Quote of the day: ऐसी जगह पर आकर मां लक्ष्मी स्वयं करती हैं निवास, पढ़ें आचार्य चाणक्य के विचार
Aaj ka suvichar 15 June 2026: मां लक्ष्मी को ‘चंचला’ कहा जाता है, जिसका अर्थ है कि उनका स्थाई वास नहीं होता है। आचार्य चाणक्य ने एक श्लोक के माध्यम से बताया है कि मां लक्ष्मी किस जगह पर स्वयं आकर वास करती हैं।

Quote of the day 15 June 2026, आज का सुविचार चाणक्य नीति: हिंदू धर्म शास्त्रों में मां लक्ष्मी को चंचला कहा गया है। चंचला का अर्थ है जो एक स्थान पर स्थिर नहीं रहे। कहा जाता है कि मां लक्ष्मी का वास वहां होता है जहां वातावरण, आचरण और ऊर्जा योग्य होती है। हर व्यक्ति मां लक्ष्मी की कृपा पाना चाहता है, जिसके लिए कई उपाय भी करता है। आचार्य चाणक्य ने अपनी रचना नीति शास्त्र में बताया है कि मां लक्ष्मी किस स्थान या जगह पर खुद वास करती हैं। पढ़ें आज 15 जून 2026, सोमवार का सुविचार।
श्लोक-
मूर्खाः यत्र न पूज्यन्ते धान्यं यत्र सुसंचितम् ।
दाम्पत्योः कलहो नास्ति तत्र श्री स्वयमागता ।।
श्लोक का अर्थ:
चाणक्य ने इस श्लोक के माध्यम से बताया है कि जहां मूर्खों की पूजा नहीं होती है, जहां अन्न काफी मात्रा में इकट्ठे रहते हैं। जहां पति-पत्नी में किसी प्रकार की कलह या लड़ाई-झगड़ा नहीं होता है। ऐसे स्थान पर मां लक्ष्मी स्वयं आकर निवास करने लगती हैं।
श्लोक का सार:
आचार्य चाणक्य का मानना है कि जो लोग मूर्ख लोगों की जगह ज्ञान और गुणवान व्यक्ति का आदर-सम्मान करते हैं जो अपने गोदामों में या घरों में अन्न का संग्रह करते हैं। जिस घर में किसी प्रकार का कोई मतभेद या कलह नहीं होती है उन लोगों की धन-संपदा अपने आप बढ़ने लगती है।
चाणक्य के अनुसार, मां लक्ष्मी का स्वभाव एक स्थान पर रुकना नहीं है, लेकिन जिस घर में प्रवेश करती है उसे अपनी इच्छा से नहीं छोड़ती हैं। मां लक्ष्मी का वास वहीं होता है, जहां पवित्रता, अच्छा आचरण और सही कर्म होते हैं। जहां प्रेम होता है, आलस्य के लिए कोई स्थान नहीं होता है और बड़ों का सम्मान होता है, ऐसी जगह पर भी मां लक्ष्मी वास करती हैं।
किस स्थान पर मां लक्ष्मी नहीं करती हैं वास-
मां लक्ष्मी उस जगह पर वास नहीं करती हैं जहां साफ-सफाई का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा जाता है। या जिस घर के लोग गंदे या मैले कपड़े पहनते हैं। मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए घर की साफ-सफाई के साथ स्वयं की भी स्वच्छता का ध्यान रखना चाहिए।
चाणक्य नीति के अनुसार, जो लोग जरूरत से अधिक भोजन करते हैं, वहां मां लक्ष्मी का वास नहीं होता है। जिन घरों में लोग सूर्योदय से पूर्व नहीं जागते या सूर्यास्त से पूर्व ही सो जाते हैं, ऐसे घरों में मां लक्ष्मी प्रवेश नहीं करती हैं।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Saumya Tiwariसंक्षिप्त विवरण
सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।
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परिचय और अनुभव
सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।
इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।
इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।
विशेषज्ञता
ग्रह और नक्षत्रों का राशि पर असर
फेंगशुई
वास्तु शास्त्र
अंक शास्त्र
रत्न विज्ञान


