Quote of the day: हर समय रिजल्ट की चिंता करते हैं? सद्गुरु की इस बात से बदलेगी सोच
Quote of the day 2 July 2026, Aaj ka suvichar: ज्यादा उम्मीदें और नतीजों की चिंता ही कई बार हमारे तनाव की वजह बनती है। जानें इस भागती दौड़ती जिंदगी में सुकून से जीने के लिए सद्गुरु क्या सलाह देते हैं।

Sadhguru Quotes for Happy Life, Aaj ka suvichar 2 July 2026:आजकल लोग अपनी हर खुशी को सिर्फ और सिर्फ सफलता से जोड़कर देखते हैं। नौकरी में प्रमोशन, बिजनस में गेन या फिर कोई तारीफ कर दें तो ही खुशी मिलेगी। लोगों को ये लगने लगा है कि इन्हीं चीजों से जिंदगी में खुशी होगी और सब अच्छा होगा। वहीं जब मेहनत के बाद मनचाही चीज नहीं मिलती है तो इंसान परेशान हो जाता है और फिर उसे कुछ भी अच्छा नहीं लगता है। सद्गुरु के अनुसार अगर हर वक्त सिर्फ नतीजों के बारे में ही सोचा जाएगा तो जिंदगी का असली मजा कभी नहीं आने वाला है। खुश रहने का एकमात्र यही मंत्र है कि अपना काम पूरी ईमानदारी के साथ करते हुए रिजल्ट की चिंता नहीं करनी है। इसी सोच से इंसान अंदर से मजबूत और शांत होगा। चलिए सद्गुरु के इस मंत्र को ठीक से समझते हैं।
1. अपना काम ईमानदारी से करें
जब भी किसी काम की शुरुआत करें तो इस बात पर ध्यान दें कि इसे बेहतर कैसा किया जाए। आपका ध्यान इस बात पर नहीं होना चाहिए कि आखिर इसका रिजल्ट कैसा होगा? मन में पॉजिटिव सोच ही रखिए कि आप जो भी कर रहे हैं वो अच्छा है। अगर ऐसा नहीं करेंगे तो ना आपका मन शांत रह पाएगा और ना ही वो काम आप सही तरीके से कर पाएंगे। बस कोशिश करें कि किसी भी काम में आप अपनी ओर से 100 प्रतिशत दें।
2. इस उपाय से मन रहेगा हल्का
अक्सर हमारी परेशानियों की वजह सिर्फ हमारी उम्मीदें होती हैं। आज की दुनिया में लोग दूसरों का वैलिडेशन चाहते हैं और इसी में उन्हें खुशी मिलती है लेकिन एक दिन यही चीज परेशान भी करती है। हर कोई चाहता है कि उसकी बात को समझने वाला कोई हो। काम से लेकर हर एक चीज की तारीफ हो लेकिन ये हमेशा नहीं हो सकता है। ऐसे में दूसरों की राय के आधार पर अपनी खुशी को डिपेंड ना होने दें।
इन आदतों को रूटीन में करें शामिल
1. अपने काम को पूरी लगन के साथ पूरा करने की कोशिश करें।
2. सिर्फ दूसरों की तारीफ का इंतजार ना करें।
3. जो चीज आपके पास है उस पर फोकस करें ना कि दूसरों की चीजें देखकर दुखी होते रहें।
4. छोटी-छोटी चीजों में खुशियां तलाशने की कोशिश करें।
5. जिंदगी के हर लम्हे को खुलकर जीने की कोशिश करें।
इन बातों का रखें ख्याल
आपको ये समझना होगा कि जिंदगी एक रेस नहीं है। हर दिन आप कुछ ना कुछ नया सीखेंगे और आगे बढ़ने के कई मौके भी मिलेंगे। अब अगर हर वक्त यही सोचा जाए कि आगे क्या होगा तो इस चक्कर में आज की खुशी गुम हो जाएगी। इसीलिए प्रेजेंट में रहें और खुद पर भरोसा करें। इससे जिंदगी ना सिर्फ आसान होगी बल्कि मन भी शांत रहने लगेगा और इसका असर आपके हर काम में दिखने लगेगा।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो:
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
वास्तु शास्त्र
अंक शास्त्र
रत्न शास्त्र
फेंगशुई
हस्तरेखा शास्त्र


