुत्र कई अगुणी पुत्रों से अच्छा होता है। क्योंकि कुपुत्र पूरे कुल को बदनाम या नष्ट कर सकता है जबकि अकेला गुणी पुत्र वंश का मान-सम्मान बढ़ा सकता है। उनका मानना है कि अगर पुत्र विद्वान और ईश्वर भक्त नहीं है, तो उसका जन्म व्यर्थ होता है।
चाणक्य कहते हैं कि जिस तरह एक गुणवान पुत्र अपने गुणों से बल पर सफलता हासिल कर ही लेता है। ठीक उसी प्रकार जिस तरह से जंगल में सुंदर और सुंगधित फूलों वाला पेड़ अपनी खुशबू से पूरे वन को महकाता है। उसी तरह से गुणवान पुत्र कुल की मान-प्रतिष्ठा बढ़ाता है। चारों ओर उसके माता-पिता की प्रशंसा होती है।
चाणक्य कहते हैं कि कुल में कपूत पैदा होने से कुल को बदनामी का सामना करना पड़ सकता है। एक कुपुत्र पूरे वंश या कुल की प्रतिष्ठा को मिट्टी में मिला सकता है। यही कारण है कि पुत्र को सपूत बनाने के लिए शिक्षा और मर्यादा का पाठ पढ़ाना चाहिए।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Saumya Tiwariसंक्षिप्त विवरण
सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।
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परिचय और अनुभव
सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।
इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।
इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।
विशेषज्ञता
ग्रह और नक्षत्रों का राशि पर असर
फेंगशुई
वास्तु शास्त्र
अंक शास्त्र
रत्न विज्ञान


