Quote of the day: कैसे करें सच्चे मित्र और गुप्त शत्रु की पहचान? पढ़ें नीति शास्त्र में चाणक्य ने क्या बताया

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chanakya niti for friendship: आचार्य चाणक्य ने अपने ग्रंथ नीति शास्त्र में मित्रता और शत्रुता दोनों से जुड़ी नीतियों का वर्णन किया है। जानें आज की नीति से कैसे करें सच्चे मित्र और गुप्त शत्रु की पहचान।

chanakya niti for friendship
चाणक्य के अनुसार कैसे पहचानें सच्चा मित्र और गुप्त शत्रु?

Chanakya niti 16 September 2026, आज का सुविचार: आचार्य चाणक्य ने मानव जीवन को सरल बनाने वाली कई नीतियों का वर्णन नीति शास्त्र में किया है। एक नीति में उन्होंने बताया है कि व्यक्ति किस तरह से अपने सच्चे मित्र और गुप्त या छिपे हुए शत्रु की पहचान कर सकता है। आचार्य चाणक्य का मानना है कि सच्चा मित्र वही होती है जो हर परिस्थिति में साथ रहता है और गुप्त शत्रु हमेशा छिपकर नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं। सच्चे मित्र और गुप्त शत्रु को पहचानने के लिए आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र में कई व्यावहारिक सूत्र बताए हैं। आप भी पढ़ें मित्रता और शत्रु से जुड़ी आज की चाणक्य नीति।

1. गुप्त शत्रु की पहचान:

आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र में ऐसे व्यक्ति से सबसे ज्यादा सावधान रहने को कहा गया है जो मुंह पर तो दोस्त बनता है, लेकिन पीठ पीछे नुकसान पहुंचाता है।

श्लोक:

परोक्षे कार्यहन्तारं प्रत्यक्षे प्रियवादिनम्।

वर्जयेत्तादृशं मित्रं विषकुम्भं पयोमुखम्॥

श्लोक का अर्थ:

चाणक्य का मानना है कि जो व्यक्ति आपके सामने मीठी बातें करता है, लेकिन आपके पीठ पीछे आपके बने-बनाए काम को बिगाड़ता है, वह गुप्त शत्रु है। चाणक्य कहते हैं कि ऐसे मित्र को फौरन उसी तरह छोड़ या त्याग देना चाहिए जैसे उस घड़े को फेंक दिया जाता है जिसके ऊपर तो थोड़ा दूध होता है, लेकिन अंदर पूरी तरह जहर से भरा होता है।

2. सच्चे मित्र की परीक्षा और पहचान:

चाणक्य के अनुसार सच्चे मित्र की पहचान और हकीकत सामान्य दिनों में नहीं, बल्कि केवल कठिन परिस्थितियों में सामने आती है। जो व्यक्ति आपके बुरे वक्त, गरीबी या बीमारी में साथ खड़ा रहे वही सच्चा मित्र होता है। चाणक्य कहते हैं कि सुख में तो हर कोई रिश्तेदार और मित्र बन जाता है।

श्लोक:

उत्सवे व्यसने चैव दुर्भिक्षे राष्ट्रविप्लवे।

राजद्वारे श्मशाने च यस्तिष्ठति स बान्धवः॥

श्लोक का अर्थ:

सच्चा मित्र या बंधु वही है जो आपके साथ इन 6 परिस्थितियों में हमेशा खड़ा रहे:

उत्सव: खुशी के समय में।

व्यसन: अचानक आए किसी व्यक्तिगत विपत्ति या संकट में।

दुर्भिक्ष: अकाल या आर्थिक तंगी समय।

राष्ट्रविप्लव: देश या समाज पर आए संकट के समय।

राजद्वारे: न्यायालय या सरकारी/कानूनी मामलों में साथ देने के लिए।

श्मशान: दुख और शोक की अंतिम घड़ी में।

चाणक्य नीति का मुख्य सार:

चाणत्य कहते हैं कि जो व्यक्ति सिर्फ आपकी संपत्ति, सामर्थ्य या धन को देखकर साथ है, वह मित्र नहीं हो सकता है। संकट के समय जो बिना बुलाए मदद के लिए खड़ा होता है, वही सच्चा मित्र कहा जाता है। चाणक्य कहते हैं कि दुष्ट मित्र पर कभी भरोसा नहीं करना चाहिए। सच्चे मित्र पर भी आंख मूंदकर विश्वास नहीं करना चाहिए क्योंकि अगर किसी दिन मनमुटाव हुआ, तो वह आपके गुप्त भेद या छिपे हुए राज सार्वजनिक कर सकता है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Saumya Tiwari

लेखक के बारे में

Saumya Tiwari

संक्षिप्त विवरण

सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।


विस्तृत बायो


परिचय और अनुभव

सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।


इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।


इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।


व्यक्तिगत रुचियां

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।


विशेषज्ञता

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