Quote of the day: ऐसे माता-पिता बच्चों के लिए शत्रु समान होते हैं, पढ़ें आचार्य चाणक्य के विचार
Quote of the day 17 June 2026, Aaj ka suvichar: आचार्य चाणक्य ने अपने ग्रंथ नीति शास्त्र में बच्चों और माता-पिता से जुड़ी कई नीतियों का वर्णन किया है। एक श्लोक के माध्यम से बताया है कि कौन-से माता-पिता बच्चों के लिए शत्रु समान होते हैं।

Chanakya niti for parents, Aaj ka suvichar 17 June 2026: आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र में मानव जीवन से जुड़े कई पहलुओं पर अपने विचार या राय साझा की है। आचार्य चाणक्य की नीतियां थोड़ी कठोर और मुश्किल लगती हैं, जिसके कारण इन्हें अपनाना थोड़ा मुश्किल लगता है। कहा जाता है कि अगर चाणक्य नीति का पालन किया जाए तो, यह व्यक्ति को सफलता और तरक्की दिला सकती हैं। नीति शास्त्र में आचार्य चाणक्य ने माता-पिता, संतान, परिवार, शत्रु और धन आदि सभी विषयों से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें बताई हैं। एक श्लोक के माध्यम से उन्होंने माता-पिता और संतान के रिश्ते को लेकर भी अपने विचार साझा किए हैं। आचार्य ने कुछ ऐसी स्थितियों या हालातों का वर्णन किया है जब माता-पिता संतान के लिए शत्रु समान हो जाते हैं। पढ़ें आज 17 जून 2026 की चाणक्य नीति।
श्लोक:
'माता शत्रुः पिता वैरी, येन बालो न पाठितः।
न शोभते सभामध्ये, हंसमध्ये बको यथा ॥'
श्लोक का अर्थ:
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि वे माता-पिता बच्चों के शत्रु हैं, जिन्होंने उन्हें पढ़ाया-लिखाया नहीं है। क्योंकि अनपढ़ बालक विद्वानों के समूह में शोभा या सम्मान नहीं पाते हैं, ऐसे बच्चों का हमेशा अपमान होता है। विद्वानों के समूह में उसका अपमान उसी तरह से होता है जैसे हंसों के झुंड में बगुले की स्थिति होती है।
श्लोक का सार:
आचार्य चाणक्य के अनुसार, कोई भी व्यक्ति जन्म से ही विद्वान या पढ़ा-लिखा नहीं होता है। उसके लिए उसका शिक्षित होना जरूरी है। शक्ल-सूरत और रंग-रूप तो सभी मनुष्यों के पास होता है, लेकिन उनमें अंतर उनकी बुद्धिमत्ता से किया जाता है। जिस तरह से सफेद बगुला हंसों के बीच रह कर हंस नहीं बन सकता है, उसी तरह से अनपढ़ व्यक्ति शिक्षित लोगों के बीच बैठकर शोभा नहीं पा सकता है। इसलिए हर माता-पिता का कर्तव्य है कि वह अपने बच्चों को शिक्षित करें, जिससे वह समाज में सम्मान पा सकें।
माता-पिता को करना चाहिए ये काम:
श्लोक-
लालनाद् बहवो दोषास्ताडनाद् बहवो गुणाः।
तस्मात्पुत्रं च शिष्यं च ताडयेन्न तु लालयेत्।।
श्लोक का अर्थ है:
प्यार-दुलार करने से पुत्रों में बहुत सारी बुरी आदतें और दोष हो जाते हैं, इसलिए उन्हें दंड देना या डांटना चाहिए, इससे उनमें गुणों का विकास होता है। आचार्य चाणक्य के अनुसार, पुत्रों और शिष्यों को अधिक प्यार-दुलार नहीं करना चाहिए, उनकी ताड़ना (डांट लगाना) भी करनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Saumya Tiwariसंक्षिप्त विवरण
सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।
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परिचय और अनुभव
सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।
इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।
इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।
विशेषज्ञता
ग्रह और नक्षत्रों का राशि पर असर
फेंगशुई
वास्तु शास्त्र
अंक शास्त्र
रत्न विज्ञान


