अधिकमास पूर्णिमा: घर पर आसान तरीके से करें लक्ष्मी नारायण पूजा, पढ़ें सुबह-शाम के मुहूर्त और उपाय
Purnima Time Lakshima Pooja 2026 : अधिक मास की पूर्णिमा के दिन पवित्र नदी में गंगा स्नान, व्रत उपासना और दान करने का खास महत्व माना जाता है। अधिक मास की पूर्णिमा का संयोग इस साल 2 दिन के लिए बन रहा है।

Purnima Time Lakshima Pooja 2026 : हिंदू धर्म में पूर्णिमा का दिन बेहद खास माना जाता है। इस दिन विशेष तौर पर मां लक्ष्मी और चंद्र देव की आराधना की जाती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, अधिक मास की पूर्णिमा का संयोग इस साल 2 दिन बन रहा है। ऐसे में दोनों दिन मां लक्ष्मी की उपासना करना अति उत्तम माना जा रहा है। अधिक मास की पूर्णिमा के दिन पवित्र नदी में गंगा स्नान और दान करने का भी खास महत्व है। पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, उदया तिथि में 31 मार्च को पूर्णिमा का स्नान और दान किया जाएगा। वहीं, व्रत और संध्या पूजन 30 मई के दिन होगा। आइए जानते हैं पूर्णिमा पर लक्ष्मी और नारायण की पूजा कैसे करें, मुहूर्त और उपाय-
अधिक मास की पूर्णिमा पर घर पर आसान तरीके से करें लक्ष्मी नारायण पूजा, पढ़ें सुबह-शाम के मुहूर्त और उपाय
- अधिक मास की पूर्णिमा तिथि के दिन ब्रह्म मुहूर्त में नदी में स्नान करने का विशेष महत्व माना जाता है।
- अगर आप नदी में स्नान नहीं कर सकते तो नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर घर में ही स्नान करें।
- इस दिन लक्ष्मी नारायण की साथ में विधिवर्त पूजा करनी चाहिए।
- भगवान श्री हरि विष्णु और लक्ष्मी जी का जलाभिषेक करें।
- माता का पंचामृत सहित गंगाजल से अभिषेक करें।
- इस दिन विष्णु भगवान को पीले रंग के फल, चंदन, फूल और वस्त्र चढ़ाने चाहिए।
- मां लक्ष्मी को गुलाबी या लाल रंग के फूल, चंदन और श्रृंगार का सामान चढ़ाना चाहिए।
- मंदिर में घी का दीपक प्रज्वलित करें।
- अधिक मास की पूर्णिमा के दिन सत्यनारायण की कथा पढ़ना पुण्यदायक माना जाता है।
- पूर्णिमा व्रत रख रहें हैं तो हाथ में फूल और अक्षत लेकर व्रत का संकल्प करें।
- भगवान श्री हरि विष्णु और लक्ष्मी जी की आरती करें।
- माता को खीर, पंचामृत, सूखे मेवे, फल का भोग लगाएं।
- चंद्रोदय होने के बाद पवित्र जल में कच्चा दूध मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य देना शुभ माना जाता है।
- अंत में क्षमा प्रार्थना करें।
सुबह-शाम के मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त 04:03 ए एम से 04:43 ए एम
- अभिजित मुहूर्त 11:51 ए एम से 12:46 पी एम
- विजय मुहूर्त 02:37 पी एम से 03:32 पी एम
- गोधूलि मुहूर्त 07:12 पी एम से 07:33 पी एम
- अमृत काल 04:33 ए एम, मई 31 से 06:21 ए एम, मई 31
- निशिता मुहूर्त 11:58 पी एम से 12:39 ए एम, मई 31
- रवि योग 05:24 ए एम से 01:20 पी एम
- शुभ - उत्तम 07:08 ए एम से 08:51 ए एम
- चर - सामान्य 12:19 पी एम से 02:02 पी एम
- अमृत - सर्वोत्तम 03:46 पी एम से 05:30 पी एम
- शुभ - उत्तम 09:46 पी एम से 11:02 पी एम
- अमृत - सर्वोत्तम 11:02 पी एम से 12:19 ए एम, मई 31
कब निकलेगा चांद- ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा व्रत के दिन चन्द्रोदय का समय शाम में 06:40 मिनट रहेगा।
31 मई को स्नान-दान का मुहूर्त- हिंदू पंचांग के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त 04:03 बजे से 04:43 बजे तक (सुबह), लाभ - उन्नति 08:51 बजे से 10:35 बजे तक (सुबह)
क्या उपाय करें?
अधिक मास की पूर्णिमा के दिन श्री सूक्तम स्तोत्र या कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
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